B.Sc Botany Semester–2 (MJC–2)
Unit–2 : Enzymes
Enzymes जीवित कोशिकाओं में पाए जाने वाले अत्यंत महत्वपूर्ण जैविक पदार्थ हैं। ये शरीर के अंदर होने वाली रासायनिक क्रियाओं को नियंत्रित और तेज करने का कार्य करते हैं। अगर enzymes न हों, तो शरीर की कई जरूरी प्रक्रियाएँ बहुत धीमी हो जाएँगी।
इस अध्याय में हम Enzymes की संरचना, कार्य, महत्व और उनके कार्य करने की प्रक्रिया को आसान भाषा में समझेंगे।
Enzyme क्या है? इसकी खोज, महत्व और कार्य
हमारे शरीर के अंदर हर समय हजारों रासायनिक क्रियाएँ होती रहती हैं। जैसे भोजन का पचना, ऊर्जा बनना, नई कोशिकाओं का निर्माण और शरीर का विकास।
इन सभी कार्यों को सही गति से करवाने के लिए शरीर को विशेष जैविक पदार्थों की जरूरत पड़ती है। इन्हीं विशेष पदार्थों को Enzyme कहा जाता है।
Enzyme क्या है?
Enzyme एक जैविक उत्प्रेरक (Biological Catalyst) होता है जो शरीर में होने वाली रासायनिक क्रियाओं की गति को बढ़ाता है।
यह Reaction को तेज तो करता है, लेकिन खुद स्थायी रूप से नष्ट नहीं होता।
अधिकांश enzymes प्रोटीन से बने होते हैं और बहुत कम मात्रा में मौजूद होकर भी तेजी से कार्य कर सकते हैं।
उदाहरण के लिए जब हम भोजन करते हैं, तब उसे छोटे-छोटे भागों में तोड़कर पचाने का काम enzymes ही करते हैं।
Biological Catalyst का अर्थ
Catalyst ऐसे पदार्थ को कहा जाता है जो किसी Chemical Reaction की गति बढ़ा दे, लेकिन खुद उस Reaction के बाद समाप्त न हो।
जब यही Catalyst जीवित कोशिकाओं के अंदर कार्य करता है, तब उसे Biological Catalyst कहा जाता है।
Enzyme इसी प्रकार का Biological Catalyst है।
सामान्य Catalyst और Enzyme में अंतर
| सामान्य Catalyst | Enzyme |
|---|---|
| यह सामान्य रासायनिक क्रियाओं में कार्य करता है | यह जीवित कोशिकाओं में कार्य करता है |
| यह किसी भी Reaction में कार्य कर सकता है | हर enzyme का अपना विशेष कार्य होता है |
| उच्च तापमान पर भी कार्य कर सकता है | अधिक तापमान पर प्रभावित हो सकता है |
| यह प्रोटीन नहीं होता | अधिकांश enzymes प्रोटीन से बने होते हैं |
Enzyme की खोज
Enzyme की खोज विज्ञान के इतिहास में एक महत्वपूर्ण उपलब्धि मानी जाती है।
सबसे पहले वैज्ञानिकों ने यह देखा कि कुछ पदार्थ भोजन को अपने-आप बदल देते हैं।
1833 में वैज्ञानिक Anselme Payen और Persoz ने एक ऐसे पदार्थ की खोज की जो Starch को Sugar में बदल देता था।
उन्होंने उस पदार्थ का नाम Diastase रखा।
इसके बाद वैज्ञानिकों को धीरे-धीरे यह समझ आया कि जीवित कोशिकाओं में ऐसे कई पदार्थ मौजूद होते हैं जो रासायनिक क्रियाओं को नियंत्रित करते हैं।
1878 में Wilhelm Kühne ने पहली बार “Enzyme” शब्द का उपयोग किया।
Enzymes की मुख्य विशेषताएँ
- Enzymes रासायनिक क्रियाओं की गति बढ़ाते हैं
- ये बहुत कम मात्रा में भी प्रभावी होते हैं
- अधिकांश enzymes प्रोटीन से बने होते हैं
- हर enzyme का अपना अलग कार्य होता है
- ये Reaction के बाद नष्ट नहीं होते
- अत्यधिक तापमान enzyme की क्रिया को प्रभावित कर सकता है
Enzymes शरीर के लिए क्यों जरूरी हैं?
Enzymes के बिना शरीर की सामान्य प्रक्रियाएँ सही तरीके से नहीं चल पाएँगी।
ये भोजन को पचाने, ऊर्जा बनाने और शरीर के अंदर संतुलन बनाए रखने में मदद करते हैं।
अगर शरीर में enzymes की कमी हो जाए, तो कई प्रकार की स्वास्थ्य समस्याएँ हो सकती हैं।
Enzymes के मुख्य कार्य
- भोजन को पचाने में सहायता करना
- ऊर्जा उत्पादन में मदद करना
- नई कोशिकाओं के निर्माण में भाग लेना
- शरीर की Metabolism क्रियाओं को नियंत्रित करना
- DNA और RNA से जुड़ी प्रक्रियाओं में सहायता करना
- शरीर के अंदर Chemical Balance बनाए रखना
दैनिक जीवन में Enzymes का महत्व
Enzymes केवल शरीर के अंदर ही नहीं, बल्कि उद्योगों और चिकित्सा क्षेत्र में भी उपयोग किए जाते हैं।
- दही और Bread बनाने में
- दवाइयों के निर्माण में
- डिटर्जेंट उद्योग में
- Biotechnology में
- Food Industry में
परीक्षा में अक्सर Enzyme की परिभाषा, विशेषताएँ और महत्व से जुड़े प्रश्न पूछे जाते हैं।
इस प्रकार Enzymes जीवित कोशिकाओं के लिए अत्यंत आवश्यक जैविक पदार्थ हैं। ये शरीर की रासायनिक क्रियाओं को तेज और नियंत्रित करने का कार्य करते हैं।
Enzymes का Classification (वर्गीकरण)
पिछले Part में हमने समझा कि Enzyme क्या होता है और यह हमारे शरीर के लिए क्यों जरूरी है।
अब सवाल आता है कि जब शरीर में हजारों प्रकार के enzymes पाए जाते हैं, तो वैज्ञानिक उन्हें पहचानते कैसे हैं?
इसी समस्या को आसान बनाने के लिए enzymes को उनके कार्य के आधार पर अलग-अलग समूहों में बाँटा गया।
इसी प्रक्रिया को Enzyme Classification कहा जाता है।
Enzyme Classification क्या है?
जब enzymes को उनके कार्य और वे किस प्रकार की Chemical Reaction करवाते हैं, उसके आधार पर अलग-अलग Classes में बाँटा जाता है, तो उसे Enzyme Classification कहते हैं।
इससे यह समझना आसान हो जाता है कि कौन-सा enzyme किस प्रकार का कार्य करता है।
यह Classification वैज्ञानिक अध्ययन और Research दोनों में बहुत उपयोगी माना जाता है।
IUB System क्या है?
Enzymes का वैज्ञानिक Classification International Union of Biochemistry द्वारा तैयार किया गया था।
इस System में enzymes को उनके कार्य के आधार पर अलग-अलग Classes में रखा गया।
IUB System के अनुसार enzymes को मुख्य रूप से 6 Classes में बाँटा गया है।
1. Oxidoreductase
ये enzymes Oxidation और Reduction Reactions में भाग लेते हैं।
इनका मुख्य कार्य एक पदार्थ से दूसरे पदार्थ में Electron या Hydrogen को Transfer करना होता है।
सरल शब्दों में कहें तो ये शरीर में Energy से जुड़ी प्रक्रियाओं में मदद करते हैं।
उदाहरण:
- Oxidase
- Peroxidase
- Dehydrogenase
2. Transferase
Transferase enzymes एक Molecule से दूसरे Molecule में Functional Group को Transfer करने का काम करते हैं।
ये शरीर की कई महत्वपूर्ण Metabolic Activities में भाग लेते हैं।
उदाहरण:
- Kinase
- Transaminase
- Methyl Transferase
3. Hydrolase
Hydrolase enzymes पानी की सहायता से बड़े Molecules को छोटे भागों में तोड़ते हैं।
हमारे Digestive System में पाए जाने वाले कई महत्वपूर्ण enzymes इसी वर्ग में आते हैं।
उदाहरण:
- Amylase
- Lipase
- Protease
ये भोजन को पचाने में बहुत महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं।
4. Lyase
Lyase enzymes बिना पानी या Oxidation की सहायता के किसी Molecule को तोड़ने या जोड़ने का कार्य करते हैं।
ये Double Bond बनाने या हटाने में सहायता करते हैं।
उदाहरण:
- Fumarase
- Decarboxylase
5. Isomerase
Isomerase enzymes किसी Molecule की आंतरिक संरचना को बदल देते हैं।
इनका कार्य एक ही Molecule को दूसरे रूप में परिवर्तित करना होता है।
उदाहरण:
- Mutase
- Racemase
6. Ligase
Ligase enzymes दो छोटे Molecules को जोड़कर बड़ा Molecule बनाते हैं।
इस प्रक्रिया में सामान्यतः ऊर्जा की आवश्यकता होती है।
DNA Repair और Genetic Processes में इनका विशेष महत्व होता है।
उदाहरण:
- DNA Ligase
- Synthetase
Classification को याद रखने का आसान तरीका
Enzymes की 6 मुख्य Classes को याद रखने के लिए छात्र अक्सर Short Trick का उपयोग करते हैं।
Oxidoreductase → Transferase → Hydrolase → Lyase → Isomerase → Ligase
अगर इन Classes के मुख्य कार्य को समझ लिया जाए, तो Classification बहुत आसान हो जाता है।
Classification का महत्व
Enzyme Classification की सहायता से वैज्ञानिक आसानी से समझ पाते हैं कि कौन-सा enzyme कौन-सी Reaction करवाता है।
इसका उपयोग Biotechnology, Genetics, Medicine और Research जैसे क्षेत्रों में किया जाता है।
यह System enzymes की पहचान को आसान और व्यवस्थित बनाता है।
इस प्रकार enzymes को उनके कार्य के आधार पर अलग-अलग Classes में बाँटा गया है।
हर Class का अपना अलग कार्य होता है और शरीर में सभी enzymes मिलकर विभिन्न जैविक प्रक्रियाओं को नियंत्रित करते हैं।
Physico-Chemical Properties of Enzymes
अगर enzymes को शरीर का “काम करने वाला अदृश्य सहायक” कहा जाए, तो गलत नहीं होगा। हमारे शरीर के अंदर जो भी जरूरी रासायनिक क्रियाएँ होती हैं, उनमें enzymes किसी न किसी रूप में शामिल रहते हैं।
लेकिन enzymes हर परिस्थिति में एक जैसे काम नहीं करते। कभी उनकी गति तेज हो जाती है और कभी बहुत धीमी।
ऐसा इसलिए होता है क्योंकि enzymes की अपनी कुछ विशेष भौतिक और रासायनिक विशेषताएँ होती हैं। इन्हीं विशेषताओं को Physico-Chemical Properties कहा जाता है।
Enzymes की बनावट कैसी होती है?
अधिकांश enzymes प्रोटीन से बने होते हैं। इसी वजह से इनकी Structure बहुत Sensitive होती है।
अगर बाहरी वातावरण ज्यादा बदल जाए, जैसे बहुत अधिक गर्मी या pH में बदलाव, तो enzyme की Shape प्रभावित हो सकती है।
और जैसे ही Shape बदलती है, enzyme का काम भी प्रभावित होने लगता है।
यही कारण है कि enzymes को बहुत ज्यादा गर्म करने पर वे सही तरीके से कार्य नहीं कर पाते।
हर enzyme का अपना अलग काम होता है
Enzymes की सबसे खास बात यह है कि हर enzyme का कार्य अलग होता है।
कोई enzyme केवल Starch पर काम करता है, तो कोई केवल Fat पर।
उदाहरण के लिए:
Amylase केवल Starch को तोड़ता है। Lipase केवल Fat पर कार्य करता है।
इसका मतलब यह हुआ कि हर enzyme केवल अपने निश्चित Substrate को ही पहचानता है।
इसे ऐसे समझ सकते हैं जैसे हर ताले के लिए अलग चाबी होती है।
बहुत कम मात्रा में भी प्रभावी
Enzymes की मात्रा शरीर में बहुत कम होती है, लेकिन फिर भी ये बहुत तेजी से काम कर सकते हैं।
एक छोटा-सा enzyme हजारों Chemical Reactions को पूरा करने में मदद कर सकता है।
इसी वजह से enzymes को अत्यधिक प्रभावशाली माना जाता है।
Temperature बदलने पर क्या असर पड़ता है?
Temperature enzyme की Activity को सीधे प्रभावित करता है।
जब तापमान धीरे-धीरे बढ़ता है, तब enzyme तेजी से काम करने लगता है।
लेकिन अगर तापमान बहुत ज्यादा बढ़ जाए, तो enzyme की Structure खराब होने लगती है।
इस स्थिति को Denaturation कहा जाता है।
मानव शरीर के अधिकांश enzymes लगभग 37°C तापमान पर सबसे अच्छा कार्य करते हैं।
pH भी बहुत महत्वपूर्ण होता है
हर enzyme के लिए एक निश्चित pH Range सबसे उपयुक्त होता है।
अगर वातावरण बहुत ज्यादा अम्लीय (Acidic) या बहुत ज्यादा क्षारीय (Basic) हो जाए, तो enzyme की कार्यक्षमता कम हो सकती है।
जैसे:
- Pepsin पेट में Acidic Medium में अच्छा कार्य करता है
- Trypsin आँत में Basic Medium में अधिक सक्रिय रहता है

Reaction पूरी होने के बाद भी enzyme बचा रहता है
Enzyme की एक और महत्वपूर्ण विशेषता यह है कि Reaction खत्म होने के बाद भी enzyme नष्ट नहीं होता।
वह दोबारा नई Reaction में भाग लेने के लिए तैयार रहता है।
यही कारण है कि शरीर बार-बार उन्हीं enzymes का उपयोग कर पाता है।
Enzymes Reaction की गति बढ़ा देते हैं
शरीर की कई रासायनिक क्रियाएँ सामान्य स्थिति में बहुत धीरे होतीं।
लेकिन enzymes उन Reactions को बहुत तेजी से पूरा कर देते हैं।
अगर enzymes न हों, तो कई जरूरी प्रक्रियाएँ पूरी होने में बहुत अधिक समय लग सकता है।
पानी में enzymes का व्यवहार
Enzymes पानी में घुलकर Colloidal Solution बनाते हैं।
इससे उन्हें Substrate तक पहुँचने और तेजी से Reaction करवाने में मदद मिलती है।
इस तरह enzymes की अलग-अलग Properties उन्हें शरीर के अंदर सही तरीके से कार्य करने में मदद करती हैं।
अगर वातावरण अनुकूल रहे, तो enzymes बहुत तेजी और सटीकता से कार्य करते हैं।
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