📚 BRABU MJC-2 Botany Notes 2026
Part 1: Cell Cycle - Introduction and Importance
जब भी हम किसी जीवित (living) organism को देखते हैं, चाहे वह एक छोटा सा पौधा हो, एक विशाल पेड़ हो या फिर इंसान, सभी के शरीर में करोड़ों-अरबों कोशिकाएँ (cells) होती हैं। ये कोशिकाएँ हमेशा एक जैसी नहीं रहतीं। समय के साथ ये बढ़ती हैं, अपना कार्य करती हैं और आवश्यकता पड़ने पर नई कोशिकाएँ भी बनाती हैं।
यही कारण है कि हमारे शरीर में पुरानी और क्षतिग्रस्त (damaged) कोशिकाओं की जगह नई कोशिकाएँ आती रहती हैं। यदि ऐसा न हो तो शरीर का विकास (growth), ऊतकों की मरम्मत (repair) और जीवन की निरंतरता संभव नहीं हो पाएगी।
कोशिका के जन्म से लेकर उसके विभाजन (division) तक होने वाली पूरी प्रक्रिया को Cell Cycle कहा जाता है। यह Biology का एक अत्यंत महत्वपूर्ण विषय है क्योंकि यही प्रक्रिया जीवों की वृद्धि, विकास और प्रजनन का आधार बनती है।
Cell Cycle क्या है?
सरल शब्दों में कहा जाए तो Cell Cycle वह क्रमिक प्रक्रिया (sequential process) है जिसमें एक कोशिका (cell) पहले बढ़ती है, फिर अपने अंदर मौजूद आनुवंशिक पदार्थ (genetic material) की प्रतिलिपि बनाती है और अंत में विभाजित होकर दो नई कोशिकाएँ बनाती है।
दूसरे शब्दों में,
Cell Cycle = एक कोशिका के निर्माण से लेकर उसके अगले विभाजन तक का पूरा जीवन चक्र।
Cell Cycle एक व्यवस्थित (organized) प्रक्रिया है। इसमें प्रत्येक चरण निश्चित क्रम में पूरा होता है। यदि किसी चरण में गड़बड़ी हो जाए तो कोशिका का सामान्य कार्य प्रभावित हो सकता है।
Cell Cycle को समझना क्यों जरूरी है?
अक्सर विद्यार्थी यह प्रश्न पूछते हैं कि Cell Cycle पढ़ने की आवश्यकता क्या है। वास्तव में Biology के अनेक महत्वपूर्ण विषय Cell Cycle पर ही आधारित हैं।
जब कोई पौधा अंकुरित होता है, जब किसी पेड़ में नई पत्तियाँ आती हैं, जब शरीर में घाव भरता है या जब एक जीव से दूसरा जीव उत्पन्न होता है, तब कहीं न कहीं Cell Cycle की भूमिका अवश्य होती है।
इसी कारण Cell Cycle को जीव विज्ञान (Biology) की मूलभूत प्रक्रियाओं में गिना जाता है।
Cell Cycle की खोज (Discovery of Cell Cycle)
Cell Cycle की अवधारणा धीरे-धीरे विकसित हुई। वैज्ञानिकों ने सूक्ष्मदर्शी (microscope) की सहायता से कोशिकाओं का अध्ययन किया और पाया कि कोशिकाएँ लगातार विभाजित होती रहती हैं।
बाद में वैज्ञानिकों ने यह समझा कि कोशिका विभाजन अचानक नहीं होता बल्कि इसके पहले कई महत्वपूर्ण घटनाएँ होती हैं। इन सभी घटनाओं को मिलाकर Cell Cycle की संकल्पना विकसित हुई।
आज आधुनिक Cell Biology में Cell Cycle का अध्ययन अत्यंत महत्वपूर्ण माना जाता है क्योंकि इसके माध्यम से Cancer, Genetic Disorders तथा कई अन्य जैविक प्रक्रियाओं को समझा जाता है।
Cell Cycle की मुख्य विशेषताएँ (Characteristics of Cell Cycle)
| विशेषता | विवरण |
|---|---|
| निरंतर प्रक्रिया | Cell Cycle लगातार चलता रहता है। |
| संगठित प्रक्रिया | सभी चरण निश्चित क्रम में पूरे होते हैं। |
| विकास से संबंध | जीवों की वृद्धि और विकास Cell Cycle पर निर्भर करता है। |
| नई कोशिकाओं का निर्माण | नई कोशिकाएँ Cell Cycle के माध्यम से बनती हैं। |
| Genetic Stability | आनुवंशिक जानकारी नई कोशिकाओं तक पहुँचती है। |
जीवन में Cell Cycle का महत्व (Importance of Cell Cycle)
Cell Cycle केवल कोशिका विभाजन तक सीमित नहीं है। इसका महत्व जीवों के जीवन के लगभग हर चरण में देखा जा सकता है।
1. Growth (वृद्धि) में भूमिका
किसी भी जीव की वृद्धि कोशिकाओं की संख्या बढ़ने से होती है। जब कोशिकाएँ विभाजित होकर नई कोशिकाएँ बनाती हैं, तब शरीर का आकार बढ़ता है।
उदाहरण के लिए, एक छोटा पौधा धीरे-धीरे बड़ा पेड़ बन जाता है। यह वृद्धि Cell Cycle के कारण ही संभव होती है।
2. Damaged Cells की मरम्मत
शरीर में कई बार कोशिकाएँ चोट, संक्रमण या अन्य कारणों से नष्ट हो जाती हैं। ऐसी स्थिति में नई कोशिकाएँ बनाकर क्षतिग्रस्त भाग की मरम्मत की जाती है।
यदि Cell Cycle न हो तो शरीर स्वयं को ठीक नहीं कर पाएगा।
3. Dead Cells का Replacement
हमारे शरीर में प्रतिदिन लाखों कोशिकाएँ नष्ट होती हैं। उनकी जगह नई कोशिकाएँ आती रहती हैं। यह कार्य भी Cell Cycle द्वारा किया जाता है।
4. Reproduction में योगदान
कई जीवों में प्रजनन (reproduction) की प्रक्रिया कोशिका विभाजन पर आधारित होती है। नई संतति के निर्माण में Cell Cycle महत्वपूर्ण भूमिका निभाता है।
5. Genetic Information का संरक्षण
Cell Cycle यह सुनिश्चित करता है कि DNA की जानकारी सही प्रकार से नई कोशिकाओं तक पहुँचे।
यदि यह प्रक्रिया सही ढंग से न हो तो आनुवंशिक त्रुटियाँ (genetic errors) उत्पन्न हो सकती हैं।
Plant Biology में Cell Cycle का महत्व
Botany के विद्यार्थियों के लिए Cell Cycle का महत्व और भी अधिक है क्योंकि पौधों की वृद्धि पूरी तरह कोशिका विभाजन पर निर्भर करती है।
जड़ों (roots) और तनों (shoots) के शीर्ष भागों में स्थित Meristematic Cells लगातार विभाजित होती रहती हैं। इन्हीं कोशिकाओं की सक्रियता के कारण पौधे की लंबाई और मोटाई बढ़ती है।
नई पत्तियों, फूलों, फलों तथा बीजों के निर्माण में भी Cell Cycle महत्वपूर्ण भूमिका निभाता है।
Medical Science में Cell Cycle का महत्व
Cell Cycle का अध्ययन केवल Botany या Biology तक सीमित नहीं है। आधुनिक चिकित्सा विज्ञान (Medical Science) में भी इसका अत्यधिक महत्व है।
Cancer जैसी बीमारी तब उत्पन्न होती है जब कोशिकाएँ Cell Cycle के नियंत्रण से बाहर होकर अनियंत्रित रूप से विभाजित होने लगती हैं।
इसी कारण वैज्ञानिक Cell Cycle का अध्ययन करके Cancer तथा अन्य रोगों के उपचार की नई तकनीकों का विकास करते हैं।
Cell Cycle वह क्रमिक प्रक्रिया है जिसमें एक कोशिका वृद्धि करती है, DNA की प्रतिलिपि बनाती है तथा अंत में विभाजित होकर नई कोशिकाएँ उत्पन्न करती है। यह प्रक्रिया जीवों की वृद्धि, ऊतक मरम्मत, प्रजनन और आनुवंशिक जानकारी के संरक्षण के लिए अत्यंत आवश्यक है।
Topic Summary
- Cell Cycle कोशिका का जीवन चक्र है।
- यह एक संगठित और क्रमबद्ध प्रक्रिया है।
- जीवों की वृद्धि और विकास Cell Cycle पर निर्भर करता है।
- क्षतिग्रस्त कोशिकाओं की मरम्मत में इसकी महत्वपूर्ण भूमिका होती है।
- Genetic Information नई कोशिकाओं तक पहुँचाने का कार्य भी Cell Cycle करता है।
- Cancer जैसी बीमारियों को समझने में Cell Cycle अत्यंत महत्वपूर्ण है।
Phases of Cell Cycle
अब तक हमने समझा कि Cell Cycle एक ऐसी प्रक्रिया है जिसमें एक कोशिका (cell) बढ़ती है, अपने DNA की प्रतिलिपि (copy) बनाती है और फिर नई कोशिकाओं का निर्माण करती है। लेकिन यह सब एक ही बार में नहीं हो जाता। Cell Cycle कई चरणों (phases) में पूरा होता है और प्रत्येक चरण का अपना अलग कार्य होता है।
यदि Cell Cycle को एक विद्यार्थी की परीक्षा की तैयारी से तुलना करें, तो पहले विद्यार्थी पढ़ाई करता है, फिर नोट्स तैयार करता है, उसके बाद परीक्षा देता है। ठीक इसी प्रकार कोशिका भी विभाजन से पहले कई महत्वपूर्ण तैयारियाँ करती है।
वैज्ञानिकों ने Cell Cycle को मुख्य रूप से दो बड़े भागों में बाँटा है:
| मुख्य भाग | कार्य |
|---|---|
| Interphase | कोशिका की वृद्धि तथा DNA की तैयारी |
| M Phase (Mitotic Phase) | कोशिका का वास्तविक विभाजन |
Cell Cycle का सबसे लंबा भाग Interphase होता है। सामान्यतः कोशिका अपने जीवन का लगभग 90% समय Interphase में ही बिताती है।
Interphase क्या है?
Interphase वह चरण है जिसमें कोशिका सक्रिय रूप से वृद्धि करती है और आगामी विभाजन के लिए स्वयं को तैयार करती है। पहले वैज्ञानिक इसे Resting Phase मानते थे, लेकिन बाद में पता चला कि इस समय कोशिका के अंदर सबसे अधिक जैविक गतिविधियाँ (biological activities) होती हैं।
यही कारण है कि आज Interphase को Cell Cycle का सबसे महत्वपूर्ण चरण माना जाता है।
Interphase को तीन भागों में विभाजित किया जाता है:
- G1 Phase (Gap 1 Phase)
- S Phase (Synthesis Phase)
- G2 Phase (Gap 2 Phase)
1. G1 Phase (Gap 1 Phase)
G1 Phase Cell Cycle का पहला चरण होता है। यह कोशिका विभाजन के तुरंत बाद शुरू होता है। इस समय नई बनी कोशिका अपने आकार (size) को बढ़ाती है और सामान्य कार्यों को करने लगती है।
इस चरण में कोशिका के अंदर प्रोटीन (proteins), RNA तथा विभिन्न एंजाइमों (enzymes) का निर्माण तेजी से होता है। दूसरे शब्दों में कहा जाए तो कोशिका स्वयं को मजबूत बनाती है ताकि आगे आने वाले चरणों को सफलतापूर्वक पूरा कर सके।
G1 Phase में होने वाली प्रमुख गतिविधियाँ
- कोशिका का आकार बढ़ता है।
- नई कोशिकांगों (organelles) का निर्माण होता है।
- Protein synthesis तेज़ी से होता है।
- RNA का निर्माण होता है।
- DNA Replication की तैयारी शुरू होती है।
यदि किसी कारण से कोशिका को पर्याप्त पोषण (nutrition) या अनुकूल परिस्थितियाँ नहीं मिलतीं, तो वह आगे नहीं बढ़ती और Cell Cycle अस्थायी रूप से रुक सकता है।
G1 Phase को Cell Growth Phase भी कहा जाता है क्योंकि इस चरण में कोशिका मुख्य रूप से अपने आकार और जैविक गतिविधियों को बढ़ाने का कार्य करती है।
अगले चरण में कोशिका S Phase में प्रवेश करती है, जहाँ DNA की प्रतिलिपि (DNA Replication) बनती है। यही प्रक्रिया सुनिश्चित करती है कि विभाजन के बाद बनने वाली नई कोशिकाओं को समान आनुवंशिक जानकारी प्राप्त हो।
S Phase (Synthesis Phase) – DNA Copy बनने का सबसे महत्वपूर्ण चरण
Cell Cycle का यह चरण Biology के सबसे महत्वपूर्ण चरणों में से एक माना जाता है। यदि G1 Phase को तैयारी (preparation phase) कहा जाए, तो S Phase को असली काम (working phase) कहा जा सकता है। इसी चरण में कोशिका अपने भविष्य की योजना तैयार करती है।
S Phase का पूरा नाम Synthesis Phase है। यहाँ S का अर्थ Synthesis अर्थात निर्माण (formation) से है। इस चरण में कोशिका अपने DNA की एक अतिरिक्त प्रतिलिपि (duplicate copy) बनाती है।
इसे एक सरल उदाहरण से समझते हैं। मान लीजिए किसी स्कूल में एक महत्वपूर्ण नोटिस की केवल एक कॉपी है, लेकिन उसे दो अलग-अलग कक्षाओं में भेजना है। ऐसी स्थिति में सबसे पहले उसकी दूसरी कॉपी तैयार की जाएगी। ठीक इसी प्रकार जब एक कोशिका भविष्य में दो नई कोशिकाओं में विभाजित होने वाली होती है, तब उसे पहले अपने DNA की दूसरी कॉपी तैयार करनी पड़ती है।
यही कार्य S Phase में होता है।
S Phase की आवश्यकता क्यों पड़ती है?
DNA किसी भी जीव की आनुवंशिक जानकारी (genetic information) को संग्रहित करता है। कोशिका के रंग, आकार, कार्य, वृद्धि तथा विभिन्न जैविक क्रियाओं से संबंधित निर्देश DNA में ही मौजूद रहते हैं।
जब एक कोशिका विभाजित होकर दो नई कोशिकाएँ बनाती है, तब दोनों नई कोशिकाओं को समान आनुवंशिक जानकारी मिलनी चाहिए। यदि DNA की प्रतिलिपि पहले से तैयार नहीं होगी, तो नई कोशिकाओं को पूरी जानकारी प्राप्त नहीं हो पाएगी।
इसलिए S Phase का मुख्य उद्देश्य DNA की सटीक प्रतिलिपि बनाना होता है।
S Phase में वास्तव में क्या होता है?
बहुत से विद्यार्थी यह सोचते हैं कि इस चरण में कोशिका का आकार तेजी से बढ़ता है। वास्तव में S Phase का मुख्य कार्य वृद्धि नहीं बल्कि DNA Replication होता है।
इस चरण के दौरान कोशिका के नाभिक (nucleus) में उपस्थित DNA स्वयं की एक समान प्रतिलिपि तैयार करता है। इस प्रक्रिया को DNA Replication कहा जाता है।
Replication के बाद DNA की मात्रा दोगुनी हो जाती है, लेकिन Chromosome की संख्या नहीं बदलती।
यह बात परीक्षाओं में अक्सर पूछी जाती है, इसलिए इसे ध्यान से समझना आवश्यक है।
| स्थिति | Chromosome Number | DNA Amount |
|---|---|---|
| S Phase से पहले | सामान्य | सामान्य |
| S Phase के बाद | सामान्य | दोगुनी (Double) |
अर्थात DNA की मात्रा बढ़ती है लेकिन Chromosome की कुल संख्या वही रहती है।
Chromatid क्या होता है?
DNA Replication के बाद प्रत्येक Chromosome दो समान भागों में दिखाई देने लगता है। इन समान भागों को Sister Chromatids कहा जाता है।
दोनों Sister Chromatids एक विशेष भाग द्वारा जुड़े रहते हैं जिसे Centromere कहते हैं।
आगे चलकर Cell Division के समय यही Sister Chromatids अलग होकर नई कोशिकाओं में पहुँचते हैं।
S Phase के दौरान होने वाली प्रमुख घटनाएँ
| क्रिया | क्या होता है? |
|---|---|
| DNA Replication | DNA की नई प्रतिलिपि बनती है। |
| Histone Protein Formation | DNA को व्यवस्थित रखने वाले प्रोटीन बनते हैं। |
| Chromatid Formation | प्रत्येक Chromosome दो Chromatids में परिवर्तित हो जाता है। |
| Genetic Stability | नई कोशिकाओं के लिए समान आनुवंशिक जानकारी तैयार होती है। |
यदि S Phase में गलती हो जाए तो क्या होगा?
S Phase Cell Cycle का अत्यंत संवेदनशील (sensitive) चरण माना जाता है। यदि DNA Replication के दौरान कोई त्रुटि (error) हो जाए, तो आनुवंशिक परिवर्तन (mutation) हो सकते हैं।
कुछ परिस्थितियों में ऐसी त्रुटियाँ कोशिका के सामान्य कार्य को प्रभावित कर सकती हैं। यही कारण है कि कोशिका के अंदर कई नियंत्रण तंत्र (control mechanisms) मौजूद रहते हैं जो DNA Replication की शुद्धता की जाँच करते हैं।
एक स्वस्थ कोशिका हमेशा यह सुनिश्चित करने का प्रयास करती है कि DNA की नई प्रतिलिपि बिल्कुल सही बने।
पौधों में S Phase का महत्व
पौधों में नई जड़ें, नई पत्तियाँ, नई शाखाएँ और नए ऊतक (tissues) लगातार बनते रहते हैं। इन सभी प्रक्रियाओं के लिए कोशिकाओं का विभाजन आवश्यक होता है।
लेकिन किसी भी कोशिका के विभाजन से पहले उसका DNA Replication होना जरूरी है। इसलिए S Phase पौधों की वृद्धि और विकास के लिए अत्यंत महत्वपूर्ण माना जाता है।
विशेष रूप से Meristematic Cells में S Phase की गतिविधियाँ लगातार चलती रहती हैं क्योंकि ये कोशिकाएँ बार-बार विभाजित होती हैं।
S Phase (Synthesis Phase) Cell Cycle का वह चरण है जिसमें DNA Replication होता है। इस चरण के दौरान DNA की मात्रा दोगुनी हो जाती है, जबकि Chromosome संख्या में कोई परिवर्तन नहीं होता। प्रत्येक Chromosome दो Sister Chromatids से मिलकर बना दिखाई देता है।
Quick Revision
- S का अर्थ Synthesis होता है।
- S Phase में DNA Replication होता है।
- DNA की मात्रा दोगुनी हो जाती है।
- Chromosome संख्या समान रहती है।
- Sister Chromatids का निर्माण होता है।
- यह चरण Genetic Continuity बनाए रखने के लिए आवश्यक है।
G2 Phase (Gap 2 Phase) – अंतिम तैयारी का चरण
कल्पना कीजिए कि एक छात्र ने अपनी पढ़ाई पूरी कर ली है और अब परीक्षा देने से पहले अपनी कॉपियाँ, पेन और जरूरी चीज़ों की अंतिम जाँच कर रहा है। वह यह देख रहा है कि कहीं कोई गलती तो नहीं रह गई और वह परीक्षा के लिए पूरी तरह तैयार है या नहीं।
Cell Cycle में G2 Phase का काम भी कुछ ऐसा ही होता है। यह चरण S Phase के बाद आता है। S Phase में DNA की नई कॉपी बन चुकी होती है, लेकिन अब कोशिका (cell) सीधे विभाजन शुरू नहीं करती। वह पहले यह सुनिश्चित करती है कि आगे की प्रक्रिया सही तरीके से पूरी हो सके।
इसी कारण G2 Phase को Cell Cycle का Final Preparation Stage भी कहा जाता है।
G2 Phase क्या है?
G2 Phase, Interphase का तीसरा और अंतिम चरण होता है। इस समय कोशिका अपने अंदर होने वाली गतिविधियों को व्यवस्थित करती है और Cell Division के लिए खुद को तैयार करती है।
इस चरण में कोशिका काफी सक्रिय रहती है। बाहर से देखने पर भले ही कोई बड़ा बदलाव दिखाई न दे, लेकिन कोशिका के अंदर कई महत्वपूर्ण प्रक्रियाएँ लगातार चल रही होती हैं।
G2 Phase में कोशिका क्या-क्या करती है?
G2 Phase के दौरान कोशिका का मुख्य उद्देश्य यह सुनिश्चित करना होता है कि आने वाला Cell Division बिना किसी समस्या के पूरा हो सके।
इसके लिए कोशिका कई प्रकार की तैयारियाँ करती है।
| तैयारी | कोशिका क्या करती है? |
|---|---|
| Protein निर्माण | विभाजन के लिए आवश्यक नए Proteins बनाती है। |
| Energy संग्रह | आगे होने वाली गतिविधियों के लिए ऊर्जा तैयार करती है। |
| DNA की जाँच | DNA में किसी प्रकार की गलती है या नहीं, यह देखती है। |
| Organelle विकास | कुछ कोशिकांगों की संख्या और कार्यक्षमता बढ़ती है। |
| Division तैयारी | Mitosis शुरू करने के लिए आवश्यक व्यवस्था करती है। |
DNA की जाँच क्यों जरूरी होती है?
S Phase में DNA की नई प्रतिलिपि बनाई गई थी। इतनी बड़ी प्रक्रिया में कभी-कभी छोटी-मोटी त्रुटियाँ (errors) हो सकती हैं।
यदि ऐसी गलती को बिना सुधारे कोशिका विभाजित हो जाए, तो नई कोशिकाओं में भी वही समस्या पहुँच सकती है।
इसलिए G2 Phase में कोशिका DNA की जाँच करती है। यदि कोई त्रुटि मिलती है, तो उसे सुधारने की कोशिश की जाती है।
यह प्रक्रिया जीवों की आनुवंशिक स्थिरता (genetic stability) बनाए रखने में मदद करती है।
G2 Phase के दौरान कोशिका का आकार
इस चरण में कोशिका पहले से अधिक विकसित और सक्रिय हो जाती है। उसका आकार भी सामान्यतः बढ़ जाता है क्योंकि उसे विभाजन के दौरान दो नई कोशिकाओं को पर्याप्त सामग्री उपलब्ध करानी होती है।
यही कारण है कि G2 Phase के अंत तक कोशिका अपने विभाजन के लिए लगभग पूरी तरह तैयार हो चुकी होती है।
पौधों में G2 Phase का महत्व
पौधों की जड़ों और तनों के शीर्ष भागों में लगातार नई कोशिकाएँ बनती रहती हैं। इन क्षेत्रों में मौजूद Meristematic Cells बार-बार Cell Cycle से गुजरती हैं।
यदि G2 Phase में सही तैयारी न हो, तो नई कोशिकाओं का निर्माण प्रभावित हो सकता है। इसका असर पौधों की वृद्धि, नई पत्तियों के विकास और अन्य जैविक प्रक्रियाओं पर पड़ सकता है।
इसलिए पौधों के सामान्य विकास के लिए G2 Phase का सही तरीके से पूरा होना बहुत महत्वपूर्ण माना जाता है।
G2 Phase को याद रखने की आसान ट्रिक
यानी यह वह चरण है जहाँ कोशिका खुद से कहती है:
"सब कुछ तैयार है या नहीं? अगर तैयार है, तो अब Division शुरू किया जाए।"
BRABU Exam Point
G2 Phase Interphase का अंतिम चरण है। इस चरण में कोशिका Cell Division के लिए आवश्यक Proteins बनाती है, DNA की जाँच करती है तथा विभाजन के लिए अंतिम तैयारी पूरी करती है।
Important points
- G2 Phase Interphase का अंतिम चरण है।
- यह S Phase के बाद आता है।
- कोशिका Cell Division की अंतिम तैयारी करती है।
- DNA में त्रुटियों की जाँच और सुधार किया जाता है।
- Proteins और Energy का निर्माण बढ़ जाता है।
- इसके बाद कोशिका M Phase में प्रवेश करती है।
अब कोशिका की सारी तैयारियाँ पूरी हो चुकी हैं। अगला चरण M Phase (Mitotic Phase) है, जहाँ वास्तविक Cell Division शुरू होता है और एक कोशिका से नई कोशिकाओं का निर्माण होता है।
M Phase (Mitotic Phase) – जब Cell वास्तव में Divide होती है
अब तक Cell Cycle के दौरान कोशिका ने अपने आप को तैयार कर लिया है। G1 Phase में उसने वृद्धि की, S Phase में DNA की नई कॉपी बनाई और G2 Phase में अंतिम तैयारियाँ पूरी कीं।
अब वह समय आ चुका है जिसके लिए इतनी सारी तैयारियाँ की गई थीं। यही चरण है M Phase, जहाँ एक कोशिका वास्तव में विभाजित होकर नई कोशिकाओं का निर्माण करती है।
यदि Cell Cycle को किसी भवन निर्माण परियोजना (construction project) की तरह समझें, तो पहले के सभी चरण योजना और तैयारी के थे, जबकि M Phase वह चरण है जहाँ वास्तविक निर्माण कार्य शुरू होता है।
M Phase क्या है?
M Phase का पूरा नाम Mitotic Phase होता है। यह Cell Cycle का सबसे छोटा लेकिन सबसे महत्वपूर्ण चरण माना जाता है।
यहीं पर कोशिका अपना संचित आनुवंशिक पदार्थ (genetic material) दो भागों में बाँटती है और अंत में दो नई कोशिकाएँ बनती हैं।
हालाँकि Interphase में कोशिका सबसे अधिक समय बिताती है, लेकिन M Phase वह चरण है जहाँ Cell Cycle का मुख्य उद्देश्य पूरा होता है।
M Phase के दो मुख्य भाग
M Phase को मुख्य रूप से दो भागों में बाँटा जाता है:
| भाग | कार्य |
|---|---|
| Karyokinesis | नाभिक (Nucleus) का विभाजन |
| Cytokinesis | Cytoplasm का विभाजन |
इन दोनों प्रक्रियाओं के पूरा होने के बाद एक कोशिका से दो नई कोशिकाएँ बन जाती हैं।
Karyokinesis क्या है?
Karyokinesis वह प्रक्रिया है जिसमें कोशिका का नाभिक (nucleus) विभाजित होता है।
क्योंकि DNA नाभिक के अंदर मौजूद होता है, इसलिए सबसे पहले आनुवंशिक पदार्थ को बराबर-बराबर बाँटना आवश्यक होता है।
यदि DNA सही प्रकार से विभाजित नहीं होगा, तो नई कोशिकाओं को पूरी आनुवंशिक जानकारी नहीं मिल पाएगी।
इसी कारण M Phase का पहला कार्य Nucleus का विभाजन होता है।
Cytokinesis क्या है?
जब Nucleus का विभाजन पूरा हो जाता है, तब कोशिका का बाकी भाग भी विभाजित होना शुरू होता है। Cytoplasm के विभाजन की इस प्रक्रिया को Cytokinesis कहते हैं।
इस चरण के बाद मूल कोशिका पूरी तरह दो अलग-अलग Daughter Cells में बदल जाती है।
दोनों नई कोशिकाओं को अपना-अपना Nucleus, Cytoplasm और आवश्यक Cell Organelles प्राप्त हो जाते हैं।
पौधों और जन्तुओं में Cytokinesis का अंतर
Botany के विद्यार्थियों के लिए यह अंतर समझना महत्वपूर्ण है क्योंकि Plant Cell और Animal Cell में Cytokinesis एक जैसी नहीं होती।
Ye table jarur याद कर लेना यहां से हर बार objective question आते हैं।
| Plant Cell | Animal Cell |
|---|---|
| Cell Plate बनती है। | Cleavage Furrow बनता है। |
| विभाजन अंदर से बाहर की ओर होता है। | विभाजन बाहर से अंदर की ओर होता है। |
| नई Cell Wall का निर्माण होता है। | नई Cell Wall नहीं बनती। |
M Phase का महत्व
यदि M Phase न हो, तो नई कोशिकाओं का निर्माण संभव नहीं होगा। यही चरण जीवों की वृद्धि, ऊतकों की मरम्मत तथा नई कोशिकाओं के निर्माण का आधार है।
पौधों में जड़ों की वृद्धि, नई शाखाओं का विकास और नई पत्तियों का निर्माण लगातार Cell Division के कारण ही संभव होता है।
मनुष्यों और अन्य जीवों में भी शरीर की वृद्धि तथा पुरानी कोशिकाओं के स्थान पर नई कोशिकाओं का निर्माण M Phase की सहायता से होता है।
M Phase को याद रखने की आसान Trick
यानी वह चरण जहाँ एक Cell बढ़कर वास्तव में दो नई Cells में बदल जाती है।
Exam Point
M Phase Cell Cycle का वह चरण है जिसमें वास्तविक Cell Division होता है। यह दो भागों – Karyokinesis (Nuclear Division) तथा Cytokinesis (Cytoplasmic Division) – में विभाजित होता है। इसके परिणामस्वरूप एक Parent Cell से दो Daughter Cells का निर्माण होता है।
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मुख्य बिंदु (Key Points) aksar पूछे जाते हैं
- M Phase का पूरा नाम Mitotic Phase है।
- यह Cell Cycle का Division Phase है।
- इसमें Karyokinesis और Cytokinesis होती है।
- DNA नई कोशिकाओं में समान रूप से वितरित होता है।
- अंत में दो Daughter Cells बनती हैं।
- Growth, Repair और Development के लिए यह चरण अत्यंत आवश्यक है।
अब हम Cell Cycle के एक अत्यंत महत्वपूर्ण विषय Cell Cycle Checkpoints को समझेंगे, जहाँ कोशिका स्वयं जाँच करती है कि Division शुरू करने से पहले सब कुछ सही है या नहीं।

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