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BRABU B.Sc Semester 1 Zoology (MJC) Unit 1 Notes Part 2 PDF | Non-Chordates Complete Notes


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General Characteristics and Classification of Cnidaria

Introduction to Phylum Cnidaria (फाइलम Cnidaria का परिचय)

Phylum Cnidaria Animal Kingdom का एक अत्यंत महत्वपूर्ण Phylum है। यह उन बहुकोशिकीय (Multicellular) जीवों का समूह है जिनमें पहली बार वास्तविक Tissue Level of Organization स्पष्ट रूप से विकसित दिखाई देता है। यही कारण है कि Non-Chordates के विकासक्रम (Evolution) को समझने में Cnidaria का विशेष स्थान माना जाता है।

BRABU Semester 1 Zoology - Phylum Cnidaria General Body Structure Hydra and Jellyfish Diagram


इस Phylum के अधिकांश जीव Aquatic होते हैं और इनमें भी अधिकतर Marine वातावरण में पाए जाते हैं। बहुत कम सदस्य Fresh Water में भी मिलते हैं। इनका शरीर सामान्य रूप से सरल दिखाई देता है, लेकिन इनमें ऐसी कई विशेषताएँ विकसित होती हैं जो पहले के Phylum, जैसे Porifera, में नहीं मिलतीं।

Cnidaria के जीवों में पहली बार शरीर की कोशिकाएँ मिलकर वास्तविक Tissues बनाती हैं। इसी कारण इनका अध्ययन Zoology में विशेष महत्व रखता है। यह Phylum हमें यह समझने में सहायता करता है कि Animal Evolution के दौरान जीवों के शरीर में धीरे-धीरे किस प्रकार नई संरचनाओं और जैविक विशेषताओं का विकास हुआ।

Meaning of Cnidaria (Cnidaria का अर्थ)

Cnidaria शब्द की उत्पत्ति ग्रीक भाषा के शब्द "Knide" से हुई है, जिसका अर्थ होता है Stinging Nettle अर्थात् डंक मारने वाली संरचना।

इस Phylum के जीवों के शरीर पर विशेष प्रकार की डंक वाली कोशिकाएँ पाई जाती हैं, जिन्हें Cnidocytes या Stinging Cells कहा जाता है। यही इस Phylum की सबसे महत्वपूर्ण पहचान होती है और इसी विशेषता के आधार पर इस समूह का नाम Cnidaria रखा गया है।

BRABU Semester 1 Zoology - Structure of Cnidocyte Cell and Nematocyst Stinging Mechanism in Cnidaria


ये विशेष कोशिकाएँ जीवों को भोजन प्राप्त करने, शत्रुओं से सुरक्षा करने तथा आवश्यकता पड़ने पर शिकार को पकड़ने में सहायता करती हैं। Cnidaria के किसी भी सदस्य की पहचान करते समय सबसे पहले इन्हीं विशेष कोशिकाओं की उपस्थिति पर ध्यान दिया जाता है।

Cnidaria की पहचान (Identity of the Phylum)

यदि किसी Animal में Tissue Level of Organization पाया जाए, वह मुख्य रूप से जल में रहने वाला हो तथा उसके शरीर पर Cnidocytes उपस्थित हों, तो उसे सामान्यतः Phylum Cnidaria का सदस्य माना जाता है। यही विशेषताएँ इस Phylum को अन्य Non-Chordates से अलग पहचान प्रदान करती हैं।

General Characteristics of Phylum Cnidaria (फाइलम Cnidaria के सामान्य लक्षण)

General Characteristics वे सामान्य विशेषताएँ होती हैं जिनके आधार पर किसी भी Phylum के जीवों की पहचान की जाती है। Cnidaria के सभी सदस्यों में कुछ ऐसे मूल लक्षण पाए जाते हैं जो उन्हें Animal Kingdom के अन्य Phyla से अलग बनाते हैं।

1. Habitat (आवास)

Cnidaria के अधिकांश जीव Marine अर्थात् समुद्री वातावरण में पाए जाते हैं। केवल कुछ ही सदस्य Fresh Water में मिलते हैं। ये सामान्यतः साफ जल वाले क्षेत्रों में निवास करते हैं।

2. Level of Organization

इनमें Tissue Level of Organization पाया जाता है। अर्थात् समान प्रकार की कोशिकाएँ मिलकर वास्तविक Tissues का निर्माण करती हैं। Non-Chordates में यह एक महत्वपूर्ण विकासात्मक विशेषता मानी जाती है।

3. Body Symmetry

Cnidaria के जीवों में सामान्यतः Radial Symmetry पाई जाती है। इसका अर्थ है कि शरीर को केन्द्र (Center) से कई दिशाओं में विभाजित करने पर समान भाग प्राप्त होते हैं।

BRABU Semester 1 Zoology - Radial Symmetry in Cnidaria Jellyfish and Hydra Body Planes


4. Germ Layers

ये Diploblastic Animals होते हैं। इनके शरीर में केवल दो Germ Layers होती हैं— Ectoderm तथा Endoderm। इन दोनों परतों के बीच Mesoglea नामक जेली जैसी परत होती है।



5. Body Cavity

Cnidaria में वास्तविक Coelom नहीं पाया जाता। इसलिए इन्हें Acoelomate माना जाता है।

6. Body Form

इस Phylum के जीवों में सामान्यतः दो प्रकार की Body Forms देखने को मिलती हैं— Polyp Form तथा Medusa Form। किसी समूह में इनमें से एक या दोनों प्रकार उपस्थित हो सकते हैं।



7. Special Cells

Cnidaria की सबसे प्रमुख पहचान इनके शरीर पर उपस्थित Cnidocytes होती हैं। इन कोशिकाओं के भीतर Nematocysts नामक विशेष कैप्सूल होते हैं, जो भोजन प्राप्त करने तथा सुरक्षा में सहायता करते हैं।

Remember:
Cnidocytes केवल Phylum Cnidaria की विशिष्ट पहचान मानी जाती हैं। यही इस Phylum का सबसे महत्वपूर्ण Diagnostic Character है।

More General Characteristics of Phylum Cnidaria (फाइलम Cnidaria के अन्य सामान्य लक्षण)

8. Digestive System (पाचन तंत्र)

Cnidaria में Digestive System अपेक्षाकृत सरल होता है। इनमें भोजन के पाचन के लिए एक विशेष गुहा पाई जाती है, जिसे Gastrovascular Cavity या Coelenteron कहा जाता है।

इस गुहा का केवल एक ही Opening होता है, जो भोजन ग्रहण करने और अपचित पदार्थों को बाहर निकालने दोनों कार्य करता है। इसलिए Cnidaria में Incomplete Digestive System पाया जाता है।



9. Nervous System (तंत्रिका तंत्र)

Cnidaria में तंत्रिका तंत्र बहुत सरल होता है। इनमें कोई विकसित Brain नहीं होता। तंत्रिका कोशिकाएँ पूरे शरीर में एक जाल (Network) के रूप में फैली रहती हैं, जिसे Nerve Net कहा जाता है।



यही Nerve Net शरीर के विभिन्न भागों के बीच संदेशों का आदान-प्रदान करता है तथा जीव को बाहरी उत्तेजनाओं (Stimuli) के प्रति प्रतिक्रिया करने में सहायता करता है।

10. Respiration and Excretion (श्वसन एवं उत्सर्जन)

Cnidaria में श्वसन (Respiration) तथा उत्सर्जन (Excretion) के लिए कोई विशेष अंग विकसित नहीं होते। ये दोनों प्रक्रियाएँ Body Surface के माध्यम से Diffusion द्वारा पूरी होती हैं।

इनका शरीर पतला होने के कारण गैसों तथा अपशिष्ट पदार्थों का आदान-प्रदान आसानी से हो जाता है।

11. Skeleton (कंकाल)

कुछ Cnidarians में शरीर को सहारा देने के लिए External Skeleton या कठोर संरचना विकसित हो सकती है, जबकि अनेक सदस्यों में ऐसा कंकाल नहीं पाया जाता। यह विशेषता सभी सदस्यों में समान नहीं होती।

12. Reproduction (प्रजनन)

Cnidaria में Asexual तथा Sexual Reproduction दोनों प्रकार की प्रजनन विधियाँ पाई जाती हैं। अलग-अलग वर्गों में इनकी प्रजनन विधियों में कुछ भिन्नताएँ हो सकती हैं।

इनके जीवन में विभिन्न प्रकार की प्रजनन प्रक्रियाएँ देखने को मिलती हैं, जो इस Phylum की महत्वपूर्ण जैविक विशेषताओं में से एक मानी जाती हैं।

13. Development (विकास)

Cnidaria के जीवन चक्र में सामान्यतः Larval Stage पाई जाती है। भ्रूणीय विकास (Embryonic Development) के बाद बनने वाला लार्वा आगे चलकर पूर्ण विकसित जीव में परिवर्तित होता है।

Important Note:
Phylum Cnidaria की पहचान करने के लिए सबसे महत्वपूर्ण लक्षण हैं— Radial Symmetry, Diploblastic Nature, Tissue Level of Organization, Cnidocytes तथा Gastrovascular Cavity

Classification of Phylum Cnidaria (Up to Order)

Animal Kingdom में Phylum Cnidaria के सदस्यों में कुछ सामान्य लक्षण समान होते हैं, लेकिन शरीर की बनावट, जीवन-रूप तथा अन्य जैविक विशेषताओं के आधार पर इन्हें अलग-अलग Classes और आगे Orders में विभाजित किया गया है। यह Classification वैज्ञानिकों को Cnidarians की विविधता को व्यवस्थित रूप से समझने में सहायता करती है।

BRABU Semester-1 के Syllabus के अनुसार यहाँ Classification को केवल Order तक ही पढ़ना आवश्यक है। इसलिए प्रत्येक Class का केवल आवश्यक परिचय दिया जा रहा है।



Classification of Phylum Cnidaria

Phylum Class Orders (Up to Order)
Cnidaria Hydrozoa Hydroida, Milleporina, Siphonophora, Chondrophora, Trachylina
Scyphozoa Semaeostomeae, Rhizostomeae, Coronatae
Cubozoa Carybdeida, Chirodropida
Anthozoa Hexacorallia (Zoantharia), Ceriantharia, Octocorallia

Class Hydrozoa

Hydrozoa को Cnidaria का अपेक्षाकृत सरल Class माना जाता है। इस Class के सदस्यों में Polyp Stage सामान्यतः अधिक विकसित होती है। BRABU Syllabus में इस Class के अंतर्गत Hydroida, Milleporina, Siphonophora, Chondrophora तथा Trachylina Orders शामिल हैं।

Class Scyphozoa

Scyphozoa के अंतर्गत ऐसे Cnidarians रखे जाते हैं जिनमें Medusa Form अधिक प्रमुख होता है। इस Class को BRABU Syllabus में तीन Orders तक पढ़ना आवश्यक है— Semaeostomeae, Rhizostomeae तथा Coronatae

Class Cubozoa

Cubozoa Cnidaria का अपेक्षाकृत छोटा Class है। इस Class के अंतर्गत दो प्रमुख Orders माने जाते हैं— Carybdeida तथा Chirodropida

Class Anthozoa

Anthozoa Cnidaria का सबसे बड़ा Class माना जाता है। इस Class के अंतर्गत BRABU Semester-1 Syllabus में Hexacorallia (Zoantharia), Ceriantharia तथा Octocorallia Orders शामिल हैं।



Introduction to Phylum Ctenophora (फाइलम Ctenophora का परिचय)

Phylum Ctenophora Animal Kingdom का एक छोटा लेकिन अत्यंत रोचक Phylum है। यह Non-Chordates का ऐसा समूह है, जिसके सदस्य केवल Marine Environment अर्थात् समुद्री जल में पाए जाते हैं। इनका शरीर सामान्यतः पारदर्शी (Transparent) तथा कोमल (Soft) होता है, जिसके कारण ये समुद्री जल में आसानी से तैरते हुए दिखाई देते हैं।



पहली नज़र में Ctenophora के जीव Cnidaria से कुछ समान दिखाई दे सकते हैं, क्योंकि दोनों में Radial Symmetry और Diploblastic Nature जैसी कुछ समान विशेषताएँ मिलती हैं। लेकिन इनके शरीर में कई ऐसे लक्षण भी पाए जाते हैं, जो इन्हें Cnidaria से स्पष्ट रूप से अलग पहचान देते हैं।

Zoology में Ctenophora का अध्ययन इसलिए महत्वपूर्ण माना जाता है क्योंकि यह Animal Evolution के उस चरण को दर्शाता है जहाँ शरीर की बनावट पहले की अपेक्षा अधिक विकसित दिखाई देने लगती है। इस Phylum में कुछ विशिष्ट विशेषताएँ ऐसी हैं, जो अन्य Non-Chordates में नहीं मिलतीं।

Meaning of Ctenophora (Ctenophora का अर्थ)

Ctenophora शब्द ग्रीक भाषा के दो शब्दों से मिलकर बना है— Ktenos जिसका अर्थ है Comb तथा Phoros जिसका अर्थ है Bearing या Carrying

अर्थात् Ctenophora का शाब्दिक अर्थ होता है "Comb Bearing Animals", यानी ऐसे जीव जिनके शरीर पर कंघी (Comb) जैसी संरचनाएँ पाई जाती हैं।

इन्हीं Comb जैसी संरचनाओं के कारण इस Phylum के जीव जल में गति (Movement) कर पाते हैं। 



यही विशेषता इस Phylum की सबसे प्रमुख पहचान मानी जाती है और इसी आधार पर इसका नाम Ctenophora रखा गया है।

Remember:
Cnidaria की पहचान Cnidocytes से होती है, जबकि Ctenophora की पहचान शरीर पर उपस्थित Comb Plates (Comb Rows) से की जाती है।

Ctenophora की पहचान (Identity of the Phylum)

यदि कोई जीव केवल समुद्र में पाया जाता हो, उसका शरीर पारदर्शी हो तथा उसके शरीर पर आठ Comb Rows उपस्थित हों, तो उसे सामान्यतः Phylum Ctenophora का सदस्य माना जाता है। यही विशेष लक्षण इस Phylum को अन्य Non-Chordates से अलग पहचान प्रदान करते हैं।

General Characteristics of Phylum Ctenophora (फाइलम Ctenophora के सामान्य लक्षण)

Phylum Ctenophora के सभी सदस्यों में कुछ ऐसी सामान्य विशेषताएँ पाई जाती हैं जिनके आधार पर इन्हें अन्य Non-Chordates से आसानी से अलग पहचाना जा सकता है। ये विशेषताएँ इनके शरीर की बनावट, संगठन तथा जीवन-शैली को समझने में सहायता करती हैं।

1. Habitat (आवास)

Ctenophora के सभी सदस्य Exclusively Marine होते हैं। अर्थात् ये केवल समुद्री जल में पाए जाते हैं। अब तक इस Phylum का कोई भी सदस्य प्राकृतिक रूप से Fresh Water में नहीं पाया गया है।

2. Level of Organization (शरीर संगठन का स्तर)

इनमें Tissue Level of Organization पाया जाता है। शरीर की कोशिकाएँ मिलकर विभिन्न प्रकार के Tissues बनाती हैं, जिससे शरीर के कार्य अधिक व्यवस्थित ढंग से संपन्न होते हैं।

3. Body Symmetry (शरीर की सममिति)

अधिकांश Ctenophorans में Biradial Symmetry पाई जाती है। यह Radial तथा Bilateral Symmetry के बीच की अवस्था मानी जाती है और Ctenophora की एक महत्वपूर्ण पहचान है।



4. Germ Layers (भ्रूणीय परतें)

Ctenophora के जीव सामान्यतः Diploblastic माने जाते हैं। इनके शरीर में बाहरी Ectoderm तथा भीतरी Endoderm उपस्थित होती हैं। इनके बीच जेली जैसी Mesoglea पाई जाती है।

5. Body Cavity (शरीर गुहा)

इनमें वास्तविक Coelom नहीं होता। इसलिए इन्हें Acoelomate Animals की श्रेणी में रखा जाता है।

6. Comb Plates (Comb Rows)

Ctenophora की सबसे प्रमुख विशेषता इनके शरीर पर उपस्थित आठ Comb Plates या Comb Rows हैं। ये सूक्ष्म Cilia से बनी होती हैं और जल में तैरने (Locomotion) का मुख्य साधन होती हैं।

7. Cnidocytes का अभाव

यद्यपि Ctenophora और Cnidaria में कुछ समानताएँ मिलती हैं, फिर भी Ctenophora में Cnidocytes नहीं पाए जाते। यही एक महत्वपूर्ण लक्षण है जो दोनों Phyla के बीच स्पष्ट अंतर स्थापित करता है।

Key Identification Points:
Marine Habitat, Biradial Symmetry, Eight Comb Rows, Absence of Cnidocytes तथा Tissue Level of Organization — ये Ctenophora की प्रमुख पहचान मानी जाती हैं।

More General Characteristics of Phylum Ctenophora (फाइलम Ctenophora के अन्य सामान्य लक्षण)

8. Digestive System (पाचन तंत्र)

Ctenophora में Digestive System अपेक्षाकृत विकसित होता है। भोजन ग्रहण करने के लिए मुख (Mouth) उपस्थित होता है तथा भोजन का पाचन मुख्य रूप से Gastrovascular Cavity में होता है। यह गुहा पूरे शरीर में पोषक पदार्थों के वितरण में भी सहायता करती है।

इनके शरीर में भोजन के आवागमन की व्यवस्था Cnidaria की तुलना में अधिक विकसित मानी जाती है, जिससे भोजन का वितरण अधिक प्रभावी ढंग से होता है।

9. Nervous System (तंत्रिका तंत्र)

इनमें Nervous System सरल प्रकार का होता है। शरीर में तंत्रिका कोशिकाएँ एक नेटवर्क बनाती हैं, जो विभिन्न भागों के बीच समन्वय (Coordination) स्थापित करने का कार्य करती हैं।

हालाँकि इनमें विकसित Brain नहीं होता, फिर भी बाहरी वातावरण से मिलने वाली उत्तेजनाओं के प्रति ये उचित प्रतिक्रिया देने में सक्षम होते हैं।

10. Respiration and Excretion (श्वसन एवं उत्सर्जन)

Ctenophora में श्वसन तथा उत्सर्जन के लिए कोई विशेष अंग विकसित नहीं होते। ये दोनों प्रक्रियाएँ Diffusion द्वारा शरीर की सतह से संपन्न होती हैं।

इनका शरीर पतला तथा कोमल होने के कारण गैसों और अपशिष्ट पदार्थों का आदान-प्रदान आसानी से हो जाता है।

11. Reproduction (प्रजनन)

अधिकांश Ctenophorans Hermaphrodite होते हैं, अर्थात् एक ही जीव में नर तथा मादा दोनों प्रकार के जनन अंग पाए जाते हैं। इनमें सामान्यतः Sexual Reproduction होता है।

निषेचन के बाद भ्रूण का विकास प्रारम्भ होता है और आगे चलकर लार्वा अवस्था से पूर्ण विकसित जीव बनता है।

12. Development (विकास)

Ctenophora के जीवन में प्रारम्भिक विकास के दौरान Cydippid Larva नामक लार्वा अवस्था पाई जाती है। यह इस Phylum की एक महत्वपूर्ण विशेषता मानी जाती है।

13. Bioluminescence (जैव-प्रदीप्ति)

कई समुद्री Ctenophorans में Bioluminescence अर्थात् स्वयं प्रकाश उत्पन्न करने की क्षमता पाई जाती है। समुद्र की गहराई में यह गुण सुरक्षा तथा अन्य जैविक कार्यों में सहायक माना जाता है।

Characteristic Phylum Ctenophora
Habitat Exclusively Marine
Symmetry Biradial Symmetry
Level of Organization Tissue Level
Special Feature Eight Comb Rows
Cnidocytes Absent

Important Point:
Eight Comb Rows, Biradial Symmetry, Marine Habitat, Absence of Cnidocytes तथा Cydippid Larva — ये Phylum Ctenophora की सबसे महत्वपूर्ण पहचान मानी जाती हैं।

Classification of Phylum Ctenophora (Up to Order)

Phylum Ctenophora में प्रजातियों (Species) की संख्या Cnidaria की तुलना में काफी कम है। फिर भी इनके शरीर की बनावट, Tentacles की उपस्थिति तथा अन्य सामान्य जैविक लक्षणों के आधार पर वैज्ञानिकों ने इन्हें विभिन्न Classes तथा Orders में विभाजित किया है।

BRABU Semester-1 के Syllabus में Ctenophora की Classification को केवल Order तक पढ़ना है। इसलिए यहाँ केवल आवश्यक Taxonomic Classification दी जा रही है।

Class Tentaculata

Tentaculata इस Phylum का सबसे बड़ा तथा सबसे महत्वपूर्ण Class माना जाता है। इस Class के अधिकांश सदस्यों में Tentacles उपस्थित रहते हैं। इन्हीं Tentacles की सहायता से ये भोजन प्राप्त करते हैं तथा वातावरण के प्रति प्रतिक्रिया करते हैं।

BRABU Syllabus के अनुसार इस Class के अंतर्गत निम्न Orders शामिल हैं— Cydippida, Lobata, Cestida, Platyctenida तथा Thalassocalycida

ध्यान दें:
Tentaculata Class की सबसे प्रमुख पहचान Tentacles की उपस्थिति है।

Class Nuda

Nuda Ctenophora का दूसरा प्रमुख Class है। इस Class के जीवों में Tentacles अनुपस्थित होते हैं। यही विशेषता इसे Tentaculata से अलग पहचान देती है।

इस Class के अंतर्गत BRABU Syllabus में केवल एक प्रमुख Order शामिल किया गया है— Beroida

Classification को याद रखने का आसान तरीका

यदि Classification को सरल रूप में याद करें, तो Ctenophora में केवल दो Classes पढ़नी होती हैं। पहली Tentaculata, जिसमें पाँच Orders शामिल हैं, और दूसरी Nuda, जिसमें केवल Beroida Order शामिल है।

इस प्रकार BRABU Semester-1 Unit-1 के अनुसार Ctenophora की Classification केवल Class से Order तक ही सीमित रहती है। Order के आगे Family, Genus तथा Species का अध्ययन इस Topic में आवश्यक नहीं है।

Phylum Platyhelminthes : Animal Evolution का एक महत्वपूर्ण चरण

Animal Kingdom के अध्ययन में कुछ ऐसे Phyla आते हैं जहाँ जीवों के शरीर में महत्वपूर्ण विकासात्मक परिवर्तन दिखाई देने लगते हैं। Phylum Platyhelminthes उन्हीं महत्वपूर्ण समूहों में से एक है। इस Phylum में पहली बार शरीर की बनावट पहले के Phyla की तुलना में अधिक व्यवस्थित और उन्नत दिखाई देती है।

Cnidaria और Ctenophora में जहाँ शरीर मुख्यतः Radial या Biradial Pattern में व्यवस्थित था, वहीं Platyhelminthes में शरीर के आगे (Anterior) और पीछे (Posterior) भाग के बीच स्पष्ट अंतर दिखाई देता है। यही परिवर्तन आगे चलकर अधिक विकसित Animals के निर्माण का आधार बनता है।

Meaning of Platyhelminthes (Platyhelminthes का अर्थ)

Platyhelminthes नाम ग्रीक भाषा के दो शब्दों से मिलकर बना है। पहला शब्द Platy है, जिसका अर्थ होता है Flat अर्थात् चपटा, जबकि दूसरा शब्द Helminthes है, जिसका अर्थ होता है Worms अर्थात् कृमि।

इसी कारण इस पूरे Phylum को सामान्य भाषा में Flat Worms या चपटे कृमि कहा जाता है। इनके शरीर का चपटा स्वरूप इस Phylum की सबसे आसानी से पहचानी जाने वाली विशेषताओं में से एक है।

Platyhelminthes कहाँ पाए जाते हैं?

इस Phylum के सदस्य विभिन्न प्रकार के वातावरण में पाए जा सकते हैं। कुछ जीव जल में रहते हैं, कुछ नम स्थानों पर पाए जाते हैं, जबकि कई सदस्य Parasitic Mode of Life अपनाते हैं और दूसरे जीवों के शरीर में रहकर अपना जीवन पूरा करते हैं।

जीवन-शैली में यह विविधता Platyhelminthes को Non-Chordates के एक अत्यंत रोचक समूह के रूप में स्थापित करती है। यही कारण है कि Zoology में इस Phylum का अध्ययन विशेष महत्व रखता है।

Phylum Platyhelminthes की प्रमुख पहचान

Platyhelminthes के सदस्यों की पहचान कुछ विशेष लक्षणों के आधार पर की जाती है। इनमें सबसे महत्वपूर्ण हैं— Bilateral Symmetry, Triploblastic Nature तथा Dorso-Ventrally Flattened Body

इन विशेषताओं के कारण यह Phylum Animal Kingdom में एक नए विकासात्मक स्तर का प्रतिनिधित्व करता है। Non-Chordates के अध्ययन में Platyhelminthes वह समूह माना जाता है जहाँ शरीर की संरचना और संगठन पहले की तुलना में अधिक स्पष्ट और व्यवस्थित रूप में दिखाई देने लगता है।

General Characteristics of Phylum Platyhelminthes (फाइलम Platyhelminthes के सामान्य लक्षण)

Phylum Platyhelminthes के सभी सदस्यों में कुछ ऐसी सामान्य विशेषताएँ पाई जाती हैं जो उन्हें अन्य Non-Chordates से अलग पहचान देती हैं। ये विशेषताएँ इनके शरीर की बनावट, संगठन तथा जीवन-शैली को समझने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाती हैं।

1. Habitat (आवास)

Platyhelminthes के सदस्य Fresh Water, Marine Water तथा नम स्थलीय (Moist Terrestrial) स्थानों पर पाए जाते हैं। इस Phylum के अनेक सदस्य Parasitic भी होते हैं, जो अपना पूरा जीवन किसी Host के शरीर के अंदर या ऊपर व्यतीत करते हैं।

2. Body Organization (शरीर संगठन)

इनमें Organ Level of Organization पाया जाता है। अर्थात् शरीर में विभिन्न Tissues मिलकर अलग-अलग Organs का निर्माण करते हैं, जिससे शरीर के कार्य अधिक व्यवस्थित ढंग से सम्पन्न होते हैं।

3. Body Symmetry (शरीर की सममिति)

Platyhelminthes में Bilateral Symmetry पाई जाती है। यदि इनके शरीर को बीच से केवल एक काल्पनिक रेखा द्वारा विभाजित किया जाए, तो दोनों भाग लगभग समान दिखाई देते हैं।

4. Germ Layers (भ्रूणीय परतें)

ये Triploblastic Animals होते हैं। इनके शरीर में तीन Germ Layers विकसित होती हैं— Ectoderm, Mesoderm तथा Endoderm

Mesoderm की उपस्थिति इनके शरीर को पहले पढ़े गए Diploblastic Animals की तुलना में अधिक विकसित बनाती है।

5. Body Cavity (शरीर गुहा)

Platyhelminthes में True Coelom नहीं पाया जाता। इसलिए इन्हें Acoelomate Animals कहा जाता है। शरीर के अंदर का स्थान विशेष प्रकार के ऊतकों से भरा रहता है।

6. Body Shape (शरीर का आकार)

इस Phylum के सभी सदस्यों का शरीर सामान्यतः Dorso-Ventrally Flattened अर्थात् ऊपर और नीचे से चपटा होता है। यही विशेषता इस Phylum के नाम का आधार भी है।

Remember:
Flat Body, Bilateral Symmetry, Triploblastic Nature, Acoelomate Condition तथा Organ Level of Organization — ये Phylum Platyhelminthes की सबसे महत्वपूर्ण सामान्य विशेषताएँ हैं।

More General Characteristics of Phylum Platyhelminthes (फाइलम Platyhelminthes के अन्य सामान्य लक्षण)

7. Digestive System (पाचन तंत्र)

Platyhelminthes में सामान्यतः Incomplete Digestive System पाया जाता है। इनमें भोजन ग्रहण करने के लिए Mouth उपस्थित होता है, लेकिन अधिकांश सदस्यों में Anus नहीं होता। इसलिए भोजन का अपचित भाग उसी मार्ग से बाहर निकलता है, जिससे भोजन अंदर गया था।

8. Respiratory System (श्वसन तंत्र)

इस Phylum के जीवों में श्वसन के लिए कोई विशेष Respiratory Organs विकसित नहीं होते। ऑक्सीजन तथा कार्बन डाइऑक्साइड का आदान-प्रदान शरीर की सतह के माध्यम से Diffusion द्वारा होता है।

9. Excretory System (उत्सर्जन तंत्र)

Platyhelminthes में उत्सर्जन के लिए Flame Cell System या Protonephridia पाया जाता है। यह शरीर से अपशिष्ट पदार्थों को बाहर निकालने तथा जल-संतुलन (Osmoregulation) बनाए रखने में सहायता करता है।

10. Nervous System (तंत्रिका तंत्र)

इनका Nervous System पहले के Phyla की तुलना में अधिक विकसित होता है। इसमें अग्र भाग में तंत्रिका ऊतक (Nervous Tissue) का संकेन्द्रण दिखाई देता है, जिससे शरीर के विभिन्न भागों के बीच बेहतर समन्वय स्थापित होता है।

11. Reproduction (प्रजनन)

इस Phylum के अधिकांश सदस्य Hermaphrodite होते हैं, अर्थात् एक ही जीव में नर तथा मादा दोनों प्रकार के जनन अंग पाए जाते हैं। इनमें मुख्य रूप से Sexual Reproduction होता है, जबकि कुछ सदस्यों में सीमित रूप से Asexual Reproduction भी देखा जा सकता है।

12. Development (विकास)

Platyhelminthes के सदस्यों में विकास का प्रकार सभी में समान नहीं होता। कुछ जीवों में विकास Direct होता है, जबकि कई सदस्यों में Larval Stage पाई जाती है और उसके बाद पूर्ण विकसित जीव का निर्माण होता है।

Important Concept:
Flame Cells इस Phylum की प्रमुख पहचान मानी जाती हैं। वहीं Triploblastic Body, Organ Level of Organization, Bilateral Symmetry तथा Acoelomate Condition मिलकर Platyhelminthes को अन्य प्रारम्भिक Non-Chordates से अलग पहचान देते हैं।

Classification of Phylum Platyhelminthes (Up to Order)

Phylum Platyhelminthes के सदस्यों में शरीर की बनावट, जीवन-शैली तथा सामान्य जैविक विशेषताओं के आधार पर वैज्ञानिकों ने इन्हें विभिन्न Classes तथा आगे Orders में विभाजित किया है। इससे इस Phylum की विविधता को समझना अधिक सरल हो जाता है।

BRABU B.Sc Semester-1 के Syllabus में Platyhelminthes की Classification केवल Order तक पढ़नी है। इसलिए यहाँ केवल आवश्यक Taxonomic Classification दी जा रही है।

Class Turbellaria

Turbellaria इस Phylum का प्रमुख Class माना जाता है। इसके अधिकांश सदस्य स्वतंत्र (Free-living) होते हैं। BRABU Syllabus के अनुसार इस Class के अंतर्गत निम्न Orders शामिल हैं— Acoela, Rhabdocoela, Alloeocoela, Tricladida तथा Polycladida

Class Trematoda

Trematoda के सदस्य मुख्यतः परजीवी (Parasitic) होते हैं। इस Class को दो प्रमुख Subclasses में विभाजित किया जाता है, जिनके अंतर्गत BRABU Syllabus में निम्न Orders पढ़ाए जाते हैं— Monogenea तथा Digenea

Class Cestoda

Cestoda भी पूर्णतः परजीवी जीवों का Class है। BRABU Semester-1 के Syllabus के अनुसार इसके अंतर्गत निम्न Orders शामिल हैं— Caryophyllidea, Pseudophyllidea तथा Cyclophyllidea

Classification Shortcut:
PlatyhelminthesTurbellaria, Trematoda और Cestoda — यही तीन मुख्य Classes BRABU Semester-1 में पढ़नी हैं। इनके अंतर्गत केवल Order तक की Classification याद रखना पर्याप्त है।

इस Topic में Order के आगे Family, Genus तथा Species का अध्ययन आवश्यक नहीं है, क्योंकि वे BRABU Unit-1 के Syllabus में शामिल नहीं हैं।

Introduction to Phylum Nemathelminthes (Phylum Nemathelminthes का परिचय)

Phylum Nemathelminthes Non-Chordates का एक महत्वपूर्ण Phylum है, जिसके सदस्यों का शरीर सामान्यतः लंबा (Elongated), बेलनाकार (Cylindrical) तथा दोनों सिरों पर पतला (Tapering) होता है। शरीर गोल दिखाई देता है, इसलिए इन्हें सामान्य भाषा में Round Worms भी कहा जाता है।

Animal Evolution में इस Phylum का विशेष महत्व है क्योंकि यहीं पहली बार Pseudocoelom अर्थात् False Body Cavity का विकास दिखाई देता है। यह विशेषता Nemathelminthes को पहले पढ़े गए Platyhelminthes से अलग बनाती है और शरीर की आंतरिक संरचना के विकास की दिशा में एक महत्वपूर्ण चरण को दर्शाती है।

इस Phylum के सदस्य पृथ्वी पर बहुत व्यापक रूप से पाए जाते हैं। कुछ स्वतंत्र रूप से मिट्टी, जल तथा अन्य नम स्थानों पर रहते हैं, जबकि अनेक सदस्य Parasitic होते हैं और मनुष्य, पशुओं तथा पौधों के शरीर में रहकर अपना जीवन पूरा करते हैं।

Meaning of Nemathelminthes (Nemathelminthes का अर्थ)

Nemathelminthes शब्द ग्रीक भाषा के दो शब्दों से मिलकर बना है। Nema का अर्थ होता है Thread (धागा) और Helminth का अर्थ होता है Worm (कृमि)

इसी कारण इस Phylum के जीवों को Thread Worms या Round Worms कहा जाता है। इनका शरीर धागे जैसा लंबा तथा गोल होता है, जो इस Phylum की सबसे प्रमुख पहचान मानी जाती है।

Phylum Nemathelminthes की पहचान

यदि किसी जीव का शरीर Cylindrical हो, उसमें Bilateral Symmetry पाई जाए तथा शरीर के अंदर Pseudocoelom उपस्थित हो, तो सामान्यतः उसे Phylum Nemathelminthes का सदस्य माना जाता है।

Concept Note:
Platyhelminthes में Acoelom पाया जाता है, जबकि Nemathelminthes में पहली बार Pseudocoelom का विकास दिखाई देता है। यही इस Phylum की सबसे महत्वपूर्ण विकासात्मक विशेषताओं में से एक है।

General Characteristics of Phylum Nemathelminthes (फाइलम Nemathelminthes के सामान्य लक्षण)

Phylum Nemathelminthes के सभी सदस्यों में कुछ सामान्य विशेषताएँ समान रूप से पाई जाती हैं। यही विशेषताएँ इस Phylum को अन्य Non-Chordates से अलग पहचान देती हैं और इसके Classification का आधार भी बनती हैं।

1. Habitat (आवास)

Nemathelminthes के सदस्य Fresh Water, Marine Water, मिट्टी (Soil) तथा नम स्थानों में पाए जाते हैं। इस Phylum के अनेक सदस्य Parasitic होते हैं, जो मनुष्य, पशुओं तथा पौधों के शरीर में रहकर अपना जीवन पूरा करते हैं।

2. Level of Organization (शरीर संगठन का स्तर)

इनमें Organ System Level of Organization पाया जाता है। अर्थात् विभिन्न अंग (Organs) मिलकर अलग-अलग Organ Systems का निर्माण करते हैं, जिससे शरीर के कार्य अधिक व्यवस्थित ढंग से सम्पन्न होते हैं।

3. Body Symmetry (शरीर की सममिति)

इस Phylum के सभी सदस्य Bilateral Symmetry प्रदर्शित करते हैं। यदि शरीर को बीच से केवल एक समतल द्वारा विभाजित किया जाए, तो दोनों भाग लगभग समान दिखाई देते हैं।

4. Germ Layers (भ्रूणीय परतें)

Nemathelminthes के जीव Triploblastic Animals होते हैं। इनके शरीर का विकास तीन Germ Layers— Ectoderm, Mesoderm तथा Endoderm—से होता है।

5. Body Cavity (शरीर गुहा)

इस Phylum की सबसे महत्वपूर्ण विशेषताओं में से एक Pseudocoelom की उपस्थिति है। यह वास्तविक Coelom नहीं होता, इसलिए इसे False Body Cavity भी कहा जाता है।

6. Body Shape (शरीर की बनावट)

इनका शरीर सामान्यतः लंबा (Elongated), बेलनाकार (Cylindrical) तथा दोनों सिरों पर पतला होता है। शरीर पर बाहरी रूप से किसी प्रकार का Segmentation नहीं पाया जाता, इसलिए पूरा शरीर एक समान दिखाई देता है।

Important Features:
Cylindrical Body, Bilateral Symmetry, Triploblastic Nature, Pseudocoelom तथा Organ System Level of Organization — ये Phylum Nemathelminthes की प्रमुख सामान्य विशेषताएँ हैं।

More General Characteristics of Phylum Nemathelminthes (फाइलम Nemathelminthes के अन्य सामान्य लक्षण)

7. Digestive System (पाचन तंत्र)

Nemathelminthes में Complete Digestive System पाया जाता है। अर्थात् इनमें भोजन ग्रहण करने के लिए Mouth तथा अपचित भोजन को बाहर निकालने के लिए Anus दोनों उपस्थित होते हैं। यह विशेषता इन्हें Platyhelminthes से अधिक विकसित बनाती है।

8. Respiratory System (श्वसन तंत्र)

इस Phylum के सदस्यों में श्वसन के लिए कोई विशेष Respiratory Organs विकसित नहीं होते। ऑक्सीजन तथा कार्बन डाइऑक्साइड का आदान-प्रदान शरीर की बाहरी सतह द्वारा Diffusion से होता है।

9. Circulatory System (परिसंचरण तंत्र)

Nemathelminthes में Circulatory System अनुपस्थित होता है। शरीर के भीतर पोषक पदार्थों का वितरण मुख्यतः Pseudocoelomic Fluid द्वारा किया जाता है।

10. Excretory System (उत्सर्जन तंत्र)

इनमें उत्सर्जन के लिए सरल प्रकार का Excretory System पाया जाता है, जो सामान्यतः Renette Cells अथवा Excretory Canals से मिलकर बना होता है। इसका कार्य शरीर से अपशिष्ट पदार्थों को बाहर निकालना तथा आंतरिक संतुलन बनाए रखना है।

11. Nervous System (तंत्रिका तंत्र)

इनका Nervous System अपेक्षाकृत सरल होता है। मुख के पास एक Nerve Ring पाया जाता है, जिससे शरीर के विभिन्न भागों में तंत्रिकाएँ निकलती हैं और शरीर के कार्यों का समन्वय करती हैं।

12. Reproduction (प्रजनन)

अधिकांश Nemathelminthes में Sexes Separate होते हैं, अर्थात् नर और मादा अलग-अलग जीव होते हैं। इस अवस्था को Dioecious Condition कहा जाता है। इनमें मुख्य रूप से Sexual Reproduction पाया जाता है।

13. Development (विकास)

इस Phylum के कई सदस्यों में विकास के दौरान Larval Stage पाई जाती है। विशेष रूप से परजीवी सदस्यों में लार्वा विभिन्न अवस्थाओं से होकर पूर्ण विकसित Adult का निर्माण करता है।

Exam Concept:
Complete Digestive System, Pseudocoelom, Organ System Level, Separate Sexes (Dioecious) तथा Nerve Ring — ये Phylum Nemathelminthes की सबसे महत्वपूर्ण विशेषताएँ मानी जाती हैं।

Classification of Phylum Nemathelminthes (Up to Order)

Phylum Nemathelminthes के जीवों में शरीर की संरचना, मुख (Mouth), ग्रासनली (Pharynx), प्रजनन तंत्र तथा अन्य सामान्य लक्षणों के आधार पर वैज्ञानिकों ने इन्हें विभिन्न Classes एवं Orders में विभाजित किया है। यह वर्गीकरण इस Phylum की विविधता को व्यवस्थित रूप से समझने में सहायता करता है।

BRABU B.Sc Semester-1 के Syllabus में Nemathelminthes की Classification केवल Order तक ही पढ़नी है। इसलिए यहाँ उसी स्तर तक की आवश्यक जानकारी दी जा रही है।

Class Adenophorea (Aphasmidia)

Adenophorea, जिसे Aphasmidia भी कहा जाता है, Nemathelminthes का एक प्रमुख Class है। इस Class के सदस्यों में कुछ विशिष्ट शारीरिक लक्षण पाए जाते हैं, जिनके आधार पर इन्हें अन्य Classes से अलग रखा गया है।

BRABU Syllabus के अनुसार इस Class के अंतर्गत निम्न Orders शामिल हैं— Enoplida, Dorylaimida, Trichocephalida तथा Mermithida

Class Secernentea (Phasmidia)

Secernentea, जिसे Phasmidia भी कहा जाता है, इस Phylum का दूसरा महत्वपूर्ण Class है। इस Class में ऐसे Nematodes शामिल किए जाते हैं जिनमें कुछ विशेष संवेदी संरचनाएँ (Sensory Structures) विकसित होती हैं।

BRABU Semester-1 के Syllabus के अनुसार इस Class के अंतर्गत निम्न Orders पढ़ाए जाते हैं— Rhabditida, Strongylida, Ascaridida, Spirurida तथा Oxyurida

Classification Shortcut:
NemathelminthesAdenophorea (Aphasmidia) और Secernentea (Phasmidia) — BRABU Semester-1 में यही दो मुख्य Classes पढ़नी हैं। इनके अंतर्गत केवल Order तक की Classification याद रखना पर्याप्त है।

इस Topic में Family, Genus तथा Species का अध्ययन आवश्यक नहीं है, क्योंकि वे BRABU Unit-1 के Syllabus में शामिल नहीं हैं।

Introduction to Phylum Annelida (फाइलम Annelida का परिचय)

Phylum Annelida Non-Chordates का एक अत्यंत विकसित तथा महत्वपूर्ण Phylum है। इस Phylum के जीवों में शरीर की बनावट पहले पढ़े गए Platyhelminthes और Nemathelminthes की तुलना में अधिक विकसित होती है। इनके शरीर में कई नई विशेषताएँ दिखाई देती हैं, जो Animal Evolution में एक महत्वपूर्ण प्रगति (Advancement) को दर्शाती हैं।

Annelida की सबसे प्रमुख पहचान इसका Segmented Body है। इनका शरीर बाहर से छोटे-छोटे समान भागों (Segments) में विभाजित होता है। इस प्रकार की Segmentation को Metamerism कहा जाता है, जो इस Phylum का सबसे महत्वपूर्ण लक्षण माना जाता है।

इस Phylum के सदस्य समुद्र (Marine), मीठे जल (Fresh Water) तथा नम स्थलीय (Moist Terrestrial) स्थानों में पाए जाते हैं। अलग-अलग वातावरण में रहने की क्षमता के कारण Annelida, Non-Chordates का एक अत्यंत विविध (Diverse) समूह माना जाता है।

Meaning of Annelida (Annelida का अर्थ)

Annelida शब्द लैटिन भाषा के Annulus शब्द से बना है, जिसका अर्थ होता है Little Ring अर्थात् छोटी-छोटी वलयाकार रिंग

इनके शरीर पर उपस्थित अनेक Ring जैसे Segments के कारण इस Phylum का नाम Annelida रखा गया। इसी कारण इन्हें सामान्य भाषा में Segmented Worms या Ringed Worms भी कहा जाता है।

Animal Evolution में Annelida का महत्व

Annelida का अध्ययन इसलिए विशेष महत्वपूर्ण है क्योंकि इसी Phylum में पहली बार True Coelom (Eucoelom) स्पष्ट रूप से विकसित मिलता है। इसके साथ-साथ Metameric Segmentation तथा Well Developed Organ System भी दिखाई देता है।

ये विशेषताएँ आगे आने वाले अधिक विकसित Animals के शरीर संगठन की नींव मानी जाती हैं। इसलिए Zoology में Annelida को Evolution की दृष्टि से एक महत्वपूर्ण Phylum माना जाता है।

Concept Note:
Platyhelminthes में Acoelom पाया जाता है, Nemathelminthes में Pseudocoelom मिलता है, जबकि Annelida पहला ऐसा Phylum है जिसमें True Coelom विकसित होता है।

General Characteristics of Phylum Annelida (फाइलम Annelida के सामान्य लक्षण)

Phylum Annelida के सदस्यों में कई ऐसी विशेषताएँ पाई जाती हैं जो इन्हें पहले पढ़े गए Non-Chordates से अधिक विकसित बनाती हैं। शरीर की बनावट, आंतरिक संगठन तथा विभिन्न अंगों का विकास इस Phylum की प्रमुख पहचान है।

1. Habitat (आवास)

Annelida के सदस्य Marine, Fresh Water तथा Moist Terrestrial वातावरण में पाए जाते हैं। विभिन्न प्रकार के आवासों में रहने की क्षमता के कारण यह Phylum व्यापक रूप से पृथ्वी पर वितरित है।

2. Level of Organization (शरीर संगठन का स्तर)

इनमें Organ System Level of Organization पाया जाता है। शरीर के विभिन्न अंग मिलकर अलग-अलग Organ Systems का निर्माण करते हैं, जिससे सभी जैविक क्रियाएँ अधिक प्रभावी ढंग से सम्पन्न होती हैं।

3. Body Symmetry (शरीर की सममिति)

Annelida के सभी सदस्य Bilateral Symmetry प्रदर्शित करते हैं। शरीर को केवल एक मध्य समतल द्वारा दो समान भागों में विभाजित किया जा सकता है।

4. Germ Layers (भ्रूणीय परतें)

इस Phylum के जीव Triploblastic होते हैं। इनके शरीर का विकास तीन Germ Layers— Ectoderm, Mesoderm तथा Endoderm—से होता है।

5. Body Cavity (शरीर गुहा)

Annelida पहला ऐसा Phylum है जिसमें True Coelom (Eucoelom) पूर्ण रूप से विकसित होता है। यह Mesoderm द्वारा चारों ओर से घिरा हुआ वास्तविक शरीर गुहा होता है और आंतरिक अंगों को सुरक्षित रखने के साथ-साथ उनके स्वतंत्र कार्य में भी सहायता करता है।

6. Segmentation (Metamerism)

इस Phylum की सबसे महत्वपूर्ण विशेषता Metameric Segmentation है। शरीर बाहर और अंदर दोनों ओर से अनेक समान Segments में विभाजित रहता है। प्रत्येक Segment को Metamere कहा जाता है। यही लक्षण Annelida की प्रमुख पहचान माना जाता है।

Important Features:
True Coelom, Organ System Level, Bilateral Symmetry, Triploblastic Nature तथा Metameric Segmentation — ये Phylum Annelida की सबसे महत्वपूर्ण सामान्य विशेषताएँ हैं।

More General Characteristics of Phylum Annelida (फाइलम Annelida के अन्य सामान्य लक्षण)

7. Digestive System (पाचन तंत्र)

Annelida में Complete Digestive System पाया जाता है। इनमें भोजन ग्रहण करने के लिए Mouth तथा अपचित भोजन को बाहर निकालने के लिए Anus दोनों उपस्थित होते हैं। भोजन का पाचन विभिन्न भागों में क्रमबद्ध रूप से होता है, जिससे यह तंत्र अधिक प्रभावी माना जाता है।

8. Circulatory System (परिसंचरण तंत्र)

Annelida पहला ऐसा प्रमुख Non-Chordate Phylum है जिसमें Well Developed Blood Vascular System पाया जाता है। रक्त शरीर के विभिन्न भागों तक ऑक्सीजन, पोषक पदार्थ तथा अन्य आवश्यक तत्वों का परिवहन करता है।

9. Respiratory System (श्वसन तंत्र)

श्वसन का तरीका सभी सदस्यों में एक जैसा नहीं होता। कुछ Annelids में गैसों का आदान-प्रदान Body Surface द्वारा होता है, जबकि कुछ जलीय सदस्यों में Gills श्वसन का कार्य करते हैं।

10. Excretory System (उत्सर्जन तंत्र)

उत्सर्जन के लिए Annelida में Nephridia नामक विशेष उत्सर्जी अंग पाए जाते हैं। ये शरीर से अपशिष्ट पदार्थों को बाहर निकालने के साथ-साथ Water Balance बनाए रखने में भी सहायता करते हैं।

11. Nervous System (तंत्रिका तंत्र)

इनका Nervous System अच्छी तरह विकसित होता है। इसमें अग्र भाग में Cerebral Ganglia तथा शरीर के निचले भाग में Ventral Nerve Cord उपस्थित रहती है, जो शरीर के विभिन्न भागों के बीच समन्वय स्थापित करती है।

12. Reproduction (प्रजनन)

Annelida में प्रजनन की विधि विभिन्न समूहों में अलग-अलग हो सकती है। कुछ सदस्य Hermaphrodite होते हैं, जबकि कुछ में Separate Sexes पाए जाते हैं। सामान्यतः इनमें Sexual Reproduction होता है।

13. Development (विकास)

Annelida के कुछ सदस्यों में विकास Direct होता है, जबकि समुद्री सदस्यों में प्रायः Trochophore Larva पाया जाता है। यह लार्वा अवस्था Annelida की एक महत्वपूर्ण विशेषता मानी जाती है।

Important Concept:
True Coelom, Metameric Segmentation, Blood Vascular System, Nephridia तथा Trochophore Larva — ये Phylum Annelida की सबसे महत्वपूर्ण पहचान मानी जाती हैं।

Classification of Phylum Annelida (Up to Order)

Phylum Annelida के जीवों में शरीर की संरचना, Segmentation, शरीर पर उपस्थित विशेष अंगों तथा अन्य सामान्य लक्षणों के आधार पर वैज्ञानिकों ने इन्हें विभिन्न Classes तथा आगे Orders में वर्गीकृत किया है। इससे इस Phylum के विभिन्न समूहों को व्यवस्थित रूप से समझना आसान हो जाता है।

BRABU B.Sc Semester-1 के Syllabus में Annelida की Classification केवल Order तक पढ़नी है। इसलिए यहाँ उसी स्तर तक की आवश्यक जानकारी दी जा रही है।

Class Polychaeta

Polychaeta इस Phylum का प्रमुख Class है। इसके अधिकांश सदस्य समुद्री (Marine) वातावरण में पाए जाते हैं। BRABU Syllabus के अनुसार इस Class के अंतर्गत निम्न Orders शामिल हैं— Errantia तथा Sedentaria

Class Oligochaeta

Oligochaeta के सदस्य मुख्यतः Fresh Water तथा Moist Soil में पाए जाते हैं। इस Class के अंतर्गत BRABU Semester-1 Syllabus में प्रमुख Order Opisthopora शामिल है।

Class Hirudinea

Hirudinea Annelida का तीसरा प्रमुख Class है। इस Class के अंतर्गत BRABU Syllabus के अनुसार निम्न Orders पढ़ाए जाते हैं— Acanthobdellida, Rhynchobdellida तथा Gnathobdellida

Quick Revision:
BRABU Semester-1 में Annelida की Classification याद करते समय केवल तीन मुख्य Classes— Polychaeta, Oligochaeta तथा Hirudinea और इनके अंतर्गत आने वाले Orders पर ध्यान देना पर्याप्त है।

इस Topic में Family, Genus तथा Species का अध्ययन आवश्यक नहीं है, क्योंकि BRABU Unit-1 के Syllabus में Classification केवल Order तक ही निर्धारित है।

Phylum Arthropoda

Introduction to Phylum Arthropoda (फाइलम Arthropoda का परिचय)

Phylum Arthropoda Animal Kingdom का सबसे बड़ा तथा सबसे अधिक Diverse Phylum माना जाता है। इस Phylum में पृथ्वी पर पाए जाने वाले कुल ज्ञात पशु जीवों का बहुत बड़ा भाग शामिल है। यही कारण है कि Zoology में Arthropoda का अध्ययन विशेष महत्व रखता है।

यदि हम अपने आसपास के वातावरण को ध्यान से देखें, तो हमें अनेक ऐसे छोटे-बड़े जीव दिखाई देते हैं जो इसी Phylum के सदस्य होते हैं। ये जीव खेतों, बगीचों, जंगलों, घरों, नदियों, तालाबों, समुद्रों तथा पहाड़ी क्षेत्रों तक लगभग हर प्रकार के Habitat में पाए जाते हैं। अलग-अलग वातावरण में आसानी से रहने की क्षमता ही इस Phylum को अन्य Phyla से अलग पहचान देती है।

Arthropoda के जीव आकार, रंग, जीवन-शैली तथा शरीर की बनावट में काफी विविधता रखते हैं। कुछ जीव इतने छोटे होते हैं कि उन्हें बिना विशेष उपकरण के देखना कठिन होता है, जबकि कुछ सदस्य अपेक्षाकृत बड़े आकार के भी होते हैं। इतनी अधिक विविधता होने के बावजूद इन सभी में कुछ सामान्य विशेषताएँ समान रूप से पाई जाती हैं, जिनके आधार पर इन्हें एक ही Phylum में रखा गया है।

Non-Chordates के विकास (Evolution) को समझने में भी Phylum Arthropoda का महत्वपूर्ण स्थान है। इस Phylum में शरीर के विभिन्न भागों तथा अंगों में स्पष्ट कार्य-विभाजन (Division of Labour) दिखाई देता है। यही कारण है कि इनके शरीर के अलग-अलग भाग अलग-अलग कार्यों को अधिक दक्षता से पूरा करते हैं।

Meaning of Arthropoda (Arthropoda का अर्थ)

Arthropoda शब्द दो ग्रीक शब्दों से मिलकर बना है। Arthro का अर्थ होता है Joint (संधि) तथा Poda का अर्थ होता है Foot (पैर)

इस प्रकार Arthropoda का शाब्दिक अर्थ "Jointed Legs वाले जीव" होता है। इनके पैर संधियों (Joints) द्वारा जुड़े होते हैं, जो इस Phylum की सबसे प्रमुख पहचान मानी जाती है। इसी विशेषता के कारण वैज्ञानिकों ने इस पूरे समूह का नाम Arthropoda रखा।

Zoology में जब भी Jointed Appendages की बात होती है, तो सबसे पहले Phylum Arthropoda का नाम सामने आता है। यही विशेषता इसे Animal Kingdom के सबसे सफल एवं सबसे अधिक अनुकूलित (Highly Adapted) Phyla में से एक बनाती है।

General Characteristics of Phylum Arthropoda (फाइलम Arthropoda के सामान्य लक्षण)

Phylum Arthropoda के सदस्यों में कुछ ऐसी विशेषताएँ पाई जाती हैं जो इन्हें Animal Kingdom के अन्य Non-Chordates से अलग पहचान देती हैं। इन्हीं सामान्य लक्षणों के आधार पर इस Phylum के सभी जीवों को एक समूह में रखा गया है।

Habitat (आवास)

Arthropods पृथ्वी के लगभग प्रत्येक प्रकार के Habitat में पाए जाते हैं। ये Marine Water, Fresh Water, स्थलीय (Terrestrial) क्षेत्रों तथा कई बार अन्य जीवों के शरीर पर या उनके भीतर भी पाए जा सकते हैं। विभिन्न वातावरण में अनुकूलन (Adaptation) की क्षमता इस Phylum की एक प्रमुख विशेषता है।

Level of Organization (शरीर संगठन का स्तर)

इनमें Organ System Level of Organization पाया जाता है। शरीर के अलग-अलग अंग मिलकर विभिन्न Organ Systems बनाते हैं, जिससे प्रत्येक जैविक क्रिया व्यवस्थित रूप से सम्पन्न होती है।

Body Symmetry (शरीर की सममिति)

इस Phylum के सभी सदस्य Bilateral Symmetry प्रदर्शित करते हैं। अर्थात् शरीर को केवल एक मध्य समतल द्वारा दो समान भागों में विभाजित किया जा सकता है।

Germ Layers (भ्रूणीय परतें)

Arthropoda के सभी जीव Triploblastic Animals होते हैं। इनके शरीर का विकास तीन भ्रूणीय परतों— Ectoderm, Mesoderm तथा Endoderm—से होता है।

Body Cavity (शरीर गुहा)

इनमें वास्तविक शरीर गुहा अर्थात् True Coelom का विकास भ्रूण अवस्था में होता है, लेकिन वयस्क अवस्था में यह काफी कम हो जाता है और शरीर के भीतर मुख्य रूप से Haemocoel पाया जाता है। इसी Haemocoel में शरीर का द्रव (Blood / Haemolymph) प्रवाहित होता है।

Body Segmentation (शरीर का विभाजन)

Arthropoda का शरीर सामान्यतः Segmented होता है। अनेक Segments आपस में मिलकर बड़े भागों का निर्माण करते हैं। इन्हें Tagmata कहा जाता है। सामान्यतः शरीर Head, Thorax तथा Abdomen में विभाजित रहता है, हालांकि सभी समूहों में यह विभाजन समान नहीं होता।

Study Point:
Wide Habitat, Organ System Level, Bilateral Symmetry, Triploblastic Nature तथा Haemocoel — ये Phylum Arthropoda की आधारभूत विशेषताओं में शामिल हैं।

More General Characteristics of Phylum Arthropoda (फाइलम Arthropoda के अन्य सामान्य लक्षण)

Body Wall and Exoskeleton (शरीर भित्ति एवं बाह्य कंकाल)

Arthropoda के शरीर के बाहर एक कठोर Exoskeleton पाया जाता है। यह मुख्य रूप से Chitin नामक पदार्थ से बना होता है। यह बाहरी आवरण शरीर को सुरक्षा प्रदान करता है, शरीर का आकार बनाए रखता है तथा बाहरी चोटों से बचाने में सहायता करता है।

चूँकि Exoskeleton कठोर होता है, इसलिए शरीर इसके साथ लगातार नहीं बढ़ सकता। इसी कारण Arthropods समय-समय पर पुराने Exoskeleton को छोड़कर नया Exoskeleton बनाते हैं। इस प्रक्रिया को Moulting (Ecdysis) कहा जाता है।

Jointed Appendages (संधियुक्त उपांग)

इस Phylum की सबसे प्रमुख पहचान Jointed Appendages हैं। इनके पैर तथा अन्य उपांग संधियों (Joints) द्वारा जुड़े होते हैं, जिससे ये आसानी से मुड़ सकते हैं और विभिन्न प्रकार की गतिविधियाँ कर सकते हैं।

यही विशेषता Arthropoda को अन्य सभी Non-Chordates से अलग पहचान देती है। चलना, तैरना, भोजन पकड़ना तथा अन्य कई कार्य इन्हीं Jointed Appendages की सहायता से सम्पन्न होते हैं।

Digestive System (पाचन तंत्र)

Arthropoda में Complete Digestive System पाया जाता है। इनमें भोजन ग्रहण करने के लिए Mouth तथा अपचित भोजन को बाहर निकालने के लिए Anus उपस्थित होता है। पाचन तंत्र अच्छी तरह विकसित होता है और भोजन का पाचन क्रमबद्ध रूप से होता है।

Circulatory System (परिसंचरण तंत्र)

इनमें Open Circulatory System पाया जाता है। रक्त पूरी तरह बंद रक्त वाहिकाओं में नहीं बहता, बल्कि Haemocoel में प्रवाहित होता है। इस द्रव को सामान्यतः Haemolymph कहा जाता है।

Respiratory System (श्वसन तंत्र)

Arthropoda के सभी सदस्यों में श्वसन का तरीका एक समान नहीं होता। अलग-अलग समूहों में Gills, Tracheae या Book Lungs जैसे श्वसन अंग पाए जा सकते हैं। श्वसन का प्रकार मुख्यतः उनके Habitat पर निर्भर करता है।

Quick Concept:
Exoskeleton और Jointed Appendages मिलकर Arthropoda की सबसे विशिष्ट पहचान बनाते हैं। इसी कारण इस Phylum के जीव पृथ्वी के लगभग हर प्रकार के वातावरण में सफलतापूर्वक पाए जाते हैं।

Additional General Characteristics of Phylum Arthropoda (फाइलम Arthropoda के अन्य सामान्य लक्षण)

Excretory System (उत्सर्जन तंत्र)

Arthropoda में उत्सर्जन (Excretion) के लिए अलग-अलग समूहों में अलग प्रकार के उत्सर्जी अंग पाए जाते हैं। स्थलीय Arthropods में सामान्यतः Malpighian Tubules पाए जाते हैं, जबकि कुछ जलीय समूहों में Green Glands या Coxal Glands उत्सर्जन का कार्य करते हैं। इनका मुख्य कार्य शरीर से अपशिष्ट पदार्थों को बाहर निकालना तथा आंतरिक संतुलन बनाए रखना होता है।

Nervous System (तंत्रिका तंत्र)

इस Phylum का Nervous System अच्छी तरह विकसित होता है। अग्र भाग में Brain या Supra-oesophageal Ganglion पाया जाता है, जो शरीर की प्रमुख गतिविधियों को नियंत्रित करता है। इसके साथ एक Double Ventral Nerve Cord शरीर के निचले भाग में फैली रहती है।

Sense Organs (संवेदी अंग)

Arthropods में Sense Organs अत्यधिक विकसित होते हैं। इनमें स्पर्श, गंध, स्वाद तथा कंपन को पहचानने वाले विशेष संवेदी अंग पाए जाते हैं। अनेक सदस्यों में Compound Eyes विकसित होती हैं, जिनकी सहायता से वे अपने आसपास के वातावरण को प्रभावी ढंग से पहचानते हैं।

Reproduction (प्रजनन)

अधिकांश Arthropods में Sexes Separate होते हैं, अर्थात् नर और मादा अलग-अलग पाए जाते हैं। यह अवस्था Dioecious कहलाती है। इनमें मुख्य रूप से Sexual Reproduction होता है तथा निषेचन (Fertilization) आंतरिक या बाह्य दोनों प्रकार का हो सकता है।

Development (विकास)

Arthropoda के अनेक सदस्यों में अंडे से निकलने के बाद जीव सीधे Adult नहीं बनता, बल्कि पहले Larval Stage से होकर गुजरता है। कई समूहों में बाद में Metamorphosis की प्रक्रिया होती है, जिसके दौरान शरीर में क्रमिक परिवर्तन होते हुए पूर्ण विकसित Adult बनता है। हालांकि सभी Arthropods में विकास का प्रकार समान नहीं होता।

Study Insight:
Arthropoda की पहचान केवल Jointed Legs से ही नहीं होती, बल्कि Chitinous Exoskeleton, Open Circulatory System, Well Developed Sense Organs तथा विभिन्न प्रकार के Respiratory और Excretory Organs भी इसे Animal Kingdom का सबसे सफल Phylum बनाते हैं।

Classification of Phylum Arthropoda (Up to Order)

Phylum Arthropoda Animal Kingdom का सबसे बड़ा Phylum है। इसके सदस्यों में शरीर की बनावट, श्वसन अंगों, उपांगों (Appendages) तथा अन्य सामान्य विशेषताओं में अंतर पाया जाता है। इन्हीं आधारों पर वैज्ञानिकों ने इस Phylum को विभिन्न Classes तथा आगे Orders में विभाजित किया है।

BRABU B.Sc Semester-1 के Syllabus में Arthropoda की Classification केवल Order तक पढ़नी है। इसलिए यहाँ उसी सीमा तक आवश्यक वर्गीकरण प्रस्तुत किया जा रहा है।

Class Crustacea

Crustacea के अधिकांश सदस्य जलीय (Aquatic) होते हैं। BRABU Syllabus के अनुसार इस Class के अंतर्गत निम्न Orders शामिल हैं— Branchiopoda, Ostracoda, Copepoda, Cirripedia, Isopoda, Amphipoda तथा Decapoda

Class Arachnida

Arachnida के अधिकांश सदस्य स्थलीय (Terrestrial) होते हैं। BRABU Semester-1 के अनुसार इस Class में निम्न Orders पढ़े जाते हैं— Scorpionida, Araneae, Acarina तथा Opiliones

Class Insecta

Insecta Arthropoda का सबसे बड़ा Class है। BRABU Syllabus में इसके अंतर्गत प्रमुख Orders निम्न हैं— Orthoptera, Dictyoptera, Isoptera, Hemiptera, Coleoptera, Lepidoptera, Diptera तथा Hymenoptera

Class Chilopoda

Chilopoda के अंतर्गत BRABU Syllabus के अनुसार प्रमुख Order Scolopendromorpha शामिल है।

Class Diplopoda

Diplopoda के अंतर्गत BRABU Semester-1 में प्रमुख Order Juliformia पढ़ाया जाता है।

Classification at a Glance:
Arthropoda को BRABU Semester-1 में मुख्य रूप से Crustacea, Arachnida, Insecta, Chilopoda तथा Diplopoda में विभाजित करके इनके Orders तक अध्ययन किया जाता है।

Phylum Mollusca

Introduction to Phylum Mollusca (फाइलम Mollusca का परिचय)

Phylum Mollusca Animal Kingdom का दूसरा सबसे बड़ा Non-Chordate Phylum माना जाता है। इस Phylum के सदस्य अपनी विशिष्ट शारीरिक बनावट, मुलायम शरीर तथा विभिन्न प्रकार के आवासों में रहने की क्षमता के कारण Zoology में विशेष महत्व रखते हैं।

Mollusca के जीव मुख्य रूप से Marine Environment में पाए जाते हैं, लेकिन अनेक सदस्य Fresh Water तथा Terrestrial Habitat में भी सफलतापूर्वक जीवन व्यतीत करते हैं। यही कारण है कि यह Phylum लगभग पूरी दुनिया में व्यापक रूप से फैला हुआ है।

इस Phylum के जीव आकार, आकृति तथा जीवन-शैली में काफी विविधता प्रदर्शित करते हैं। कुछ सदस्य सूक्ष्म आकार के होते हैं, जबकि कुछ बड़े आकार तक विकसित हो जाते हैं। बाहरी रूप में भिन्नता होने के बावजूद इनमें कई सामान्य विशेषताएँ समान रूप से पाई जाती हैं, जिनके आधार पर इन्हें एक ही Phylum में रखा गया है।

Mollusca का अध्ययन केवल Classification की दृष्टि से ही महत्वपूर्ण नहीं है, बल्कि यह Animal Evolution को समझने में भी सहायता करता है। इस Phylum में शरीर के विभिन्न भाग स्पष्ट रूप से विकसित दिखाई देते हैं, जिससे इनके Organ Systems अपेक्षाकृत अधिक व्यवस्थित रूप से कार्य करते हैं।

Meaning of Mollusca (Mollusca का अर्थ)

Mollusca शब्द लैटिन भाषा के Molluscus शब्द से बना है, जिसका अर्थ होता है Soft अर्थात् मुलायम

इसी कारण इस Phylum के जीवों को Soft-bodied Animals कहा जाता है। इनके शरीर का बाहरी भाग सामान्यतः कोमल होता है। अनेक सदस्यों में सुरक्षा के लिए शरीर के ऊपर कठोर Shell भी पाया जाता है, जबकि कुछ समूहों में यह Shell कम विकसित या अनुपस्थित भी हो सकता है।

Soft Body तथा कई सदस्यों में पाया जाने वाला Protective Shell, इस Phylum की सबसे प्रमुख पहचान मानी जाती है। यही विशेषताएँ Mollusca को अन्य Non-Chordate Phyla से अलग स्थान प्रदान करती हैं।

General Characteristics of Phylum Mollusca (फाइलम Mollusca के सामान्य लक्षण)

Phylum Mollusca के सभी सदस्यों में कुछ सामान्य विशेषताएँ समान रूप से पाई जाती हैं। इन्हीं लक्षणों के आधार पर वैज्ञानिक इन्हें एक ही Phylum में शामिल करते हैं। आइए इन सामान्य लक्षणों को एक-एक करके समझते हैं।

1. Habitat (आवास)

अधिकांश Molluscs समुद्री (Marine) वातावरण में पाए जाते हैं। इसके अलावा कई सदस्य Fresh Water तथा Terrestrial Habitat में भी रहते हैं। अलग-अलग प्रकार के वातावरण में रहने की क्षमता इस Phylum की महत्वपूर्ण विशेषताओं में से एक है।

2. Level of Organization (शरीर संगठन का स्तर)

Mollusca के जीवों में Organ System Level of Organization पाया जाता है। शरीर के विभिन्न अंग मिलकर अलग-अलग Organ Systems का निर्माण करते हैं, जिससे सभी जैविक क्रियाएँ व्यवस्थित रूप से सम्पन्न होती हैं।

3. Body Symmetry (शरीर की सममिति)

सामान्यतः Mollusca के सदस्य Bilateral Symmetry प्रदर्शित करते हैं। अर्थात् शरीर को केवल एक मध्य तल द्वारा दो समान भागों में विभाजित किया जा सकता है। हालांकि कुछ समूहों में विकास के दौरान इस सममिति में परिवर्तन भी देखने को मिलता है।

4. Germ Layers (भ्रूणीय परतें)

इस Phylum के सभी सदस्य Triploblastic Animals होते हैं। इनके शरीर का विकास तीन भ्रूणीय परतों— Ectoderm, Mesoderm तथा Endoderm—से होता है।

5. Body Cavity (शरीर गुहा)

Mollusca के सदस्य True Coelomate होते हैं। इनमें वास्तविक शरीर गुहा (True Coelom) पाई जाती है, लेकिन इसका आकार अपेक्षाकृत छोटा होता है। शरीर का अधिकांश आंतरिक भाग अन्य अंगों द्वारा घिरा रहता है।

6. Body Division (शरीर का विभाजन)

Mollusca का शरीर सामान्यतः तीन मुख्य भागों में विभाजित माना जाता है— Head, Muscular Foot तथा Visceral Mass। इन तीनों भागों का अपना-अपना अलग कार्य होता है और मिलकर ये पूरे शरीर की गतिविधियों को संचालित करते हैं।

Additional General Characteristics of Phylum Mollusca (फाइलम Mollusca के अन्य सामान्य लक्षण)

अब तक हमने Mollusca के आधारभूत लक्षणों को समझा। अब इसके कुछ अन्य महत्वपूर्ण सामान्य लक्षणों को जानेंगे, जो इस Phylum की पहचान को और अधिक स्पष्ट करते हैं।

7. Mantle (मेंटल)

Mantle शरीर की एक विशेष मुलायम परत होती है, जो Visceral Mass को ढककर उसकी सुरक्षा करती है। अधिकांश Molluscs में यही Mantle बाहरी Shell का निर्माण करता है। हालांकि सभी सदस्यों में Shell समान रूप से विकसित नहीं होता।

8. Locomotion (गमन)

इनमें चलने-फिरने के लिए सामान्यतः एक मजबूत Muscular Foot पाया जाता है। यही Foot अलग-अलग समूहों में रेंगने, चिपकने, खोदने अथवा तैरने जैसे कार्यों में सहायता करता है।

9. Digestive System (पाचन तंत्र)

Digestive System पूर्ण विकसित (Complete) होता है। भोजन ग्रहण करने के लिए Mouth तथा अपचित भोजन को बाहर निकालने के लिए Anus उपस्थित रहता है। अधिकांश सदस्यों में पाचन क्रिया सुव्यवस्थित ढंग से सम्पन्न होती है।

10. Circulatory System (परिसंचरण तंत्र)

अधिकांश Molluscs में Open Circulatory System पाया जाता है। हालांकि कुछ विकसित समूहों में Closed Circulatory System भी मिलता है। यह इस Phylum की एक विशेष विशेषता मानी जाती है।

Characteristic Description
Mantle शरीर को ढकने वाली विशेष परत, जो अधिकांश सदस्यों में Shell का निर्माण करती है।
Locomotion मुख्यतः Muscular Foot की सहायता से गमन होता है।
Digestive System Complete Digestive System पाया जाता है।
Circulatory System अधिकांश में Open, जबकि कुछ विकसित समूहों में Closed Circulatory System मिलता है।

More General Characteristics of Phylum Mollusca (फाइलम Mollusca के अन्य सामान्य लक्षण)

11. Respiratory System (श्वसन तंत्र)

Mollusca के सदस्यों में श्वसन का प्रकार उनके Habitat पर निर्भर करता है। अधिकांश जलीय (Aquatic) सदस्यों में Gills (Ctenidia) द्वारा श्वसन होता है, जबकि स्थलीय (Terrestrial) सदस्यों में Lung-like Mantle Cavity श्वसन का कार्य करती है। इसलिए पूरे Phylum में श्वसन अंग एक जैसे नहीं होते।

12. Excretory System (उत्सर्जन तंत्र)

इनमें उत्सर्जन के लिए सामान्यतः Kidneys (Metanephridia) पाए जाते हैं। ये शरीर में बनने वाले अपशिष्ट पदार्थों को बाहर निकालने का कार्य करते हैं तथा शरीर के आंतरिक संतुलन (Internal Balance) को बनाए रखने में सहायता करते हैं।

13. Nervous System (तंत्रिका तंत्र)

Nervous System अच्छी तरह विकसित होता है। इसमें विभिन्न प्रकार के Ganglia तथा उन्हें जोड़ने वाली Nerve Cords पाई जाती हैं। यही तंत्र शरीर की विभिन्न क्रियाओं का समन्वय एवं नियंत्रण करता है।

14. Sense Organs (संवेदी अंग)

Mollusca के कई सदस्यों में स्पर्श, गंध तथा प्रकाश को पहचानने वाले Sense Organs विकसित होते हैं। कुछ समूहों में आँखें (Eyes) भी पाई जाती हैं, जबकि अन्य में स्पर्श करने वाले विशेष Tentacles उपस्थित होते हैं।

15. Reproduction and Development (प्रजनन एवं विकास)

अधिकांश Molluscs में Sexes Separate होते हैं, अर्थात् नर और मादा अलग-अलग पाए जाते हैं। इनमें मुख्य रूप से Sexual Reproduction होता है। कुछ समूहों में विकास Larval Stage के माध्यम से होता है, जबकि कुछ में विकास अपेक्षाकृत सरल होता है।

Concept Check:
Mollusca की पहचान केवल Soft Body से नहीं होती। Mantle, Muscular Foot, Metanephridia, Ganglionic Nervous System तथा Habitat के अनुसार बदलने वाले Respiratory Organs भी इस Phylum की प्रमुख सामान्य विशेषताएँ हैं।

Classification of Phylum Mollusca (Up to Order)

Phylum Mollusca के सदस्यों में शरीर की बनावट, बाहरी आवरण, रहने के स्थान तथा अन्य सामान्य लक्षणों में विभिन्नता पाई जाती है। इन्हीं विशेषताओं के आधार पर वैज्ञानिकों ने इस Phylum को अलग-अलग Classes तथा आगे Orders में विभाजित किया है।

BRABU B.Sc Semester-1 के Syllabus में Mollusca की Classification केवल Order तक पढ़नी है। इसलिए यहाँ उसी स्तर तक आवश्यक वर्गीकरण दिया जा रहा है।

Class Amphineura

Amphineura को Mollusca का अपेक्षाकृत आदिम (Primitive) Class माना जाता है। BRABU Syllabus के अनुसार इसके अंतर्गत निम्न Orders शामिल हैं— Polyplacophora तथा Aplacophora

Class Gastropoda

Gastropoda Mollusca का सबसे बड़ा Class है। BRABU Semester-1 के अनुसार इसके प्रमुख Orders हैं— Prosobranchia, Opisthobranchia तथा Pulmonata

Class Pelecypoda (Bivalvia)

Pelecypoda, जिसे Bivalvia भी कहा जाता है, BRABU Syllabus में एक महत्वपूर्ण Class है। इसके अंतर्गत प्रमुख Orders— Protobranchia, Filibranchia, Eulamellibranchia तथा Septibranchia—शामिल हैं।

Class Cephalopoda

Cephalopoda Mollusca का सबसे अधिक विकसित Class माना जाता है। BRABU Semester-1 के अनुसार इसके प्रमुख Orders हैं— Tetrabranchiata, Dibranchiata तथा Octopoda

Class Orders (Up to Order)
Amphineura Polyplacophora, Aplacophora
Gastropoda Prosobranchia, Opisthobranchia, Pulmonata
Pelecypoda (Bivalvia) Protobranchia, Filibranchia, Eulamellibranchia, Septibranchia
Cephalopoda Tetrabranchiata, Dibranchiata, Octopoda

Phylum Echinodermata

Introduction to Phylum Echinodermata (फाइलम Echinodermata का परिचय)

Phylum Echinodermata Non-Chordates का एक अत्यंत विशिष्ट (Unique) Phylum है। इस Phylum के जीव अपनी बाहरी बनावट, रहने के स्थान तथा कुछ विशेष जैविक लक्षणों के कारण अन्य सभी Non-Chordate Phyla से अलग पहचान रखते हैं। Zoology में इनका अध्ययन Evolution तथा Classification दोनों की दृष्टि से महत्वपूर्ण माना जाता है।

इस Phylum के लगभग सभी सदस्य Marine Habitat अर्थात् समुद्री जल में पाए जाते हैं। Fresh Water या Terrestrial Habitat में इनका प्राकृतिक निवास नहीं होता। यही कारण है कि Echinodermata को पूर्णतः Marine Animals का Phylum भी कहा जाता है।

Echinoderms समुद्र के विभिन्न भागों में पाए जाते हैं। कुछ सदस्य समुद्र की सतह के निकट रहते हैं, जबकि अनेक जीव समुद्र की गहराइयों में भी सफलतापूर्वक जीवन व्यतीत करते हैं। अलग-अलग समुद्री परिस्थितियों के अनुसार इनमें अनुकूलन (Adaptation) की क्षमता विकसित होती है।

Phylum Echinodermata के जीवों में कई ऐसे लक्षण पाए जाते हैं जो अन्य Non-Chordates में सामान्यतः नहीं मिलते। यही विशेषताएँ इस Phylum को Zoology के अध्ययन में विशेष स्थान प्रदान करती हैं।

Meaning of Echinodermata (Echinodermata का अर्थ)

Echinodermata शब्द दो ग्रीक शब्दों से मिलकर बना है। Echinos का अर्थ होता है Spiny (काँटेदार) तथा Derma का अर्थ होता है Skin (त्वचा)

इस प्रकार Echinodermata का शाब्दिक अर्थ "Spiny Skin Animals" अर्थात् काँटेदार त्वचा वाले जीव होता है। इनके शरीर की बाहरी सतह पर सामान्यतः काँटेनुमा संरचनाएँ पाई जाती हैं, जो इस Phylum की प्रमुख पहचान मानी जाती हैं।

इसी विशेषता के आधार पर वैज्ञानिकों ने इस पूरे समूह को Phylum Echinodermata नाम दिया। BRABU Semester-1 के Syllabus में इस Phylum का अध्ययन मुख्य रूप से इसके General Characteristics तथा Classification (Up to Order) तक सीमित है।

General Characteristics of Phylum Echinodermata (फाइलम Echinodermata के सामान्य लक्षण)

Phylum Echinodermata के सभी सदस्यों में कुछ ऐसे सामान्य लक्षण पाए जाते हैं, जो इन्हें अन्य Non-Chordate Phyla से अलग पहचान देते हैं। इन्हीं विशेषताओं के आधार पर वैज्ञानिक इन्हें एक स्वतंत्र Phylum के रूप में वर्गीकृत करते हैं।

Habitat (आवास)

Echinodermata के सभी सदस्य Exclusively Marine होते हैं। अर्थात् ये केवल समुद्री (Marine) वातावरण में ही पाए जाते हैं। Fresh Water तथा Terrestrial Habitat में इनका प्राकृतिक निवास नहीं होता।

Level of Organization (शरीर संगठन का स्तर)

इनमें Organ System Level of Organization पाया जाता है। शरीर के विभिन्न अंग मिलकर अलग-अलग Organ Systems का निर्माण करते हैं, जिससे सभी आवश्यक जैविक क्रियाएँ सुव्यवस्थित रूप से सम्पन्न होती हैं।

Body Symmetry (शरीर की सममिति)

वयस्क (Adult) Echinoderms में सामान्यतः Pentamerous Radial Symmetry पाई जाती है, अर्थात् शरीर पाँच भागों के आधार पर व्यवस्थित रहता है। जबकि इनकी Larval Stage में Bilateral Symmetry देखने को मिलती है। यह विशेषता इस Phylum की सबसे महत्वपूर्ण पहचान मानी जाती है।

Germ Layers (भ्रूणीय परतें)

Echinodermata के सभी सदस्य Triploblastic Animals होते हैं। इनके शरीर का विकास तीन भ्रूणीय परतों— Ectoderm, Mesoderm तथा Endoderm—से होता है।

Body Cavity (शरीर गुहा)

इस Phylum के सदस्य True Coelomates होते हैं। इनमें अच्छी तरह विकसित True Coelom पाया जाता है, जो विभिन्न आंतरिक अंगों को व्यवस्थित रखने तथा उनके कार्यों में सहायता करता है।

Endoskeleton (आंतरिक कंकाल)

Echinodermata की एक प्रमुख विशेषता यह है कि इनमें Endoskeleton पाया जाता है। यह त्वचा के नीचे स्थित Calcareous Ossicles से बना होता है। यही Ossicles शरीर को मजबूती प्रदान करते हैं तथा कई सदस्यों में बाहरी सतह पर दिखाई देने वाले काँटों (Spines) का आधार भी बनते हैं।

Additional General Characteristics of Phylum Echinodermata (फाइलम Echinodermata के अन्य सामान्य लक्षण)

Water Vascular System (जल संवहनी तंत्र)

Water Vascular System Echinodermata की सबसे विशिष्ट (Characteristic) विशेषता मानी जाती है। यह जल से भरी हुई नलिकाओं (Canals) का एक विशेष तंत्र होता है, जो केवल इसी Phylum में विकसित रूप से पाया जाता है। इसकी सहायता से शरीर की अनेक महत्वपूर्ण क्रियाएँ सम्पन्न होती हैं।

यह तंत्र मुख्य रूप से Locomotion (गमन), Food Capture (भोजन ग्रहण करने), Respiration (श्वसन) तथा Sensory Functions (संवेदन) में सहायता करता है। यही कारण है कि Water Vascular System को Echinodermata की पहचान माना जाता है।

Digestive System (पाचन तंत्र)

अधिकांश Echinoderms में Complete Digestive System पाया जाता है। इनमें भोजन ग्रहण करने के लिए Mouth तथा अपचित भोजन को बाहर निकालने के लिए Anus उपस्थित रहता है। पाचन तंत्र अच्छी तरह विकसित होता है।

Circulatory System (परिसंचरण तंत्र)

इस Phylum में सामान्य अर्थों में विकसित Blood Vascular System नहीं पाया जाता। शरीर के विभिन्न भागों तक पदार्थों के परिवहन में मुख्य भूमिका Coelomic Fluid तथा Water Vascular System निभाते हैं।

Respiratory System (श्वसन तंत्र)

Echinodermata में श्वसन का कोई एक समान अंग नहीं होता। विभिन्न समूहों में Dermal Branchiae, Tube Feet अथवा अन्य विशेष संरचनाओं द्वारा गैसों का आदान-प्रदान होता है। इसलिए श्वसन का तरीका सभी सदस्यों में समान नहीं होता।

Excretory System (उत्सर्जन तंत्र)

Echinodermata में विशेष प्रकार के उत्सर्जी अंग (Specialized Excretory Organs) नहीं पाए जाते। शरीर में बनने वाले अपशिष्ट पदार्थ सामान्यतः Diffusion की प्रक्रिया द्वारा बाहर निकल जाते हैं।

Key Concept:
यदि किसी Non-Chordate Phylum की पहचान एक ही विशेष लक्षण से करनी हो, तो Echinodermata के लिए सबसे महत्वपूर्ण पहचान Water Vascular System मानी जाती है। यह विशेषता अन्य किसी भी Phylum में इस रूप में नहीं पाई जाती।

Remaining General Characteristics of Phylum Echinodermata (फाइलम Echinodermata के शेष सामान्य लक्षण)

Nervous System (तंत्रिका तंत्र)

Echinodermata का Nervous System अपेक्षाकृत सरल होता है। इनमें स्पष्ट रूप से विकसित मस्तिष्क (Brain) नहीं पाया जाता। सामान्यतः एक Nerve Ring तथा उससे निकलने वाली Radial Nerves शरीर के विभिन्न भागों तक तंत्रिका संदेश पहुँचाती हैं।

Sense Organs (संवेदी अंग)

इस Phylum के सदस्यों में Sense Organs अधिक विकसित नहीं होते। फिर भी शरीर की सतह पर उपस्थित संवेदी कोशिकाएँ (Sensory Cells) स्पर्श, प्रकाश तथा जल की गति जैसी बाहरी उत्तेजनाओं को पहचानने में सहायता करती हैं।

Reproduction (प्रजनन)

अधिकांश Echinoderms में Sexes Separate होते हैं, अर्थात् नर और मादा अलग-अलग पाए जाते हैं। इनमें मुख्य रूप से Sexual Reproduction होता है तथा सामान्यतः External Fertilization देखा जाता है, जिसमें नर और मादा अपने Gametes को जल में छोड़ते हैं।

Development (विकास)

निषेचन के बाद बनने वाले भ्रूण से पहले Larva विकसित होता है। यह Larva सामान्यतः Bilaterally Symmetrical होता है। आगे चलकर विकास के दौरान यह Adult में परिवर्तित होता है, जहाँ Pentamerous Radial Symmetry विकसित हो जाती है। यही परिवर्तन Echinodermata की एक अत्यंत महत्वपूर्ण विशेषता माना जाता है।

Regeneration (पुनर्जनन क्षमता)

इस Phylum के अनेक सदस्यों में Regeneration की उल्लेखनीय क्षमता पाई जाती है। यदि शरीर का कोई भाग क्षतिग्रस्त या अलग हो जाए, तो कई सदस्य उसे पुनः विकसित करने में सक्षम होते हैं। यह गुण उनके जीवित रहने की क्षमता को बढ़ाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाता है।

Characteristic Key Feature
Nervous System Nerve Ring एवं Radial Nerves, Brain अनुपस्थित
Reproduction Sexes Separate, सामान्यतः External Fertilization
Development Larva Bilateral, Adult Pentamerous Radial Symmetry
Regeneration शरीर के खोए हुए भाग को पुनः विकसित करने की क्षमता

Classification of Phylum Echinodermata (Up to Order)

Phylum Echinodermata के सदस्यों में शरीर की बाहरी बनावट, कंकाल की संरचना तथा अन्य सामान्य विशेषताओं के आधार पर वैज्ञानिकों ने इन्हें विभिन्न Classes एवं आगे Orders में वर्गीकृत किया है।

BRABU B.Sc. Semester-1 के Syllabus में Echinodermata की Classification केवल Order तक पढ़नी है। इसलिए यहाँ उसी स्तर तक आवश्यक वर्गीकरण दिया जा रहा है।

Class Asteroidea

Asteroidea इस Phylum का एक प्रमुख Class है। BRABU Syllabus के अनुसार इसके अंतर्गत निम्न Orders शामिल हैं— Forcipulatida, Paxillosida, Valvatida तथा Spinulosida

Class Ophiuroidea

Ophiuroidea के अंतर्गत BRABU Semester-1 Syllabus में प्रमुख Orders हैं— Ophiurida तथा Euryalida

Class Echinoidea

Echinoidea के अंतर्गत निम्न Orders का अध्ययन किया जाता है— Cidaroida, Diadematoida, Arbacioida, Clypeasteroida तथा Spatangoida

Class Holothuroidea

Holothuroidea के अंतर्गत BRABU Syllabus के अनुसार प्रमुख Orders हैं— Aspidochirotida, Dendrochirotida तथा Apodida

Class Crinoidea

Crinoidea के अंतर्गत प्रमुख Orders हैं— Isocrinida, Comatulida तथा Bourgueticrinida

Classification Overview:
BRABU Semester-1 में Echinodermata को मुख्यतः Asteroidea, Ophiuroidea, Echinoidea, Holothuroidea तथा Crinoidea में विभाजित करके इनके Orders तक अध्ययन किया जाता है।

Conclusion

इस Unit में आपने Non-Chordates के प्रमुख Phyla का अध्ययन किया। शुरुआत में Non-Chordates की मूल अवधारणा को समझा, फिर अलग-अलग Phyla की General Characteristics तथा Classification (Up to Order) को सरल भाषा में पढ़ा। यदि इन Concepts को अच्छी तरह समझ लिया जाए, तो आगे Zoology के कठिन Topics भी आसानी से समझ में आने लगते हैं।

इस Unit को पढ़ते समय केवल Definitions याद करना पर्याप्त नहीं है। हर Phylum की पहचान, उसके मुख्य लक्षण तथा दूसरे Phyla से उसका अंतर समझना अधिक महत्वपूर्ण होता है। जब Concept Clear होता है, तब परीक्षा में उत्तर अपने शब्दों में लिखना भी आसान हो जाता है।

यदि आपने इस पूरे Unit को ध्यान से पढ़ा है और महत्वपूर्ण Keywords तथा Classification का नियमित Revision किया है, तो BRABU Semester-1 की परीक्षा के लिए आपकी अच्छी तैयारी मानी जा सकती है।

Exam ke Liye Sabse Mahatvapurn Topics

  • Introduction to Non-Chordates – Non-Chordates की पहचान, महत्व तथा Chordates से Basic Difference अच्छी तरह समझें।
  • Body Organization, Symmetry, Germ Layers & Coelom – इन Basic Concepts पर विशेष ध्यान दें, क्योंकि यही आगे सभी Phyla को समझने का आधार बनते हैं।
  • General Characteristics of Every Phylum – प्रत्येक Phylum के मुख्य लक्षण क्रमवार याद रखें। परीक्षा में इन्हीं पर सबसे अधिक प्रश्न पूछे जाते हैं।
  • Classification (Up to Order) – सभी Phyla की Classification को सही क्रम में पढ़ें और बार-बार Revision करें।
  • Differences Between Major Phyla – Habitat, Symmetry, Coelom, Segmentation तथा Body Organization जैसे Points की तुलना अवश्य करें।
  • Scientific Keywords – Triploblastic, Diploblastic, Acoelomate, Pseudocoelomate, Coelomate, Radial Symmetry, Bilateral Symmetry जैसे Keywords अच्छी तरह समझें।

Exam-Oriented Important Questions

  1. Non-Chordates क्या हैं? इनके प्रमुख लक्षण लिखिए।
  2. Chordates और Non-Chordates में मुख्य अंतर स्पष्ट कीजिए।
  3. Animal Kingdom में Non-Chordates का महत्व समझाइए।
  4. Body Organization के विभिन्न स्तरों का वर्णन कीजिए।
  5. Symmetry के प्रकारों को उदाहरण सहित समझाइए।
  6. Germ Layers क्या हैं? इनके महत्व की व्याख्या कीजिए।
  7. Coelom क्या है? इसके विभिन्न प्रकार लिखिए।
  8. Phylum Protozoa की सामान्य विशेषताओं का वर्णन कीजिए।
  9. Phylum Porifera का Classification (Up to Order) लिखिए।
  10. Phylum Cnidaria की सामान्य विशेषताएँ एवं Classification लिखिए।
  11. Phylum Ctenophora की प्रमुख विशेषताओं की व्याख्या कीजिए।
  12. Phylum Platyhelminthes तथा Nemathelminthes में अंतर लिखिए।
  13. Phylum Annelida की सामान्य विशेषताएँ एवं Classification लिखिए।
  14. Phylum Arthropoda की सामान्य विशेषताओं का विस्तार से वर्णन कीजिए।
  15. Phylum Mollusca तथा Echinodermata की Classification (Up to Order) लिखिए।
  16. Water Vascular System, Segmentation तथा Symmetry के आधार पर प्रमुख Non-Chordate Phyla की तुलना कीजिए।

Kaushal Sir's Advice

इस पूरे Unit को शब्द-शब्द याद करने की आवश्यकता नहीं है। सबसे पहले हर Phylum के General Characteristics, Classification और मुख्य Keywords को अच्छी तरह समझिए। जब Concept Clear होगा, तब उत्तर अपने शब्दों में लिखना आसान हो जाएगा।

Revision करते समय केवल पढ़ने तक सीमित न रहें। बिना Notes देखे किसी Topic को 4–5 Points में लिखने का अभ्यास करें। यदि आप ऐसा नियमित ढंग से करते हैं, तो परीक्षा में उत्तर लिखते समय आत्मविश्वास भी बढ़ेगा और अच्छे अंक प्राप्त करने की संभावना भी अधिक होगी।

Zoology (MJC) Unit-1 Complete Notes

Introduction to Non-Chordates & General Characteristics and Classification of Non-Chordates

इस Unit-1 के सभी महत्वपूर्ण Topics अब पूरे हो चुके हैं।

यदि आप इस Unit के Objective Questions, Subjective Questions तथा Notes PDF डाउनलोड करना चाहते हैं, तो इस वेबसाइट पर इनके लिए अलग-अलग Dedicated Sections उपलब्ध हैं।

Free Notes   •   Notes PDF   •   Objective Questions   •   Subjective Questions   •   Semester Wise Study Material

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