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BRABU B.Sc Semester 2 Zoology MJC Unit 3 Cnidaria and Ctenophora Complete Notes


BRABU B.Sc Semester 2 Zoology MJC Unit 3 Cnidaria and Ctenophora Complete Notes PDF


Phylum Cnidaria (Coelenterata) :

Introduction

Animal Kingdom का अध्ययन करते समय हम ऐसे जीवों से भी परिचित होते हैं जिनका शरीर देखने में बहुत सरल लगता है, लेकिन उनकी संरचना और जीवन-क्रियाएँ काफी रोचक होती हैं। Phylum Cnidaria ऐसा ही एक महत्वपूर्ण समूह है। इस Phylum के जीव मुख्य रूप से जल में रहते हैं और अपनी विशेष Stinging Cells अर्थात डंक मारने वाली कोशिकाओं के कारण पहचाने जाते हैं।

पहले इस समूह को Coelenterata कहा जाता था, क्योंकि इनके शरीर में केवल एक ही मुख्य आंतरिक गुहा (Coelenteron) होती है। बाद में वैज्ञानिकों ने पाया कि इनकी सबसे विशेष पहचान इनकी डंक मारने वाली कोशिकाएँ हैं। इसलिए इस Phylum का आधुनिक नाम Cnidaria रखा गया।

इस समूह में Hydra, Obelia, Aurelia, Physalia तथा Sea Anemone जैसे प्रसिद्ध जीव शामिल हैं। BRABU के इस Unit में मुख्य रूप से Obelia और Aurelia का विस्तृत अध्ययन किया जाता है। इसलिए पहले Cnidaria की सामान्य विशेषताओं को समझना आवश्यक है।

Meaning of Cnidaria

Cnidaria शब्द ग्रीक भाषा के "Knide" शब्द से बना है, जिसका अर्थ होता है Stinging Nettle अर्थात ऐसा जीव जो डंक मार सकता है। इस Phylum के सभी जीवों में विशेष प्रकार की कोशिकाएँ पाई जाती हैं जिन्हें Cnidocytes या Cnidoblasts कहा जाता है। यही कोशिकाएँ इस पूरे समूह की सबसे महत्वपूर्ण पहचान हैं।

इन कोशिकाओं के अंदर Nematocyst नामक एक सूक्ष्म कैप्सूल होता है। आवश्यकता पड़ने पर यह बहुत तेज़ी से बाहर निकलता है और शिकार को पकड़ने या शत्रु से रक्षा करने का कार्य करता है। इसी विशेषता के कारण इस Phylum का नाम Cnidaria रखा गया।

General Characteristics of Phylum Cnidaria

Cnidaria के जीव देखने में साधारण होते हैं, लेकिन इनके शरीर में कई ऐसी विशेषताएँ होती हैं जो इन्हें अन्य Phyla से अलग बनाती हैं। इनकी प्रमुख विशेषताएँ निम्नलिखित हैं।

  • ये अधिकांशतः Marine Animals होते हैं, अर्थात समुद्र में पाए जाते हैं।
  • कुछ प्रजातियाँ जैसे Hydra मीठे पानी (Freshwater) में भी रहती हैं।
  • इनका शरीर Radial Symmetry प्रदर्शित करता है।
  • ये Diploblastic Animals होते हैं।
  • इनमें Tissue Level of Organisation पाया जाता है।
  • Body में केवल एक ही Opening होती है, जो Mouth तथा Anus दोनों का कार्य करती है।
  • विशेष डंक मारने वाली कोशिकाएँ (Cnidoblasts) केवल इसी Phylum में पाई जाती हैं।
  • इनका Nervous System बहुत सरल होता है और इसे Nerve Net कहा जाता है।
  • इनमें Asexual तथा Sexual दोनों प्रकार की Reproduction पाई जाती है।
  • कई जीवों में Polyp और Medusa दोनों अवस्थाएँ जीवन चक्र में मिलती हैं।



Habit and Habitat

Cnidaria के अधिकांश जीव समुद्री वातावरण में पाए जाते हैं। ये उथले समुद्र, गहरे समुद्र, समुद्री चट्टानों, Coral Reefs तथा समुद्री पौधों के आसपास आसानी से देखे जा सकते हैं।

कुछ जीव किसी ठोस सतह से चिपककर अपना पूरा जीवन बिताते हैं, जबकि कुछ स्वतंत्र रूप से पानी में तैरते रहते हैं। उदाहरण के लिए Obelia समुद्री चट्टानों या समुद्री पौधों पर Colony बनाकर रहती है, जबकि Aurelia एक स्वतंत्र रूप से तैरने वाली Jellyfish है।

Freshwater में रहने वाला सबसे प्रसिद्ध उदाहरण Hydra है। इससे स्पष्ट होता है कि यद्यपि अधिकांश Cnidarians समुद्री होते हैं, फिर भी कुछ अपवाद मीठे पानी में भी पाए जाते हैं।

Level of Organisation

Cnidaria में Tissue Level of Organisation पाया जाता है। इसका अर्थ यह है कि समान कार्य करने वाली कोशिकाएँ मिलकर ऊतक (Tissues) बनाती हैं।

Porifera में केवल Cellular Level मिलता है, जहाँ कोशिकाएँ स्वतंत्र रूप से कार्य करती हैं। लेकिन Cnidaria में कोशिकाएँ एक-दूसरे के साथ मिलकर विशेष कार्य करती हैं। यही कारण है कि इन्हें Animal Evolution में Porifera से अधिक विकसित माना जाता है।

हालाँकि इनमें वास्तविक अंग (Organs) और Organ System पूरी तरह विकसित नहीं होते, इसलिए इनका Organisation Level अभी भी प्रारम्भिक माना जाता है।

Body Symmetry

Cnidaria के जीवों में सामान्यतः Radial Symmetry पाई जाती है। यदि इनके शरीर के बीच से कई दिशाओं में काल्पनिक रेखा खींची जाए, तो प्रत्येक भाग लगभग समान दिखाई देता है।

यह व्यवस्था जलीय जीवन के लिए बहुत उपयोगी होती है क्योंकि पानी में भोजन या शत्रु किसी भी दिशा से आ सकते हैं। Radial Symmetry के कारण जीव सभी दिशाओं में समान रूप से प्रतिक्रिया कर सकता है।



Diploblastic Body Wall

Cnidaria के शरीर की दीवार केवल दो भ्रूणीय परतों (Germ Layers) से बनी होती है। इसलिए इन्हें Diploblastic Animals कहा जाता है।

  • Outer Layer (Epidermis / Ectoderm) — यह शरीर की बाहरी सुरक्षा करती है और इसी में Cnidoblast पाए जाते हैं।
  • Inner Layer (Gastrodermis / Endoderm) — यह भोजन के पाचन तथा पोषण का कार्य करती है।

इन दोनों परतों के बीच एक मुलायम, पारदर्शी तथा Jelly जैसी परत होती है जिसे Mesoglea कहते हैं।



Mesoglea

Mesoglea शरीर की दोनों मुख्य परतों के बीच स्थित एक Jelly जैसी परत होती है। यह शरीर को सहारा देने, लचीलापन बनाए रखने तथा तैरने में सहायता करती है।

कुछ Cnidarians में Mesoglea पतली होती है, जबकि Jellyfish जैसे जीवों में यह बहुत मोटी और विकसित होती है। इसी कारण Jellyfish का शरीर मुलायम तथा जेली जैसा दिखाई देता है।

Cnidoblast and Nematocyst

यदि Cnidaria की सबसे महत्वपूर्ण विशेषता के बारे में पूछा जाए, तो उसका उत्तर होगा Cnidoblast। यह एक विशेष प्रकार की कोशिका है जो केवल इसी Phylum के जीवों में पाई जाती है।

प्रत्येक Cnidoblast के अंदर Nematocyst नामक एक सूक्ष्म कैप्सूल मौजूद रहता है। इस कैप्सूल के भीतर एक पतली, कुंडलित तथा खोखली नली रहती है जिसमें विषैला द्रव भरा होता है।

जब कोई छोटा जीव, शिकार या बाहरी वस्तु Cnidoblast को छूती है, तब Nematocyst अत्यंत तेज़ी से बाहर निकलता है और अपने विषैले धागे की सहायता से शिकार को निष्क्रिय कर देता है। इसके बाद शिकार को Mouth की ओर ले जाकर Gastrovascular Cavity में पहुँचा दिया जाता है।

Cnidoblast केवल भोजन पकड़ने के लिए ही नहीं, बल्कि शत्रुओं से रक्षा करने, स्वयं की सुरक्षा करने तथा कभी-कभी किसी सतह से चिपकने में भी सहायता करते हैं। यही कारण है कि इन्हें Cnidaria की सबसे विशिष्ट पहचान माना जाता है।

Feeding and Digestion in Cnidaria

अब तक हमने Cnidaria की बाहरी बनावट और उसकी मुख्य विशेषताओं को समझा। अब यह जानना भी जरूरी है कि ये जीव अपना भोजन कैसे प्राप्त करते हैं और उसका पाचन किस प्रकार करते हैं। क्योंकि इनका शरीर सरल होता है, इसलिए इनकी भोजन ग्रहण करने की प्रक्रिया भी अन्य उच्च जीवों की तुलना में काफी अलग होती है।

Cnidarians मुख्य रूप से Carnivorous Animals होते हैं। अर्थात ये छोटे-छोटे जलीय जीवों, सूक्ष्म क्रस्टेशियन (Crustaceans), प्लवक (Plankton) तथा अन्य छोटे जीवों को पकड़कर खाते हैं। ये स्वयं भोजन बनाकर नहीं खा सकते, इसलिए इन्हें अपने आसपास उपलब्ध जीवित शिकार पर निर्भर रहना पड़ता है।

How Does Cnidaria Capture Food?

Cnidaria के शरीर पर विशेष प्रकार की डंक मारने वाली कोशिकाएँ होती हैं जिन्हें Cnidoblasts कहा जाता है। जब कोई छोटा जीव इनके Tentacles के संपर्क में आता है, तब Cnidoblast के अंदर मौजूद Nematocyst अचानक सक्रिय हो जाता है।

Nematocyst से एक पतली नली बहुत तेज़ी से बाहर निकलती है और शिकार के शरीर में विषैले द्रव (Toxin) का प्रवेश कराती है। इससे शिकार कुछ ही क्षणों में निष्क्रिय हो जाता है। इसके बाद Tentacles धीरे-धीरे उस शिकार को Mouth की ओर ले आते हैं।

Gastrovascular Cavity

Cnidaria के शरीर में भोजन के पाचन के लिए एक विशेष गुहा होती है जिसे Gastrovascular Cavity या Coelenteron कहते हैं।

यह एक ही गुहा कई महत्वपूर्ण कार्य करती है। यहीं भोजन का पाचन होता है, यहीं से पोषक तत्व शरीर में पहुँचते हैं और यही शरीर के विभिन्न भागों तक भोजन के वितरण में भी सहायता करती है।

Cnidaria में अलग से Digestive Canal नहीं होता। इसलिए Mouth ही भोजन को अंदर लेने और अपचित पदार्थों को बाहर निकालने का कार्य करता है।

Process of Digestion

Cnidaria में पाचन दो चरणों में पूरा होता है। पहला चरण Extracellular Digestion कहलाता है और दूसरा चरण Intracellular Digestion कहलाता है।

1. Extracellular Digestion

जब भोजन Gastrovascular Cavity में पहुँचता है, तब Gastrodermis की कोशिकाएँ विभिन्न प्रकार के Digestive Enzymes छोड़ती हैं। ये एंजाइम भोजन को छोटे-छोटे टुकड़ों में तोड़ना प्रारम्भ कर देते हैं। यह प्रक्रिया शरीर की कोशिकाओं के बाहर होती है, इसलिए इसे Extracellular Digestion कहा जाता है।

2. Intracellular Digestion

भोजन के छोटे-छोटे कण Gastrodermal Cells द्वारा अंदर ले लिए जाते हैं। इसके बाद कोशिका के अंदर उनका अंतिम पाचन होता है। यह प्रक्रिया Intracellular Digestion कहलाती है।

इस प्रकार Cnidaria में दोनों प्रकार का पाचन पाया जाता है, जो इसे कई अन्य निम्न श्रेणी के जीवों से अलग बनाता है।



Egestion

पाचन के बाद जो भोजन उपयोगी नहीं रहता, उसे शरीर से बाहर निकालना भी आवश्यक होता है। Cnidaria में अलग से Anus नहीं होता। इसलिए अपचित भोजन उसी Mouth द्वारा बाहर निकाल दिया जाता है जिससे भोजन अंदर गया था।

Nervous System in Cnidaria

Cnidaria का Nervous System Animal Kingdom के सबसे सरल Nervous Systems में से एक माना जाता है। इनमें Brain या Spinal Cord जैसे विकसित अंग नहीं होते, फिर भी ये अपने वातावरण में होने वाले परिवर्तनों को महसूस कर सकते हैं और तुरंत प्रतिक्रिया भी देते हैं।

Nerve Net

Cnidaria में तंत्रिका कोशिकाएँ पूरे शरीर में एक जाल (Network) के रूप में फैली रहती हैं। इसी कारण इसे Nerve Net कहा जाता है।



इस व्यवस्था में कोई Central Nervous System नहीं होता। जब शरीर के किसी भाग को स्पर्श किया जाता है, तब संदेश पूरे Nerve Net में फैल जाता है और पूरा शरीर प्रतिक्रिया करता है।

उदाहरण के लिए यदि किसी Tentacle को छुआ जाए, तो केवल वही Tentacle नहीं बल्कि शरीर का अन्य भाग भी प्रतिक्रिया कर सकता है। यही Nerve Net की विशेषता है।

Importance of Nerve Net

  • शिकार की उपस्थिति का पता लगाने में सहायता करता है।
  • शत्रु से बचाव के लिए तुरंत प्रतिक्रिया देता है।
  • Tentacles की गतिविधियों को नियंत्रित करता है।
  • शरीर की सामान्य गतिविधियों का समन्वय करता है।

Reproduction in Cnidaria

Cnidaria के जीवों में प्रजनन की प्रक्रिया काफी रोचक होती है। अधिकांश प्रजातियों में दो प्रकार की Reproduction देखने को मिलती है—Asexual Reproduction तथा Sexual Reproduction

Asexual Reproduction

Asexual Reproduction सामान्यतः Polyp Stage में होती है। इसका सबसे सामान्य तरीका Budding है।

इस प्रक्रिया में शरीर की सतह पर एक छोटी कली (Bud) बनती है। धीरे-धीरे यह Bud विकसित होकर एक नए जीव का रूप ले लेती है। कुछ समय बाद यह माता जीव से अलग होकर स्वतंत्र जीवन प्रारम्भ कर देती है या फिर Colony का भाग बनी रहती है।

Sexual Reproduction

Sexual Reproduction सामान्यतः Medusa Stage में होती है। नर तथा मादा Medusa अपने-अपने Gametes जल में छोड़ते हैं। Gametes के मिलने पर Fertilization होती है और Zygote का निर्माण होता है।

इसके बाद भ्रूण का विकास होकर Planula Larva बनता है। यही Larva आगे चलकर नए Polyp में परिवर्तित होता है और फिर एक नई Colony का निर्माण करता है।

Classification of Phylum Cnidaria (Brief Introduction)

अब तक हमने Cnidaria के शरीर की संरचना, भोजन ग्रहण करने की प्रक्रिया, तंत्रिका तंत्र तथा प्रजनन को समझ लिया। अब यह जानना भी आवश्यक है कि इस Phylum के विभिन्न जीवों को किन आधारों पर अलग-अलग वर्गों (Classes) में रखा गया है। वैज्ञानिकों ने इनके Body Form, Life Cycle, Tentacles, Medusa तथा Polyp Stage जैसी विशेषताओं के आधार पर इनका Classification किया है।

BRABU के B.Sc. Semester-2 स्तर पर केवल इन Classes का सामान्य परिचय समझना पर्याप्त होता है। आगे Obelia तथा Aurelia का विस्तार से अध्ययन किया जाएगा।

Major Classes of Phylum Cnidaria

Class Main Characteristics Examples
Hydrozoa Polyp Stage अधिक विकसित होती है। कई जीव Colony बनाकर रहते हैं। Medusa सामान्यतः छोटी होती है। Hydra, Obelia, Physalia
Scyphozoa Medusa Stage प्रमुख होती है। इन्हें सामान्यतः True Jellyfish कहा जाता है। Aurelia
Anthozoa केवल Polyp Stage पाई जाती है। Medusa अनुपस्थित रहती है। Sea Anemone, Corals

Class Hydrozoa

Hydrozoa Cnidaria का सबसे प्रसिद्ध Class माना जाता है। इस वर्ग के अधिकांश जीव समुद्र में पाए जाते हैं, जबकि कुछ जैसे Hydra मीठे पानी में भी रहते हैं।

इस Class की एक महत्वपूर्ण विशेषता यह है कि इनमें Polyp Stage सामान्यतः अधिक विकसित होती है। कई जीव Colony बनाते हैं, जहाँ प्रत्येक Zooid का अपना विशेष कार्य होता है। यही कारण है कि Obelia को इस Class का सबसे महत्वपूर्ण उदाहरण माना जाता है।

Class Scyphozoa

इस Class के जीवों को सामान्य भाषा में True Jellyfish कहा जाता है। यहाँ Medusa Stage सबसे अधिक विकसित होती है, जबकि Polyp Stage छोटी तथा अल्पकालिक होती है।

इनका शरीर अधिकतर जेली जैसा दिखाई देता है क्योंकि इनमें Mesoglea बहुत अधिक विकसित होती है। Aurelia इस Class का सबसे प्रसिद्ध उदाहरण है।

Class Anthozoa

Anthozoa के जीव देखने में फूल जैसे दिखाई देते हैं, इसलिए इन्हें Flower Animals भी कहा जाता है।

इस Class की सबसे महत्वपूर्ण विशेषता यह है कि इनके पूरे जीवन में केवल Polyp Stage पाई जाती है। Medusa Stage बिल्कुल नहीं होती। Sea Anemone तथा Corals इसी Class के प्रमुख उदाहरण हैं।

Introduction of Aurelia

Cnidaria का दूसरा महत्वपूर्ण जीव Aurelia है, जिसे सामान्यतः Moon Jelly या Jellyfish कहा जाता है। यह Scyphozoa Class का प्रतिनिधि जीव है और Obelia की तुलना में इसकी संरचना तथा जीवन चक्र काफी अलग होता है।

Aurelia समुद्र में स्वतंत्र रूप से तैरती है। इसका शरीर छतरी (Umbrella) के समान दिखाई देता है और इसमें जेली जैसी मोटी Mesoglea पाई जाती है। यही कारण है कि इसका शरीर अत्यंत मुलायम तथा पारदर्शी दिखाई देता है।

BRABU के आगामी Topic में हम Aurelia की बाह्य संरचना, आंतरिक संरचना तथा इसके सम्पूर्ण Life Cycle का विस्तार से अध्ययन करेंगे।

Introduction of Obelia

Cnidaria के विभिन्न जीवों में Obelia का विशेष स्थान है। यह BRABU के Zoology Syllabus का एक महत्वपूर्ण जीव है क्योंकि इसके माध्यम से छात्रों को Colonial Organisation, Polyp Stage, Medusa Stage तथा Alternation of Generation जैसे महत्वपूर्ण Biological Concepts को समझाया जाता है।

पहली नज़र में Obelia किसी छोटे सफेद पौधे जैसी दिखाई देती है, लेकिन वास्तव में यह पौधा नहीं बल्कि एक बहुकोशिकीय जलीय प्राणी (Aquatic Animal) है। इसकी सबसे खास बात यह है कि इसका शरीर एक अकेले जीव का नहीं होता, बल्कि अनेक छोटे-छोटे जुड़े हुए Zooids मिलकर पूरी Colony का निर्माण करते हैं।

Colony के सभी Zooids देखने में अलग दिखाई देते हैं, लेकिन वे एक-दूसरे से पूरी तरह जुड़े रहते हैं और मिलकर जीवन-क्रियाएँ पूरी करते हैं। कुछ Zooids भोजन प्राप्त करने का कार्य करते हैं, जबकि कुछ केवल प्रजनन के लिए विशेषीकृत (Specialized) होते हैं। यही कार्य-विभाजन Obelia को अन्य सरल जीवों की तुलना में अधिक संगठित बनाता है।

Scientific Classification of Obelia

जीवों की सही पहचान और उनके आपसी संबंधों को समझने के लिए वैज्ञानिक वर्गीकरण (Scientific Classification) किया जाता है। Obelia का वर्गीकरण निम्न प्रकार है।

  • Kingdom : Animalia
  • Phylum : Cnidaria
  • Class : Hydrozoa
  • Order : Leptothecata (Hydroida)
  • Family : Campanulariidae
  • Genus : Obelia

इस वर्गीकरण से स्पष्ट होता है कि Obelia एक Hydrozoan Cnidarian है और इसका जीवन चक्र अन्य Hydrozoa के जीवों से काफी मिलता-जुलता है।

Habit and Habitat

Obelia मुख्य रूप से Marine Animal है। यह समुद्र के उथले क्षेत्रों में अधिक मात्रा में पाई जाती है, जहाँ सूर्य का प्रकाश और पोषक पदार्थ पर्याप्त मात्रा में उपलब्ध होते हैं।

यह सामान्यतः समुद्री चट्टानों, सीपियों, लकड़ी के टुकड़ों, समुद्री शैवाल (Seaweeds) तथा अन्य कठोर सतहों से चिपककर रहती है। अपने आधार भाग की सहायता से यह सतह पर मजबूती से जुड़ी रहती है और वहीं Colony का विकास करती है।

Obelia स्वतंत्र रूप से तैरने वाला जीव नहीं है। इसकी Polyp Colony हमेशा किसी न किसी आधार से जुड़ी रहती है। केवल इसके जीवन चक्र की Medusa Stage ही स्वतंत्र रूप से समुद्र में तैरती है।

External Structure of Obelia

Obelia की बाहरी संरचना पहली नज़र में एक छोटे पौधे की शाखाओं जैसी दिखाई देती है। यही कारण है कि कई लोग इसे पहली बार देखने पर पौधा समझ लेते हैं। वास्तव में यह अनेक शाखाओं वाली एक Animal Colony होती है।

पूरी Colony एक मुख्य तने (Main Stem) तथा उससे निकलने वाली कई छोटी शाखाओं से मिलकर बनी होती है। प्रत्येक शाखा के अंतिम भाग पर विशेष प्रकार के Zooids उपस्थित रहते हैं, जो अलग-अलग कार्य करते हैं।



Obelia का रंग सामान्यतः हल्का सफेद या पारदर्शी होता है। जीवित अवस्था में इसकी Colony पानी में धीरे-धीरे लहराती रहती है, जिससे यह समुद्री पौधे जैसी दिखाई देती है।

Colony Structure

Obelia की Colony एक अत्यंत सुव्यवस्थित संरचना होती है। Colony का प्रत्येक भाग दूसरे भाग से जुड़ा रहता है, इसलिए पूरा समूह एक इकाई (Single Functional Unit) की तरह कार्य करता है।

Colony में दो मुख्य प्रकार के Zooids पाए जाते हैं। पहला प्रकार भोजन ग्रहण करता है, जबकि दूसरा प्रकार केवल प्रजनन का कार्य करता है। इस प्रकार का कार्य-विभाजन (Division of Labour) Obelia की एक महत्वपूर्ण विशेषता है।

सभी Zooids के बीच आंतरिक संपर्क बना रहता है, जिसके कारण भोजन और अन्य आवश्यक पदार्थ Colony के विभिन्न भागों तक आसानी से पहुँच जाते हैं।

Hydranth (Feeding Zooid)

Hydranth को Obelia Colony का सबसे सक्रिय भाग माना जाता है। इसका मुख्य कार्य भोजन प्राप्त करना और उसे Colony के अन्य भागों तक पहुँचाना होता है।

Hydranth का आकार छोटा तथा बेलनाकार होता है। इसके ऊपरी भाग में एक Mouth उपस्थित होता है, जिसके चारों ओर अनेक Tentacles पाए जाते हैं।

इन Tentacles पर बड़ी संख्या में Cnidoblasts उपस्थित रहते हैं। जब कोई छोटा जलीय जीव Tentacles के संपर्क में आता है, तब ये Cnidoblasts सक्रिय होकर उसे निष्क्रिय कर देते हैं। इसके बाद Tentacles धीरे-धीरे शिकार को Mouth तक पहुँचा देते हैं।

Hydranth द्वारा प्राप्त भोजन केवल उसी Zooid के लिए नहीं होता। Gastrovascular System के माध्यम से यही भोजन पूरी Colony के विभिन्न भागों तक पहुँचाया जाता है। इसलिए Hydranth को पूरी Colony का Feeding Centre माना जाता है।



Gonangium (Reproductive Zooid)

जहाँ Hydranth भोजन प्राप्त करता है, वहीं Gonangium का मुख्य कार्य प्रजनन करना होता है। यह Colony का विशेषीकृत Reproductive Zooid है।

Gonangium सामान्यतः Hydranth की तुलना में थोड़ा लंबा तथा बंद संरचना वाला होता है। इसके भीतर अनेक छोटे-छोटे Medusa Buds विकसित होते हैं।

जब ये Medusa Buds पूर्ण रूप से विकसित हो जाते हैं, तब वे Colony से अलग होकर स्वतंत्र Medusa बन जाते हैं। आगे चलकर यही Medusa Sexual Reproduction में भाग लेते हैं और Obelia के जीवन चक्र को आगे बढ़ाते हैं।

इस प्रकार एक ही Colony में कुछ Zooids भोजन प्राप्त करते हैं और कुछ Zooids केवल प्रजनन का कार्य करते हैं। यही Division of Labour Obelia को Cnidaria का एक अत्यंत महत्वपूर्ण उदाहरण बनाता है।

Coenosarc

Obelia Colony के सभी Zooids अलग-अलग दिखाई जरूर देते हैं, लेकिन वास्तव में वे एक-दूसरे से जुड़े हुए रहते हैं। इन सभी Zooids को आपस में जोड़ने वाला जीवित, मुलायम तथा नलिका जैसा भाग Coenosarc कहलाता है।

सरल शब्दों में कहा जाए, तो Coenosarc पूरी Colony का "Living Connecting Tissue" है। यदि यह भाग उपस्थित न हो, तो Colony के सभी Zooids एक-दूसरे से अलग हो जाएंगे और एक इकाई (Single Functional Colony) के रूप में कार्य नहीं कर पाएंगे।

Important Point

Coenosarc एक जीवित (Living) भाग होता है, जिसके भीतर Gastrovascular Cavity निरंतर बनी रहती है। यही कारण है कि Colony के एक Zooid द्वारा ग्रहण किया गया भोजन अन्य Zooids तक भी आसानी से पहुँच जाता है।

Structure of Coenosarc

Coenosarc बाहर से देखने पर एक पतली नली जैसा दिखाई देता है। इसकी बाहरी सतह पर Epidermis तथा अंदर की ओर Gastrodermis होती है। दोनों परतों के बीच Mesoglea उपस्थित रहती है। इस प्रकार इसकी संरचना Cnidaria की सामान्य Body Wall के समान होती है।

Coenosarc के मध्य भाग में Gastrovascular Cavity लगातार चलती रहती है। यही आंतरिक गुहा Colony के सभी भागों को जोड़ती है।

Functions of Coenosarc

  • पूरी Colony के सभी Zooids को आपस में जोड़ता है।
  • भोजन का वितरण Colony के प्रत्येक भाग तक करता है।
  • जीवित ऊतकों के बीच समन्वय बनाए रखता है।
  • Colony की वृद्धि (Growth) में सहायता करता है।
  • नई शाखाओं तथा नए Zooids के निर्माण में महत्वपूर्ण भूमिका निभाता है।

Perisarc

यदि Coenosarc Colony का जीवित भाग है, तो Perisarc उसका सुरक्षात्मक बाहरी आवरण (Protective Covering) है। यह एक पतली, कठोर तथा पारदर्शी परत होती है, जो पूरी Colony को चारों ओर से ढककर सुरक्षा प्रदान करती है।

Perisarc जीवित ऊतक नहीं होता। यह मुख्य रूप से Chitin जैसे पदार्थ से बना होता है। इसकी उपस्थिति के कारण Colony समुद्री जल की लहरों, छोटे शिकारियों तथा बाहरी चोटों से काफी हद तक सुरक्षित रहती है।

Remember

Perisarc केवल सुरक्षा प्रदान करता है, जबकि Coenosarc Colony का जीवित तथा कार्यशील भाग होता है।

Functions of Perisarc

  • Colony को Mechanical Injury से बचाता है।
  • समुद्री जल की लहरों से सुरक्षा प्रदान करता है।
  • पूरी Colony को आवश्यक Support देता है।
  • Zooids को बाहरी वातावरण से सुरक्षित रखता है।

Difference Between Coenosarc and Perisarc

Basis Coenosarc Perisarc
Nature Living Part Non-living Covering
Position Inner Living Layer Outer Protective Layer
Composition Epidermis, Mesoglea & Gastrodermis Chitin-like Material
Main Function Food Transport & Connection Protection & Support


Feeding Mechanism of Obelia

Obelia एक Carnivorous Animal है। यह समुद्र में उपस्थित छोटे-छोटे Planktons, Larvae तथा अन्य सूक्ष्म जलीय जीवों को अपना भोजन बनाती है।

जब कोई छोटा जीव Hydranth के Tentacles के संपर्क में आता है, तब Tentacles पर उपस्थित Cnidoblasts सक्रिय हो जाते हैं। इनमें मौजूद Nematocyst बाहर निकलकर शिकार को निष्क्रिय कर देता है।

इसके बाद Tentacles शिकार को धीरे-धीरे Mouth तक पहुँचाते हैं। भोजन Gastrovascular Cavity में प्रवेश करता है, जहाँ उसका पाचन प्रारम्भ होता है। प्राप्त पोषक तत्व Coenosarc के माध्यम से पूरी Colony में पहुँच जाते हैं।

Biological Significance

Obelia Colony में केवल Hydranth ही भोजन प्राप्त करता है, लेकिन Coenosarc की सहायता से वही भोजन Colony के सभी Zooids तक पहुँच जाता है। यही विशेषता Colony को एक संगठित जीव (Integrated Living System) के रूप में कार्य करने योग्य बनाती है।

Important Structural Features of Obelia

Obelia की बाहरी तथा आंतरिक संरचना का अध्ययन करने के बाद यह समझना आसान हो जाता है कि इसे Cnidaria का एक आदर्श (Typical) प्रतिनिधि क्यों माना जाता है। इसकी Colony देखने में भले ही साधारण लगे, लेकिन इसके प्रत्येक भाग का अपना निश्चित कार्य होता है। यही विशेषताएँ इसे अन्य Hydrozoans से अलग पहचान देती हैं।

आइए अब Obelia की उन महत्वपूर्ण संरचनात्मक विशेषताओं (Important Structural Features) को समझते हैं, जिनका उल्लेख अक्सर Zoology की पुस्तकों और विश्वविद्यालय परीक्षाओं में किया जाता है।

1. Colonial Organisation

Obelia की सबसे प्रमुख विशेषता इसका Colonial Nature है। यह एक अकेला जीव नहीं होता, बल्कि अनेक छोटे-छोटे Zooids मिलकर एक Colony बनाते हैं। सभी Zooids शारीरिक रूप से जुड़े रहते हैं और एक-दूसरे पर निर्भर रहते हैं।

इस प्रकार की व्यवस्था से Colony अधिक प्रभावी ढंग से भोजन प्राप्त कर सकती है, वृद्धि कर सकती है तथा सफलतापूर्वक प्रजनन भी कर सकती है।

2. Division of Labour

Obelia में कार्यों का स्पष्ट विभाजन (Division of Labour) देखने को मिलता है। Colony के सभी Zooids एक जैसा कार्य नहीं करते।

Hydranth भोजन प्राप्त करने का कार्य करता है, जबकि Gonangium केवल प्रजनन के लिए उत्तरदायी होता है। इस प्रकार प्रत्येक Zooid किसी एक विशेष कार्य में विशेषज्ञ (Specialized) होता है।

यही विशेषता Obelia Colony को अधिक व्यवस्थित तथा कार्यकुशल बनाती है।

3. Presence of Living and Protective Layers

Obelia में एक साथ दो महत्वपूर्ण परतें पाई जाती हैं। अंदर की ओर Coenosarc जीवित भाग होता है, जबकि बाहर की ओर Perisarc सुरक्षात्मक आवरण के रूप में उपस्थित रहता है।

इन दोनों की संयुक्त व्यवस्था Colony को मजबूती, सुरक्षा तथा उचित कार्यक्षमता प्रदान करती है।

4. Continuous Gastrovascular System

Colony के सभी Zooids के भीतर उपस्थित Gastrovascular Cavity एक-दूसरे से जुड़ी रहती है। इसलिए यदि Colony का एक Hydranth भोजन प्राप्त करता है, तो वही भोजन पूरे Colony में वितरित किया जा सकता है।

यह विशेषता Obelia को एक Functionally Integrated Colony बनाती है।

5. Cnidoblasts for Protection and Feeding

Hydranth के Tentacles पर बड़ी संख्या में Cnidoblasts पाए जाते हैं। यही कोशिकाएँ शिकार को पकड़ने तथा Colony की सुरक्षा करने का कार्य करती हैं।

इनके भीतर उपस्थित Nematocysts आवश्यकता पड़ने पर तुरंत सक्रिय होकर विषैले धागे को बाहर निकालते हैं, जिससे शिकार निष्क्रिय हो जाता है।

6. Fixed Polyp Colony

Obelia की Polyp Colony समुद्री चट्टानों, सीपियों तथा अन्य कठोर सतहों से स्थायी रूप से जुड़ी रहती है। इसलिए इसे Sessile Animal कहा जाता है।

हालाँकि Colony स्वयं स्थान परिवर्तन नहीं करती, लेकिन इसके जीवन चक्र की Medusa Stage स्वतंत्र रूप से समुद्र में तैरती है।

Quick Concept

Polyp Stage → स्थिर (Sessile), Colony बनाती है और मुख्यतः Asexual Reproduction करती है।

Medusa Stage → स्वतंत्र रूप से तैरती है और मुख्यतः Sexual Reproduction करती है।

Beginning of the Life Cycle of Obelia

Obelia का जीवन चक्र (Life Cycle) Zoology का सबसे महत्वपूर्ण अध्ययन विषयों में से एक है। इसका कारण यह है कि इसमें एक ही जीव के जीवन में दो अलग-अलग शरीर रूप (Body Forms) दिखाई देते हैं। यही विशेषता Obelia को Cnidaria के अन्य अनेक जीवों से अलग बनाती है।

यदि हम पूरे Life Cycle को ध्यान से देखें, तो यह स्पष्ट होता है कि Obelia के जीवन में दो मुख्य अवस्थाएँ होती हैं। पहली अवस्था Polyp Stage होती है, जबकि दूसरी अवस्था Medusa Stage कहलाती है।

दोनों अवस्थाएँ देखने में बिल्कुल अलग होती हैं और दोनों के कार्य भी अलग-अलग होते हैं। Polyp Colony भोजन प्राप्त करती है तथा Colony की वृद्धि करती है, जबकि Medusa का मुख्य कार्य Sexual Reproduction करना होता है।

Role of Polyp Stage

जीवन चक्र की शुरुआत सामान्यतः Polyp Colony से मानी जाती है। यही Colony समुद्र की किसी कठोर सतह पर जुड़ी रहती है और लगातार वृद्धि करती रहती है।

Colony के भीतर उपस्थित Gonangium धीरे-धीरे विशेष प्रकार की कलियों (Medusa Buds) का निर्माण करता है। प्रारम्भ में ये Buds बहुत छोटे होते हैं, लेकिन समय के साथ इनका विकास होने लगता है।

जब Medusa Buds पूर्ण रूप से विकसित हो जाते हैं, तब वे Colony से अलग होकर स्वतंत्र Medusae बन जाते हैं। यही घटना Obelia के Life Cycle के अगले महत्वपूर्ण चरण की शुरुआत करती है।

Remember This

Obelia की Colony स्वयं Medusa नहीं होती। Colony के Gonangium के भीतर विकसित होने वाले Medusa Buds ही बाद में स्वतंत्र Medusa का रूप लेते हैं।

आगे हम विस्तार से समझेंगे कि Medusa Stage में Sexual Reproduction कैसे होती है, Fertilization किस प्रकार होती है तथा Planula Larva के माध्यम से एक नई Colony का निर्माण कैसे होता है।

Asexual Reproduction in Obelia

Obelia के जीवन चक्र में Asexual Reproduction की शुरुआत Colony के भीतर उपस्थित विशेष Reproductive Zooid अर्थात Gonangium से होती है। यह प्रक्रिया बिना नर और मादा Gametes के मिलन के होती है, इसलिए इसे Asexual Reproduction कहा जाता है।

Gonangium बाहर से एक सुरक्षात्मक आवरण से घिरा रहता है। इसके अंदर छोटे-छोटे Medusa Buds विकसित होने लगते हैं। प्रारम्भ में ये बहुत छोटे होते हैं, लेकिन लगातार Cell Division और Growth के कारण धीरे-धीरे पूर्ण आकार प्राप्त कर लेते हैं।

जब Medusa Bud पूरी तरह विकसित हो जाता है, तब वह Gonangium से बाहर निकलकर समुद्री जल में स्वतंत्र रूप से तैरने लगता है। इस प्रकार Asexual Reproduction के परिणामस्वरूप Medusa Stage का निर्माण होता है।

Important Concept

Obelia में Asexual Reproduction का उद्देश्य सीधे नई Colony बनाना नहीं होता। इसका मुख्य उद्देश्य Medusa Stage का निर्माण करना है, क्योंकि आगे चलकर यही Medusa Sexual Reproduction में भाग लेती है।

Medusa Stage

Colony से अलग होने के बाद Medusa स्वतंत्र जीवन प्रारम्भ करती है। यह Obelia के जीवन चक्र की दूसरी महत्वपूर्ण अवस्था होती है। Polyp जहाँ स्थिर रहता है, वहीं Medusa समुद्र में स्वतंत्र रूप से तैर सकती है।

Medusa का शरीर देखने में छोटा, पारदर्शी तथा घंटी (Bell) या छतरी (Umbrella) जैसा दिखाई देता है। इसके किनारों पर अनेक Tentacles पाए जाते हैं, जिन पर Cnidoblast उपस्थित रहते हैं। यही Tentacles भोजन पकड़ने और सुरक्षा प्रदान करने का कार्य करते हैं।



Medusa के निचले भाग में Mouth स्थित होता है, जिसके माध्यम से भोजन Gastrovascular Cavity में पहुँचता है। इस अवस्था में जीव केवल भोजन ही नहीं करता, बल्कि Sexual Reproduction के लिए भी पूर्ण रूप से तैयार रहता है।

Why is Medusa Stage Important?

यदि Obelia के Life Cycle से Medusa Stage को हटा दिया जाए, तो Sexual Reproduction संभव नहीं होगी। इसलिए यह अवस्था केवल तैरने के लिए नहीं, बल्कि अगली पीढ़ी के निर्माण के लिए अत्यंत आवश्यक होती है।

  • यह स्वतंत्र रूप से समुद्र में तैरती है।
  • इसी अवस्था में Gametes का निर्माण होता है।
  • Sexual Reproduction इसी Stage में सम्पन्न होती है।
  • नई पीढ़ी की शुरुआत इसी अवस्था से होती है।

Sexual Reproduction in Obelia

Medusa पूर्ण विकसित होने के बाद Sexual Reproduction प्रारम्भ करती है। अधिकांश Obelia में नर (Male) तथा मादा (Female) Medusa अलग-अलग होते हैं। इसलिए इन्हें Dioecious कहा जाता है।

Male Medusa अपने Testis में Sperms बनाती है, जबकि Female Medusa अपने Ovary में Eggs का निर्माण करती है। दोनों प्रकार के Gametes समुद्री जल में छोड़ दिए जाते हैं।

समुद्री जल ही इन Gametes के मिलने का माध्यम बनता है। जब Sperm और Egg एक-दूसरे के संपर्क में आते हैं, तब Fertilization की प्रक्रिया शुरू होती है।

Remember

Obelia में सामान्यतः External Fertilization होती है, क्योंकि Sperms और Eggs का मिलन शरीर के बाहर समुद्री जल में होता है।

Fertilization

Fertilization वह प्रक्रिया है जिसमें Male Gamete (Sperm) और Female Gamete (Egg) आपस में मिलकर Zygote का निर्माण करते हैं।

Zygote बनने के बाद लगातार Cell Division प्रारम्भ हो जाती है। धीरे-धीरे यही Zygote एक छोटे भ्रूण (Embryo) में परिवर्तित हो जाता है। विकास की यह प्रक्रिया समुद्री जल में ही होती है।

कुछ समय बाद यह Embryo एक विशेष प्रकार के Larva का रूप धारण कर लेता है, जिसे Planula Larva कहा जाता है। यही Larva Obelia के जीवन चक्र का अगला महत्वपूर्ण चरण होता है।

Development of Planula Larva

Planula Larva आकार में बहुत छोटा तथा अंडाकार (Oval) होता है। इसके शरीर की बाहरी सतह पर असंख्य सूक्ष्म Cilia उपस्थित रहते हैं। इन्हीं Cilia की सहायता से यह समुद्री जल में कुछ समय तक स्वतंत्र रूप से तैरता रहता है।

इस अवस्था का मुख्य उद्देश्य किसी उपयुक्त स्थान की खोज करना होता है। जब Planula को समुद्र में कोई कठोर सतह जैसे चट्टान, शंख या समुद्री पौधा मिल जाता है, तब यह वहीं जाकर चिपक जाता है।

सतह से जुड़ने के बाद Planula का शरीर धीरे-धीरे बदलने लगता है। इसी परिवर्तन के साथ Obelia के जीवन चक्र का अगला चरण प्रारम्भ होता है, जहाँ यह Larva एक नए Polyp में परिवर्तित होकर नई Colony की नींव रखता है।

Formation of New Colony

जब Planula Larva किसी उपयुक्त कठोर सतह पर स्थायी रूप से चिपक जाता है, तब उसके शरीर में धीरे-धीरे कई महत्वपूर्ण परिवर्तन होने लगते हैं। यही परिवर्तन आगे चलकर एक नई Obelia Colony के निर्माण की शुरुआत करते हैं।

सबसे पहले Planula अपने Cilia को खो देता है और उसका शरीर धीरे-धीरे लम्बा होने लगता है। कुछ समय बाद यह एक छोटे Primary Polyp में बदल जाता है। यह Polyp ही नई Colony का पहला सदस्य होता है।

Primary Polyp बनने के बाद इसकी वृद्धि रुकती नहीं है। इसके शरीर से नई शाखाएँ निकलनी शुरू होती हैं और उन शाखाओं पर क्रमशः नए Zooids विकसित होने लगते हैं। इस प्रकार एक अकेला Polyp धीरे-धीरे पूर्ण विकसित Colony का रूप ले लेता है।

नई Colony बनने के बाद वही सभी संरचनाएँ विकसित होती हैं जिनका अध्ययन हमने पहले किया है, जैसे Hydranth, Gonangium, Coenosarc तथा Perisarc। इसके बाद Colony सामान्य रूप से भोजन ग्रहण करती है, बढ़ती है और उचित समय आने पर पुनः Medusae उत्पन्न करती है।

Concept in Simple Words

Planula → Primary Polyp → Branching Colony → Mature Obelia Colony

यही क्रम Obelia में नई Colony बनने की मूल प्रक्रिया को दर्शाता है।

Alternation of Generation in Obelia

Obelia के जीवन चक्र की सबसे महत्वपूर्ण विशेषता Alternation of Generation है। विश्वविद्यालय परीक्षाओं में इस विषय से अक्सर प्रश्न पूछे जाते हैं, इसलिए इसे अच्छी तरह समझना आवश्यक है।

Alternation of Generation का अर्थ है कि एक ही जीव के जीवन चक्र में दो अलग-अलग अवस्थाएँ क्रमशः आती हैं और दोनों की भूमिका भी अलग होती है। Obelia में ये अवस्थाएँ Polyp तथा Medusa हैं।

Polyp Stage स्थिर (Sessile) होती है और मुख्य रूप से Colony का विकास तथा Asexual Reproduction करती है। दूसरी ओर Medusa Stage स्वतंत्र रूप से तैरती है और Sexual Reproduction के माध्यम से अगली पीढ़ी की शुरुआत करती है।

दोनों अवस्थाएँ एक-दूसरे का स्थान लेती रहती हैं। Polyp से Medusa बनती है और Medusa द्वारा उत्पन्न Planula Larva आगे चलकर फिर से Polyp में परिवर्तित हो जाती है। यही लगातार चलने वाला क्रम Alternation of Generation कहलाता है।



Easy Memory Trick

Polyp → Asexual Reproduction → Medusa → Sexual Reproduction → Planula → Polyp

Biological Importance of Obelia

Obelia केवल एक समुद्री जीव ही नहीं है, बल्कि Zoology के अध्ययन में इसका विशेष महत्व है। इसकी Colony Organisation, Life Cycle तथा Reproductive Pattern वैज्ञानिकों को Animal Evolution और Functional Specialization को समझने में सहायता करते हैं।

यह जीव स्पष्ट रूप से दिखाता है कि एक ही Colony के विभिन्न Zooids अलग-अलग कार्य कर सकते हैं। इसे Division of Labour का उत्कृष्ट उदाहरण माना जाता है।

Obelia का Life Cycle यह भी सिद्ध करता है कि प्रकृति में एक ही जीव विभिन्न अवस्थाओं में अलग-अलग प्रकार की संरचना और कार्य कर सकता है। इसलिए Metagenesis तथा Alternation of Generation जैसे Concepts को समझाने के लिए इसका अध्ययन अत्यंत उपयोगी माना जाता है।

Marine Biology के क्षेत्र में भी Obelia का महत्व है, क्योंकि यह समुद्री पारिस्थितिकी तंत्र (Marine Ecosystem) का एक छोटा लेकिन महत्वपूर्ण घटक है। यह सूक्ष्म जलीय जीवों का शिकार करता है तथा स्वयं कई बड़े समुद्री जीवों के भोजन का भाग बन जाता है। इस प्रकार यह समुद्री Food Chain में भी योगदान देता है।

Important Note

Obelia का अध्ययन केवल इसकी संरचना जानने के लिए नहीं किया जाता, बल्कि इसके माध्यम से Colony Formation, Division of Labour, Metagenesis, Alternation of Generation तथा Life Cycle Adaptation जैसे महत्वपूर्ण Zoological Concepts को समझा जाता है।

Structure of Aurelia (Introduction)

Obelia के बाद अब हम Cnidaria के एक अन्य प्रसिद्ध प्रतिनिधि Aurelia का अध्ययन प्रारम्भ करते हैं। Aurelia को सामान्य भाषा में Moon Jelly या Jellyfish कहा जाता है। यह देखने में Obelia से पूरी तरह अलग दिखाई देती है और इसका जीवन-रूप भी भिन्न होता है।

जहाँ Obelia की पहचान उसकी शाखायुक्त Colony से होती है, वहीं Aurelia अपने पारदर्शी, छतरीनुमा (Umbrella-shaped) शरीर के कारण आसानी से पहचानी जाती है। यह समुद्र में स्वतंत्र रूप से तैरती है और Scyphozoa Class का प्रमुख उदाहरण मानी जाती है।

अगले भाग में हम Aurelia का Scientific Classification, Habit and Habitat, External Morphology तथा इसकी प्रत्येक संरचना का क्रमबद्ध और विस्तृत अध्ययन करेंगे।

Scientific Classification of Aurelia

Aurelia Cnidaria Phylum का एक अत्यंत प्रसिद्ध समुद्री जीव है। इसे सामान्य रूप से Moon Jelly या Jellyfish के नाम से जाना जाता है। Zoology में इसका अध्ययन इसलिए महत्वपूर्ण माना जाता है क्योंकि यह Class Scyphozoa का प्रमुख प्रतिनिधि (Representative Animal) है।

Obelia की तरह Aurelia भी Cnidaria का सदस्य है, लेकिन इसकी शरीर रचना, जीवन शैली तथा जीवन चक्र कई मामलों में अलग होते हैं। इसलिए इसका Scientific Classification समझना आवश्यक है।

  • Kingdom : Animalia
  • Phylum : Cnidaria
  • Class : Scyphozoa
  • Order : Semaeostomeae
  • Family : Ulmaridae
  • Genus : Aurelia
  • Species : Aurelia aurita (Commonly Studied Species)

Important Point

Aurelia को True Jellyfish कहा जाता है क्योंकि इसमें Medusa Stage सबसे अधिक विकसित होती है। यही विशेषता इसे Hydrozoa के अधिकांश जीवों से अलग बनाती है।

Habit and Habitat

Aurelia पूर्ण रूप से Marine Animal है। यह केवल समुद्र में पाई जाती है और Freshwater में इसका प्राकृतिक निवास नहीं होता। दुनिया के लगभग सभी महासागरों तथा अनेक समुद्री तटीय क्षेत्रों में इसकी विभिन्न प्रजातियाँ मिलती हैं।

यह सामान्यतः शांत समुद्री जल, तटीय क्षेत्रों (Coastal Waters), खाड़ियों (Bays) तथा उथले समुद्रों में अधिक दिखाई देती है। जहाँ समुद्री जल में Plankton की मात्रा अधिक होती है, वहाँ Aurelia भी अधिक संख्या में पाई जाती है क्योंकि यही इसका मुख्य भोजन है।

Obelia के विपरीत Aurelia किसी चट्टान या समुद्री पौधे से स्थायी रूप से जुड़ी नहीं रहती। इसका Medusa शरीर लगातार समुद्री जल में स्वतंत्र रूप से तैरता रहता है। यह अपने Umbrella की नियमित सिकुड़न (Contraction) और फैलाव (Expansion) द्वारा धीरे-धीरे आगे बढ़ती है।

समुद्री धाराएँ (Ocean Currents) भी इसके स्थान परिवर्तन में महत्वपूर्ण भूमिका निभाती हैं। इसलिए कई बार बड़ी संख्या में Jellyfish एक ही क्षेत्र में एकत्रित दिखाई देती हैं।

External Morphology of Aurelia

Aurelia की बाहरी संरचना (External Morphology) देखने में अत्यंत आकर्षक होती है। इसका शरीर लगभग पारदर्शी (Transparent) होता है, जिसके कारण इसके आंतरिक अंग भी हल्के रूप में दिखाई देते हैं।

पूरा शरीर ऊपर से देखने पर एक गोल छतरी (Umbrella) या चपटी घंटी (Bell-shaped Disc) जैसा दिखाई देता है। इसी विशेष आकार के कारण इसे Jellyfish कहा जाता है।

शरीर का ऊपरी भाग हल्का उत्तल (Convex) तथा निचला भाग थोड़ा अवतल (Concave) होता है। निचले भाग के मध्य में Mouth स्थित रहता है, जिसके चारों ओर लंबी Oral Arms उपस्थित होती हैं।

Umbrella के किनारों पर अनेक पतले Tentacles पाए जाते हैं। इन Tentacles पर बड़ी संख्या में Cnidoblasts उपस्थित रहते हैं, जो भोजन पकड़ने तथा सुरक्षा का कार्य करते हैं।

यदि जीवित Aurelia को ऊपर से देखा जाए, तो उसके शरीर के मध्य भाग में चार घोड़े की नाल (Horse-shoe) के आकार जैसी संरचनाएँ दिखाई देती हैं। वास्तव में ये इसकी Gonads होती हैं, जो Sexual Reproduction में भाग लेती हैं।



Observation

Aurelia का शरीर देखने में बहुत मुलायम और Jelly जैसा लगता है। इसका मुख्य कारण इसकी मोटी Mesoglea होती है, जो शरीर का अधिकांश भाग बनाती है। इसी कारण यह पानी में हल्की और लचीली बनी रहती है।

Umbrella

Umbrella Aurelia के शरीर का सबसे बड़ा और सबसे स्पष्ट दिखाई देने वाला भाग है। इसका आकार गोल तथा छतरीनुमा होता है, जो पूरे शरीर को एक विशिष्ट पहचान देता है।

Umbrella केवल शरीर का बाहरी आकार ही निर्धारित नहीं करता, बल्कि तैरने (Swimming) में भी महत्वपूर्ण भूमिका निभाता है। जब Umbrella की मांसपेशियाँ सिकुड़ती हैं, तब पानी पीछे की ओर धकेला जाता है और Aurelia विपरीत दिशा में आगे बढ़ जाती है।

यह प्रक्रिया लगातार दोहराई जाती है, जिससे Aurelia बिना किसी विकसित तैराकी अंग के भी समुद्र में आसानी से गति कर सकती है।

Umbrella के अंदर मोटी Mesoglea उपस्थित रहती है, जो इसे मजबूती, लचीलापन तथा उछाल (Buoyancy) प्रदान करती है। यही कारण है कि Aurelia का शरीर हल्का होने के बावजूद समुद्री जल में संतुलित बना रहता है।

Manubrium

Umbrella के निचले (Subumbrellar) भाग के बिल्कुल मध्य में एक छोटी, नलिका जैसी संरचना पाई जाती है, जिसे Manubrium कहा जाता है। यह Aurelia के Digestive System का एक महत्वपूर्ण भाग है और Mouth इसी के अंतिम सिरे पर स्थित रहता है।

Manubrium शरीर के बाहरी वातावरण तथा Gastrovascular Cavity के बीच संपर्क स्थापित करता है। भोजन इसी मार्ग से शरीर के अंदर प्रवेश करता है और आगे पाचन की प्रक्रिया प्रारम्भ होती है।

इसके ऊतकों में संकुचन (Contraction) और फैलाव (Expansion) की क्षमता होती है, जिससे भोजन को Gastrovascular System की ओर भेजने में सहायता मिलती है।

Easy Concept

यदि Umbrella को Aurelia का मुख्य शरीर माना जाए, तो Manubrium उस शरीर का भोजन प्रवेश मार्ग (Food Passage) है।

Oral Arms

Manubrium के चारों ओर चार बड़ी तथा लम्बी भुजाओं जैसी संरचनाएँ होती हैं, जिन्हें Oral Arms कहा जाता है। ये देखने में हल्की मुड़ी हुई तथा झालरदार (Fringed) दिखाई देती हैं।

Oral Arms का मुख्य कार्य भोजन को Mouth तक पहुँचाना है। जब कोई छोटा जलीय जीव Tentacles द्वारा पकड़ लिया जाता है, तब Oral Arms उसे धीरे-धीरे Mouth की ओर ले जाती हैं।

इनकी सतह पर Mucus तथा सूक्ष्म Cilia भी पाए जाते हैं, जो भोजन के कणों को फिसलने से रोकते हैं और उन्हें सही दिशा में पहुँचाने में सहायता करते हैं।

Sexual Reproduction के समय Female Aurelia में निषेचित अंडों (Fertilized Eggs) के प्रारम्भिक विकास में भी Oral Arms महत्वपूर्ण भूमिका निभाती हैं।

Tentacles

Umbrella के किनारों पर बड़ी संख्या में पतले तथा लचीले Tentacles पाए जाते हैं। समुद्री जल में ये लगातार हिलते-डुलते रहते हैं और आसपास के छोटे जीवों के संपर्क में आते रहते हैं।

Tentacles की बाहरी सतह पर असंख्य Cnidoblasts उपस्थित रहते हैं। प्रत्येक Cnidoblast के भीतर Nematocyst पाया जाता है, जो आवश्यकता पड़ने पर तुरंत सक्रिय हो जाता है।

जैसे ही कोई Plankton या अन्य छोटा जीव Tentacles को स्पर्श करता है, Nematocyst अपना विषैला धागा बाहर निकाल देता है। इससे शिकार निष्क्रिय हो जाता है और आसानी से पकड़ा जा सकता है।

इसके बाद Tentacles और Oral Arms मिलकर उस शिकार को Mouth तक पहुँचा देते हैं। इस प्रकार भोजन ग्रहण करने की पूरी प्रक्रिया में Tentacles की भूमिका अत्यंत महत्वपूर्ण होती है।

Remember

Tentacles केवल भोजन पकड़ने का कार्य नहीं करते, बल्कि ये Aurelia को शत्रुओं से सुरक्षा भी प्रदान करते हैं।

Rhopalia

Aurelia के Umbrella के किनारों पर निश्चित दूरी पर छोटी-छोटी विशेष संरचनाएँ उपस्थित रहती हैं, जिन्हें Rhopalia कहा जाता है। ये सामान्य Tentacles से अलग होती हैं और मुख्य रूप से संवेदन (Sensory Function) का कार्य करती हैं।

प्रत्येक Rhopalium में विभिन्न प्रकार के Sense Organs पाए जाते हैं, जिनकी सहायता से Aurelia अपने आसपास के वातावरण में होने वाले परिवर्तनों को महसूस कर सकती है।

इन्हीं संरचनाओं के कारण Aurelia प्रकाश (Light), जल की दिशा (Water Current) तथा शरीर के संतुलन (Balance) के बारे में जानकारी प्राप्त करती है। इसलिए Rhopalia को Aurelia का Sensory Centre भी कहा जाता है।

हालाँकि Cnidaria में विकसित Brain नहीं होता, फिर भी Rhopalia और Nerve Net मिलकर शरीर की विभिन्न गतिविधियों का समन्वय करते हैं। यही कारण है कि Aurelia समुद्र में संतुलित रूप से तैरने और बाहरी उत्तेजनाओं के प्रति प्रतिक्रिया देने में सक्षम होती है।

Key Point

Rhopalia कोई एक अकेला Sense Organ नहीं है। यह एक Sensory Complex है, जिसमें संतुलन, प्रकाश तथा अन्य संवेदनाओं से संबंधित संरचनाएँ एक साथ पाई जाती हैं।

Mesoglea

Aurelia के शरीर का सबसे बड़ा भाग Mesoglea से बना होता है। यह Epidermis और Gastrodermis के बीच स्थित एक मोटी, पारदर्शी तथा Jelly जैसी परत होती है। Obelia की तुलना में Aurelia में Mesoglea बहुत अधिक विकसित होती है, इसलिए इसका शरीर मुलायम, लचीला और लगभग पारदर्शी दिखाई देता है।

Mesoglea केवल शरीर के बीच भरी हुई एक साधारण परत नहीं है, बल्कि यह Aurelia को आवश्यक मजबूती (Support), लचीलापन (Flexibility) तथा उछाल (Buoyancy) भी प्रदान करती है। इसी के कारण यह जीव समुद्री जल में आसानी से तैर पाता है।

इस परत में जल (Water) की मात्रा बहुत अधिक होती है। इसलिए Aurelia के शरीर का अधिकांश भार वास्तव में पानी से बना होता है। यही कारण है कि इसे हाथ में लेने पर यह अत्यंत नरम तथा जेली जैसा महसूस होता है।

Important Fact

Aurelia के शरीर का अधिकांश आयतन (Volume) Mesoglea के कारण होता है, जबकि जीवित कोशिकाएँ इसकी तुलना में कम मात्रा में होती हैं।

Gastrovascular Cavity

Aurelia में भोजन के पाचन तथा पोषक पदार्थों के वितरण के लिए एक विशेष आंतरिक गुहा होती है, जिसे Gastrovascular Cavity कहा जाता है। यह Mouth से जुड़ी रहती है और पूरे शरीर में भोजन पहुँचाने का कार्य करती है।

जब भोजन Mouth के माध्यम से Manubrium में प्रवेश करता है, तब वह Gastrovascular Cavity तक पहुँचता है। यहीं Digestive Enzymes भोजन का प्रारम्भिक पाचन करते हैं।

इस गुहा का एक महत्वपूर्ण कार्य केवल Digestion तक सीमित नहीं है। यही प्रणाली शरीर के विभिन्न भागों तक पोषक तत्वों का वितरण भी करती है। चूँकि Aurelia में अलग Circulatory System नहीं होता, इसलिए Gastrovascular Cavity दोनों कार्य एक साथ करती है।

Canal System

Gastrovascular Cavity से अनेक पतली नलिकाएँ (Canals) निकलती हैं, जो पूरे Umbrella में फैली रहती हैं। इन सभी नलिकाओं को मिलाकर Canal System कहा जाता है।

Canal System का मुख्य उद्देश्य शरीर के प्रत्येक भाग तक पोषक पदार्थ पहुँचाना होता है। इससे सभी ऊतकों को आवश्यक भोजन प्राप्त होता रहता है।

Aurelia में सामान्यतः चार Gastric Pouches, अनेक Radial Canals तथा किनारे पर स्थित एक Circular Canal मिलकर यह संपूर्ण प्रणाली बनाते हैं।

Radial Canals शरीर के मध्य भाग से किनारों की ओर जाती हैं, जबकि Circular Canal Umbrella के किनारे के साथ-साथ एक वलय (Ring) के रूप में फैली रहती है। दोनों मिलकर पूरे शरीर में पोषक तत्वों का समान वितरण सुनिश्चित करती हैं।



Easy Understanding

यदि Gastrovascular Cavity को मुख्य केन्द्र माना जाए, तो Canal System पूरे शरीर में भोजन पहुँचाने वाले मार्ग (Distribution Network) की तरह कार्य करता है।

Nervous System

Aurelia का Nervous System अपेक्षाकृत सरल होता है। इसमें Brain या Spinal Cord जैसे विकसित अंग नहीं पाए जाते। इसके स्थान पर पूरे शरीर में तंत्रिका कोशिकाओं का एक जाल (Network) फैला रहता है, जिसे Nerve Net कहा जाता है।

Nerve Net शरीर के विभिन्न भागों से प्राप्त सूचनाओं को एक स्थान से दूसरे स्थान तक पहुँचाने का कार्य करता है। इसकी सहायता से Aurelia बाहरी वातावरण में होने वाले परिवर्तनों पर शीघ्र प्रतिक्रिया कर सकती है।

Umbrella की नियमित गति, Tentacles की हलचल तथा तैरने की क्रियाएँ इसी सरल Nervous System के समन्वय से सम्पन्न होती हैं।

Sense Organs

यद्यपि Aurelia में उच्च श्रेणी के जीवों जैसी आँखें, कान या मस्तिष्क नहीं होते, फिर भी इसमें कुछ विशेष संवेदन अंग (Sense Organs) पाए जाते हैं, जो इसे अपने आसपास के वातावरण की जानकारी प्राप्त करने में सहायता करते हैं।

ये Sense Organs मुख्य रूप से Rhopalia के भीतर स्थित होते हैं। इनमें संतुलन बनाए रखने वाले Statocysts तथा प्रकाश का अनुभव करने वाले Ocelli प्रमुख हैं।

Statocysts Aurelia को समुद्री जल में सही दिशा तथा संतुलन बनाए रखने में सहायता करते हैं। दूसरी ओर Ocelli प्रकाश की तीव्रता में परिवर्तन का अनुभव करते हैं, जिससे Aurelia अपने वातावरण के अनुसार प्रतिक्रिया दे सकती है।

इन सरल Sense Organs की सहायता से Aurelia बिना विकसित Brain के भी समुद्र में सफलतापूर्वक जीवन व्यतीत करती है।

Important Structural Features of Aurelia

Aurelia की संरचना में कई ऐसी विशेषताएँ हैं, जो इसे Cnidaria का एक विशिष्ट तथा उन्नत प्रतिनिधि बनाती हैं। इसकी प्रमुख संरचनात्मक विशेषताएँ निम्नलिखित हैं।

  • शरीर छतरीनुमा (Umbrella-shaped) तथा लगभग पारदर्शी होता है।
  • मोटी Mesoglea शरीर को लचीलापन तथा Buoyancy प्रदान करती है।
  • Medusa Stage जीवन चक्र की प्रमुख अवस्था होती है।
  • Umbrella के किनारों पर अनेक Tentacles उपस्थित रहते हैं।
  • Tentacles पर Cnidoblasts और Nematocysts पाए जाते हैं।
  • Rhopalia में Sense Organs उपस्थित रहते हैं।
  • Gastrovascular Cavity तथा Canal System मिलकर पाचन एवं भोजन वितरण का कार्य करते हैं।
  • Nervous System Nerve Net प्रकार का होता है।
  • Sexual Reproduction मुख्यतः Medusa Stage में सम्पन्न होती है।

Before Moving Ahead

अब हमने Aurelia की संरचना (Structure) को विस्तार से समझ लिया है। अगले भाग में इसके Complete Life Cycle का अध्ययन करेंगे, जिसमें Sexual Reproduction, Fertilization, Planula Larva, Scyphistoma, Strobila, Ephyra Larva, Adult Aurelia तथा Metagenesis को क्रमबद्ध तरीके से समझाया जाएगा।

Complete Life Cycle of Aurelia

Aurelia का Life Cycle Cnidaria के सबसे रोचक जीवन चक्रों में से एक माना जाता है। इसके जीवन में दो अलग-अलग Body Forms दिखाई देते हैं। एक अवस्था समुद्र में स्वतंत्र रूप से तैरती है, जबकि दूसरी अवस्था किसी कठोर सतह से जुड़कर रहती है। यही कारण है कि Aurelia का Life Cycle Zoology में विशेष महत्व रखता है।

जीवन चक्र की शुरुआत सामान्यतः Adult Medusa से मानी जाती है। यही अवस्था पूर्ण विकसित होती है और Sexual Reproduction में भाग लेती है। इसके बाद बनने वाले Larval Stages धीरे-धीरे विकसित होकर फिर से Adult Aurelia का निर्माण करते हैं।

Life Cycle Sequence

Adult Medusa → Gametes → Fertilization → Planula Larva → Scyphistoma → Strobila → Ephyra → Adult Aurelia

Sexual Reproduction

Aurelia में Sexual Reproduction केवल Medusa Stage में होती है। अधिकांश प्रजातियों में नर (Male) और मादा (Female) अलग-अलग होते हैं, इसलिए इसे Dioecious जीव माना जाता है।

Male Medusa की Gonads में Sperms बनते हैं, जबकि Female Medusa की Gonads में Eggs विकसित होते हैं। जब दोनों Gametes परिपक्व हो जाते हैं, तब वे Mouth के माध्यम से समुद्री जल में पहुँचते हैं।

Female Aurelia में कई बार Eggs कुछ समय तक Oral Arms के पास सुरक्षित रहते हैं, जहाँ उनके प्रारम्भिक विकास के लिए अनुकूल वातावरण मिलता है।

Fertilization

जब Male द्वारा छोड़े गए Sperms Female के Eggs तक पहुँचते हैं, तब दोनों Gametes का मिलन होता है। इसी प्रक्रिया को Fertilization कहते हैं।

Fertilization के बाद एक Zygote बनता है। यही Zygote लगातार Cell Division करता है और धीरे-धीरे एक छोटे Embryo में बदल जाता है। Embryonic Development के बाद अगली अवस्था अर्थात Planula Larva का निर्माण होता है।

Important Note

Fertilization के बाद बनने वाला Zygote ही Aurelia के पूरे जीवन चक्र की नई शुरुआत करता है।

Planula Larva

Planula एक सूक्ष्म, अंडाकार तथा Cilia से ढका हुआ Larva होता है। Cilia की सहायता से यह कुछ समय तक समुद्री जल में स्वतंत्र रूप से तैरता रहता है।

इस अवस्था का मुख्य उद्देश्य किसी उपयुक्त कठोर सतह की खोज करना होता है। जब इसे चट्टान, सीप या किसी अन्य मजबूत आधार का सहारा मिल जाता है, तब यह वहीं जाकर स्थायी रूप से चिपक जाता है।

इसके बाद इसके शरीर की संरचना बदलने लगती है और यह अगले विकासात्मक चरण में प्रवेश करता है।

Scyphistoma Stage

Planula के सतह से जुड़ने के बाद यह Scyphistoma में बदल जाता है। यह एक छोटा Polyp होता है, जो देखने में Hydroid जैसा दिखाई देता है।

Scyphistoma अपने Tentacles की सहायता से भोजन ग्रहण करता है और धीरे-धीरे आकार में बढ़ता है। यही अवस्था आगे चलकर Asexual Reproduction की शुरुआत करती है।

इस चरण में जीव स्थिर (Sessile) रहता है और समुद्र की सतह से जुड़ा हुआ जीवन व्यतीत करता है।

Strobila Stage

जब Scyphistoma पूर्ण विकसित हो जाता है, तब उसके शरीर में आड़ी-आड़ी संकुचन (Transverse Constrictions) बनने लगते हैं। इस अवस्था को Strobila कहा जाता है।

Strobila देखने में कई गोल चक्रों (Stacked Discs) जैसी दिखाई देती है। प्रत्येक Disc आगे चलकर एक स्वतंत्र Ephyra Larva का निर्माण करती है।

यह प्रक्रिया Strobilation कहलाती है और Aurelia में Asexual Reproduction का प्रमुख उदाहरण मानी जाती है।

Remember

Scyphistoma → Strobila बनने की प्रक्रिया को Strobilation कहा जाता है।

Ephyra Larva

Strobila के प्रत्येक Disc के अलग होने पर एक छोटी, तारा (Star) जैसी आकृति वाला Larva बनता है, जिसे Ephyra कहा जाता है।

Ephyra स्वतंत्र रूप से समुद्री जल में तैरता है। प्रारम्भ में इसका आकार छोटा होता है, लेकिन लगातार वृद्धि के साथ इसकी Umbrella, Tentacles तथा अन्य संरचनाएँ विकसित होने लगती हैं।

कुछ समय बाद Ephyra धीरे-धीरे अपनी Juvenile अवस्था पार करके पूर्ण विकसित Medusa का रूप धारण कर लेता है।

Formation of Adult Aurelia

Ephyra के लगातार विकास के साथ उसका शरीर बड़ा होने लगता है। Umbrella चौड़ी हो जाती है, Canal System विकसित हो जाता है तथा Gonads भी बनने लगती हैं।

जब सभी प्रमुख अंग पूरी तरह विकसित हो जाते हैं, तब यह एक पूर्ण विकसित Adult Aurelia बन जाती है। इसके बाद यह भोजन ग्रहण करती है, वृद्धि करती है और उचित समय आने पर पुनः Sexual Reproduction में भाग लेती है।

इसी प्रकार पूरा Life Cycle लगातार चलता रहता है और नई पीढ़ियों का निर्माण होता रहता है।

Metagenesis

Aurelia के जीवन चक्र में Sexual तथा Asexual Reproduction दोनों प्रकार की प्रक्रियाएँ क्रमशः दिखाई देती हैं। इसी विशेषता को Metagenesis कहा जाता है।

Medusa Stage में Sexual Reproduction होती है, जबकि Scyphistoma Stage Asexual Reproduction द्वारा Ephyra उत्पन्न करती है। इन दोनों अवस्थाओं का क्रमिक परिवर्तन ही Aurelia के जीवन चक्र की सबसे महत्वपूर्ण विशेषता है।

Stage Main Activity
Medusa Sexual Reproduction
Planula Swimming Larval Stage
Scyphistoma Sessile Polyp Stage
Strobila Produces Ephyra by Strobilation
Ephyra Young Free-swimming Medusa

Biological Importance of Aurelia

Aurelia समुद्री पारिस्थितिकी तंत्र (Marine Ecosystem) का एक महत्वपूर्ण सदस्य है। यह Plankton तथा अन्य सूक्ष्म जलीय जीवों की संख्या को नियंत्रित रखने में सहायता करती है और स्वयं भी अनेक समुद्री जीवों के लिए भोजन का स्रोत बनती है।

Zoology में Aurelia का अध्ययन विशेष रूप से Scyphozoa, Metagenesis, Strobilation तथा Jellyfish Biology को समझने के लिए किया जाता है। इसकी संरचना और जीवन चक्र Cnidaria के विकास तथा अनुकूलन (Adaptation) का उत्कृष्ट उदाहरण प्रस्तुत करते हैं।

Introduction to Phylum Ctenophora

समुद्र में रहने वाले जीवों की दुनिया बहुत विविध (Diverse) है। कुछ जीव देखने में साधारण लगते हैं, लेकिन उनकी शरीर रचना और जीवन शैली उन्हें अन्य जीवों से बिल्कुल अलग बनाती है। Phylum Ctenophora भी ऐसा ही एक छोटा लेकिन अत्यंत महत्वपूर्ण समूह है।

Ctenophora के जीव पारदर्शी (Transparent), मुलायम (Soft-bodied) और समुद्री जल में स्वतंत्र रूप से तैरने वाले होते हैं। इनके शरीर पर विशेष प्रकार की छोटी-छोटी कंघी जैसी संरचनाएँ पाई जाती हैं, जिनकी सहायता से ये पानी में आसानी से गति करते हैं। यही इनकी सबसे प्रमुख पहचान भी है।

पहली नज़र में Ctenophora के जीव Jellyfish जैसे दिखाई दे सकते हैं, इसलिए कई विद्यार्थी इन्हें Cnidaria का सदस्य समझ लेते हैं। वास्तव में ऐसा नहीं है। दोनों Phyla में कुछ समानताएँ अवश्य हैं, लेकिन कई महत्वपूर्ण विशेषताओं के कारण Ctenophora को एक स्वतंत्र Phylum माना जाता है।

Quick Idea

Ctenophora को सामान्य भाषा में Comb Jellies कहा जाता है, क्योंकि इनके शरीर पर Comb Plates (Ctenes) पाई जाती हैं, जो इन्हें पानी में तैरने में सहायता करती हैं।

Meaning of Ctenophora

Ctenophora शब्द दो ग्रीक (Greek) शब्दों से मिलकर बना है।

  • Ctene = Comb (कंघी)
  • Phoros = Bearing or Carrying (धारण करने वाला)

इस प्रकार Ctenophora का शाब्दिक अर्थ होता है "Comb Bearing Animals" अर्थात ऐसे जीव जिनके शरीर पर कंघी जैसी संरचनाएँ उपस्थित होती हैं।

यही Comb Plates इनकी गति (Locomotion) का मुख्य साधन होती हैं। Cnidaria के जीवों में ऐसी संरचनाएँ नहीं पाई जातीं, इसलिए यह विशेषता Ctenophora को अलग पहचान देती है।

Discovery and General Introduction

समुद्री जीवों के अध्ययन के दौरान वैज्ञानिकों ने ऐसे जीवों का एक समूह देखा, जिनकी बाहरी बनावट Jellyfish जैसी थी, लेकिन उनकी संरचना और कार्य करने की प्रणाली अलग थी। बाद में विस्तृत अध्ययन के आधार पर इन्हें एक अलग Phylum के रूप में स्वीकार किया गया, जिसे Ctenophora नाम दिया गया।

आज Ctenophora में लगभग 150 से अधिक ज्ञात Species शामिल की जाती हैं। अधिकांश प्रजातियाँ समुद्र के खुले जल (Open Sea) में रहती हैं और Planktonic जीवन बिताती हैं।

इनका शरीर सामान्यतः रंगहीन या हल्का पारदर्शी होता है। जब इन पर प्रकाश पड़ता है, तब Comb Plates के कारण इंद्रधनुष जैसे रंग दिखाई दे सकते हैं। यह रंग शरीर के कारण नहीं, बल्कि प्रकाश के परावर्तन (Reflection) के कारण दिखाई देते हैं।

Interesting Fact

कई Comb Jellies अंधेरे समुद्री वातावरण में हल्की Bioluminescence भी प्रदर्शित कर सकती हैं। अर्थात वे स्वयं हल्का प्रकाश उत्पन्न करने की क्षमता रखती हैं।

General Characteristics of Phylum Ctenophora

Ctenophora के जीवों में कुछ ऐसी विशेषताएँ होती हैं, जिनके आधार पर इन्हें आसानी से पहचाना जा सकता है। ये विशेषताएँ निम्नलिखित हैं।

  • सभी जीव Marine होते हैं और समुद्र में पाए जाते हैं।
  • इनका शरीर मुलायम, Jelly जैसा तथा अधिकतर पारदर्शी होता है।
  • अधिकांश Species स्वतंत्र रूप से तैरती हैं और किसी सतह से स्थायी रूप से जुड़ी नहीं रहतीं।
  • शरीर पर आठ पंक्तियों (Eight Rows) में Comb Plates पाई जाती हैं।
  • शिकार पकड़ने के लिए Colloblast Cells उपस्थित रहती हैं।
  • इनमें Cnidaria की तरह Nematocyst सामान्यतः नहीं पाए जाते।
  • शरीर सामान्यतः Biradial Symmetry प्रदर्शित करता है।
  • अधिकांश जीव Carnivorous होते हैं और छोटे Planktons को भोजन बनाते हैं।
  • इनका Nervous System सरल प्रकार का होता है।
  • अधिकांश Ctenophores उभयलिंगी (Hermaphrodite) होते हैं।

Remember This

Ctenophora की सबसे महत्वपूर्ण पहचान तीन विशेषताओं से होती है— Comb Plates, Colloblast Cells और Biradial Symmetry। यही विशेषताएँ इसे अन्य Marine Invertebrates से अलग बनाती हैं।

Habit and Habitat

यदि Ctenophora के रहने के स्थान (Habitat) को समझ लिया जाए, तो इसके शरीर की कई विशेषताएँ अपने आप स्पष्ट होने लगती हैं। यह Phylum पूरी तरह Marine है, अर्थात इसके सभी सदस्य केवल समुद्री जल (Sea Water) में ही पाए जाते हैं।

ये जीव सामान्यतः खुले समुद्र (Open Ocean), तटीय क्षेत्रों (Coastal Waters) तथा समुद्र की विभिन्न गहराइयों में मिल सकते हैं। कुछ Species समुद्र की सतह के पास तैरती हैं, जबकि कुछ अपेक्षाकृत अधिक गहराई में भी रहती हैं।

अधिकांश Ctenophores स्वतंत्र रूप से पानी में तैरते हैं। ये किसी चट्टान, पौधे या अन्य जीव से स्थायी रूप से जुड़े नहीं रहते। इसी कारण इन्हें Free-swimming Animals कहा जाता है।

इनका शरीर हल्का तथा Jelly जैसा होने के कारण समुद्री जल में तैरना इनके लिए आसान होता है। पानी की धाराओं (Water Currents) के साथ-साथ ये अपनी Comb Plates की सहायता से भी दिशा बदल सकते हैं।

Key Point

Ctenophora के सभी सदस्य समुद्री जीव हैं। आज तक इनकी कोई भी प्रजाति प्राकृतिक रूप से Fresh Water में नहीं पाई गई है।

Body Symmetry

शरीर की बनावट (Body Plan) किसी भी जीव की पहचान का महत्वपूर्ण आधार होती है। Ctenophora में शरीर Biradial Symmetry प्रदर्शित करता है।

Biradial Symmetry का अर्थ है कि शरीर को केवल कुछ निश्चित समतलों (Planes) में ही दो समान भागों में विभाजित किया जा सकता है। यह व्यवस्था Radial Symmetry और Bilateral Symmetry दोनों से कुछ अलग होती है।



इसी विशेष प्रकार की Symmetry के कारण शरीर के विभिन्न अंग संतुलित रूप से व्यवस्थित रहते हैं। Tentacles, Comb Rows तथा अन्य संरचनाएँ भी इसी Body Plan के अनुसार व्यवस्थित होती हैं।

Easy Understanding

Cnidaria में सामान्यतः Radial Symmetry होती है, जबकि Ctenophora में Biradial Symmetry पाई जाती है। यही अंतर दोनों Phyla को अलग पहचान देता है।

Body Organisation

Ctenophora का शरीर देखने में सरल लगता है, लेकिन इसकी आंतरिक व्यवस्था अच्छी तरह विकसित होती है। शरीर मुख्य रूप से बाहरी परत (Epidermis), भीतरी परत (Gastrodermis) तथा इनके बीच स्थित मोटी Mesoglea से मिलकर बना होता है।

Mesoglea केवल खाली स्थान नहीं भरती, बल्कि शरीर को मजबूती, लचीलापन तथा तैरने की क्षमता भी प्रदान करती है। इसी कारण इनका शरीर मुलायम होने के बावजूद अपना आकार बनाए रखता है।

शरीर के एक सिरे पर Mouth तथा दूसरे सिरे पर Aboral Region स्थित होता है। इसी व्यवस्थित Body Organisation के कारण भोजन ग्रहण करने, गति करने और बाहरी वातावरण को महसूस करने जैसी क्रियाएँ सुचारु रूप से होती हैं।

Comb Plates (Ctenes)

यदि Ctenophora की सबसे विशिष्ट पहचान पूछी जाए, तो उसका उत्तर होगा Comb Plates। इन्हीं के कारण इस Phylum का नाम Ctenophora रखा गया है।

Comb Plates छोटी-छोटी Cilia के समूह से बनी होती हैं। ये Cilia आपस में जुड़कर कंघी (Comb) जैसी दिखाई देती हैं। शरीर पर ऐसी Comb Plates आठ लम्बी पंक्तियों (Eight Comb Rows) में व्यवस्थित रहती हैं।

जब ये Cilia एक निश्चित क्रम में लगातार गति करती हैं, तब पूरा शरीर धीरे-धीरे आगे बढ़ता है। यही Ctenophora में Locomotion का मुख्य साधन है।



प्रकाश पड़ने पर Comb Plates पर इंद्रधनुष जैसे चमकीले रंग दिखाई दे सकते हैं। यह किसी रंगद्रव्य (Pigment) के कारण नहीं, बल्कि प्रकाश के अपवर्तन और परावर्तन के कारण दिखाई देने वाला Optical Effect होता है।

Feature Description
Number 8 Comb Rows
Structure Fused Cilia arranged like a comb
Main Function Swimming and Body Movement
Special Feature Produces rainbow-like optical effect in light

Remember

Comb Plates Ctenophora की पहचान हैं। यही संरचनाएँ इसे Jellyfish सहित अन्य समुद्री Invertebrates से अलग बनाती हैं और पानी में नियंत्रित गति करने में सहायता करती हैं।

Colloblast Cells

Ctenophora के शरीर में भोजन पकड़ने के लिए एक विशेष प्रकार की कोशिकाएँ पाई जाती हैं, जिन्हें Colloblast Cells कहा जाता है। यही कोशिकाएँ इस Phylum की सबसे महत्वपूर्ण विशेषताओं में से एक हैं।

Cnidaria में शिकार पकड़ने के लिए Nematocyst पाया जाता है, जबकि Ctenophora में उसकी जगह Colloblast Cells होती हैं। इसलिए दोनों Phyla के बीच यह एक महत्वपूर्ण अंतर माना जाता है।

Colloblast Cells मुख्य रूप से Tentacles की सतह पर उपस्थित रहती हैं। इन कोशिकाओं से एक चिपचिपा (Sticky) पदार्थ निकलता है, जिसकी सहायता से छोटे Plankton और अन्य सूक्ष्म जीव आसानी से Tentacles से चिपक जाते हैं।

इन कोशिकाओं में विष (Poison) नहीं होता। इसलिए Ctenophora अपने शिकार को डंक मारकर नहीं, बल्कि चिपकाकर पकड़ता है।

Quick Concept

Colloblast = Sticky Cell
इसका मुख्य कार्य शिकार को पकड़ना है, न कि उसे विषैले डंक से निष्क्रिय करना।

Colloblast Cells Cnidoblast (Cnidaria)
Sticky Cells Stinging Cells
No Poison Contains Nematocyst
Food Capture Food Capture + Defence

Locomotion

Ctenophora में चलने (Movement) की प्रक्रिया अन्य अधिकांश Invertebrates से अलग होती है। यह शरीर पर उपस्थित आठ Comb Rows की सहायता से धीरे-धीरे पानी में आगे बढ़ता है।

Comb Plates लगातार एक निश्चित क्रम (Rhythmic Movement) में गति करती रहती हैं। इस कारण शरीर बिना अधिक ऊर्जा खर्च किए समुद्र में आसानी से तैरता रहता है।

यदि पानी की दिशा बदलती है, तो Comb Plates की गति भी बदल जाती है। इससे Ctenophora अपनी दिशा नियंत्रित कर सकता है।

धीमी लेकिन संतुलित Swimming इसकी सबसे प्रमुख विशेषता मानी जाती है।

Remember

Ctenophora में Locomotion का मुख्य अंग Comb Plates हैं। शरीर की मांसपेशियाँ केवल सहायक भूमिका निभाती हैं।

Feeding Behaviour

Ctenophora एक Carnivorous Animal है। यह मुख्य रूप से छोटे Plankton, Larvae तथा अन्य सूक्ष्म समुद्री जीवों को भोजन के रूप में ग्रहण करता है।

जब कोई छोटा जीव Tentacles के संपर्क में आता है, तब Colloblast Cells उसे मजबूती से चिपका लेती हैं। इसके बाद Tentacles धीरे-धीरे उस शिकार को Mouth की ओर ले जाते हैं।

इस पूरी प्रक्रिया में न तो विषैले डंक का प्रयोग होता है और न ही तेज़ आक्रमण किया जाता है। भोजन पकड़ने का पूरा कार्य Sticky Cells द्वारा सम्पन्न होता है।

Food Capture Sequence

Plankton → Tentacles → Colloblast Cells → Mouth → Digestive System

Digestion

भोजन Mouth के माध्यम से शरीर के अंदर प्रवेश करता है। इसके बाद यह Pharynx से होकर Gastrovascular Canal System तक पहुँचता है।

पाचन (Digestion) दो चरणों में पूरा होता है। पहले भोजन का आंशिक पाचन शरीर की गुहा (Extracellular Digestion) में होता है। इसके बाद कोशिकाएँ छोटे-छोटे भोजन कणों को ग्रहण करके उनका Intracellular Digestion पूरा करती हैं।

पाचन के बाद प्राप्त पोषक तत्व Canal System के माध्यम से शरीर के विभिन्न भागों तक पहुँच जाते हैं। इस प्रकार अलग Circulatory System की आवश्यकता नहीं पड़ती।

Important Note

Ctenophora में Digestive System अपेक्षाकृत अधिक विकसित होता है। यही कारण है कि इसे Cnidaria की तुलना में अधिक उन्नत (Advanced) माना जाता है।

Nervous System

Ctenophora का Nervous System सरल होता है, लेकिन यह शरीर की आवश्यक गतिविधियों को नियंत्रित करने के लिए पर्याप्त विकसित माना जाता है।

शरीर की बाहरी सतह के नीचे Nerve Cells का एक जाल (Nerve Network) पाया जाता है। यही नेटवर्क Comb Plates, Tentacles तथा अन्य अंगों के बीच समन्वय बनाए रखता है।

जब बाहरी वातावरण में कोई परिवर्तन होता है, जैसे जल की गति या शिकार का स्पर्श, तब यही Nervous System तुरंत प्रतिक्रिया देने में सहायता करता है।

हालाँकि इनमें विकसित Brain नहीं होता, फिर भी इनके शरीर की विभिन्न क्रियाएँ अच्छी तरह समन्वित रहती हैं।

Reproduction

Ctenophora में नई संतानों का निर्माण Sexual Reproduction द्वारा होता है। इस Phylum की एक विशेष बात यह है कि अधिकांश Species Hermaphrodite (Monoecious) होती हैं। अर्थात एक ही जीव के शरीर में Male और Female दोनों प्रकार के Reproductive Organs पाए जाते हैं।

हालाँकि एक ही शरीर में दोनों प्रकार के Gonads मौजूद रहते हैं, फिर भी सामान्यतः Self-fertilization नहीं होती। अधिकांश Species में Cross-fertilization को प्राथमिकता मिलती है, जिससे Genetic Variation बना रहता है।

जब Reproductive Cells पूरी तरह विकसित हो जाती हैं, तब Sperms और Eggs समुद्री जल में छोड़ दिए जाते हैं। जल में ही दोनों Gametes का मिलन होता है और Fertilization की प्रक्रिया पूरी होती है।

Quick Revision

Most Ctenophores → Hermaphrodite → External Fertilization → Direct Development

Development

Fertilization के बाद बनने वाला Zygote लगातार Cell Division करता है और धीरे-धीरे Embryo में परिवर्तित हो जाता है। इसके बाद एक विशेष प्रकार का Larva बनता है, जिसे Cydippid Larva कहा जाता है।

यह Larva आकार में छोटा होता है, लेकिन इसकी मूल संरचना Adult Ctenophora से काफी मिलती-जुलती होती है। यही कारण है कि Ctenophora में Development अपेक्षाकृत सरल माना जाता है।

समय के साथ Cydippid Larva का आकार बढ़ता है, उसके Comb Plates, Tentacles तथा अन्य अंग पूरी तरह विकसित हो जाते हैं और अंततः वह Adult Ctenophora में परिवर्तित हो जाता है।

Remember

Ctenophora में बनने वाला Cydippid Larva Zoology की दृष्टि से अत्यंत महत्वपूर्ण माना जाता है, क्योंकि यही आगे चलकर पूर्ण विकसित Adult बनता है।

Introduction of Hormiphora

Phylum Ctenophora का अध्ययन करते समय जिस Genus का सबसे अधिक उल्लेख किया जाता है, वह है Hormiphora। इसकी संरचना सरल होने के कारण इसे Ctenophora के अध्ययन के लिए एक Representative Example माना जाता है।

Hormiphora एक छोटा, पारदर्शी तथा समुद्री जीव है। इसका शरीर Jelly जैसा मुलायम होता है और यह समुद्री जल में स्वतंत्र रूप से तैरता रहता है। इसके शरीर पर आठ स्पष्ट Comb Rows तथा दो लम्बे Tentacles पाए जाते हैं, जो इसकी प्रमुख पहचान हैं।

Tentacles पर उपस्थित Colloblast Cells की सहायता से यह छोटे Plankton तथा सूक्ष्म समुद्री जीवों को पकड़ता है। भोजन प्राप्त करने की इसकी पूरी प्रक्रिया सरल होने के साथ-साथ अत्यंत प्रभावी भी होती है।

Hormiphora में Body Organisation, Canal System, Nervous System तथा Reproductive System जैसे सभी प्रमुख अंग स्पष्ट रूप से विकसित होते हैं। इसी कारण Zoology की पुस्तकों तथा विश्वविद्यालयों के पाठ्यक्रम में इसका विशेष अध्ययन कराया जाता है।

Why is Hormiphora Important?

  • Phylum Ctenophora का Representative Animal माना जाता है।
  • इसकी सहायता से Ctenophora की मूल संरचना को आसानी से समझा जा सकता है।
  • Comb Plates और Colloblast Cells दोनों स्पष्ट रूप से विकसित होते हैं।
  • BRABU सहित कई विश्वविद्यालयों के Zoology Syllabus में इसका विशेष अध्ययन कराया जाता है।
Feature Hormiphora
Habitat Marine
Body Nature Transparent and Jelly-like
Locomotion By Eight Comb Rows
Food Capturing Cells Colloblast Cells
Representative Of Phylum Ctenophora

General Organization of Hormiphora

अब तक हमने Ctenophora की सामान्य विशेषताओं को समझा। इन्हीं विशेषताओं को किसी वास्तविक जीव में समझने के लिए Hormiphora का अध्ययन किया जाता है। इसकी Body Organisation सरल होने के साथ-साथ Ctenophora की लगभग सभी मुख्य विशेषताओं को स्पष्ट रूप से दर्शाती है।

Hormiphora का प्रत्येक भाग किसी विशेष कार्य के लिए अनुकूलित (Adapted) होता है। चाहे भोजन पकड़ना हो, पानी में तैरना हो या बाहरी वातावरण को महसूस करना—हर संरचना अपना अलग कार्य करती है।

Study Note

Hormiphora को समझ लेने पर Ctenophora की अधिकांश मूल विशेषताएँ अपने आप स्पष्ट हो जाती हैं। इसलिए इसे Representative Animal माना जाता है।

Introduction of Hormiphora

Hormiphora एक छोटा, पारदर्शी तथा समुद्री Ctenophore है। इसका शरीर Jelly जैसा मुलायम होता है और यह अपना पूरा जीवन समुद्र के जल में स्वतंत्र रूप से तैरते हुए बिताता है।

यह मुख्य रूप से छोटे Plankton तथा सूक्ष्म समुद्री जीवों का शिकार करता है। भोजन पकड़ने के लिए इसके पास दो लम्बे Tentacles होते हैं, जिन पर Colloblast Cells पाई जाती हैं।

Zoology में Hormiphora का अध्ययन इसलिए महत्वपूर्ण माना जाता है क्योंकि इसके शरीर में Ctenophora की लगभग सभी प्रमुख संरचनाएँ स्पष्ट रूप से विकसित होती हैं।

Scientific Classification

Taxonomic Rank Classification
Kingdom Animalia
Phylum Ctenophora
Class Tentaculata
Order Cydippida
Genus Hormiphora

Habit and Habitat

Hormiphora केवल समुद्री जल में पाया जाता है। यह खुले समुद्र (Open Sea) में स्वतंत्र रूप से तैरता रहता है और किसी चट्टान या अन्य सतह से स्थायी रूप से जुड़ा नहीं रहता।

दिन और रात के समय इसकी गहराई में थोड़ा परिवर्तन हो सकता है, लेकिन इसका पूरा जीवन समुद्री वातावरण पर ही निर्भर रहता है।

यह एक सक्रिय शिकारी (Active Predator) है, जो पानी में तैरते हुए छोटे Planktonic जीवों को पकड़कर अपना भोजन प्राप्त करता है।

Important Point

Hormiphora पूरी तरह Marine Animal है। Fresh Water में इसकी कोई प्राकृतिक Species नहीं पाई जाती।

External Morphology

Hormiphora का शरीर बाहर से देखने पर अत्यंत सरल दिखाई देता है, लेकिन इसकी संरचना सुव्यवस्थित होती है। पूरा शरीर पारदर्शी होने के कारण इसके कई आंतरिक भाग भी हल्के रूप में दिखाई देते हैं।

शरीर पर आठ स्पष्ट Comb Rows उपस्थित रहती हैं, जो ऊपर से नीचे तक फैली होती हैं। यही Comb Rows इसकी पहचान भी हैं और Swimming में सहायता भी करती हैं।

शरीर के दोनों ओर Tentacles स्थित रहते हैं, जिन्हें आवश्यकता पड़ने पर बाहर निकाला या Tentacular Sheath के भीतर समेटा जा सकता है।

Body Shape and Size

Hormiphora का शरीर सामान्यतः Pear-shaped (नाशपाती के आकार का) होता है। आगे का भाग थोड़ा संकरा तथा पीछे का भाग अपेक्षाकृत चौड़ा दिखाई देता है।

इसका आकार बहुत बड़ा नहीं होता। अधिकांश Species कुछ सेंटीमीटर लंबी होती हैं, जिससे ये समुद्र में सूक्ष्म जीवों का शिकार आसानी से कर पाती हैं।

हल्का शरीर, Jelly जैसी बनावट तथा संतुलित आकार इसे पानी में बिना अधिक ऊर्जा खर्च किए तैरने में सहायता देते हैं।

Quick Recall

  • Pear-shaped Body
  • Transparent Appearance
  • Eight Comb Rows
  • Two Long Tentacles
  • Soft Jelly-like Structure

Oral End and Aboral End

Hormiphora के शरीर के दोनों सिरों की संरचना और कार्य अलग-अलग होते हैं। एक सिरे पर Oral End तथा दूसरे सिरे पर Aboral End स्थित होता है।

Oral End पर Mouth पाया जाता है, जिसके माध्यम से भोजन शरीर के अंदर प्रवेश करता है। इसके विपरीत Aboral End शरीर का ऊपरी सिरा होता है, जहाँ Sense Organ (Statocyst) उपस्थित रहता है, जो शरीर का संतुलन बनाए रखने में सहायता करता है।

इन दोनों सिरों की स्पष्ट पहचान Hormiphora के Body Plan को समझने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाती है।

Comb Plates (Eight Comb Rows)

Hormiphora की सबसे प्रमुख पहचान उसके शरीर पर उपस्थित Eight Comb Rows हैं। ये Comb Rows शरीर की बाहरी सतह पर समान दूरी पर स्थित रहती हैं और Oral End से Aboral End की दिशा में फैली होती हैं।

प्रत्येक Comb Row में अनेक छोटी-छोटी Cilia आपस में मिलकर एक कंघी (Comb) जैसी संरचना बनाती हैं। इन्हीं संरचनाओं को Comb Plates या Ctenes कहा जाता है।

जब ये Cilia एक निश्चित लय (Rhythm) में गति करती हैं, तब पूरा शरीर धीरे-धीरे आगे बढ़ता है। यही Hormiphora में Locomotion का मुख्य साधन है।

Comb Plates की गति इतनी संतुलित होती है कि Hormiphora समुद्री जल में बिना किसी झटके के आसानी से दिशा बदल सकता है और भोजन की खोज कर सकता है।

Important Feature

Hormiphora में कुल 8 Comb Rows होती हैं। यही Ctenophora की सबसे महत्वपूर्ण Diagnostic Character मानी जाती है।

Colloblast Cells and Their Function

Hormiphora के Tentacles पर विशेष प्रकार की चिपचिपी कोशिकाएँ पाई जाती हैं, जिन्हें Colloblast Cells कहा जाता है। ये कोशिकाएँ भोजन पकड़ने के लिए विशेष रूप से अनुकूलित होती हैं।

जब कोई छोटा Plankton या सूक्ष्म समुद्री जीव Tentacle के संपर्क में आता है, तब Colloblast Cells उससे चिपक जाती हैं। इसके बाद Tentacles धीरे-धीरे उस शिकार को Mouth की ओर पहुँचा देते हैं।

इन कोशिकाओं में Nematocyst नहीं होता और न ही ये विष छोड़ती हैं। इसलिए Hormiphora अपने शिकार को डंक मारकर नहीं, बल्कि Sticky Surface की सहायता से पकड़ता है।



Easy Trick

Colloblast = Glue Cell
यह शिकार को चिपकाती है, जबकि Cnidoblast शिकार को डंक मारती है।

Tentacles

Hormiphora में सामान्यतः दो लम्बे Tentacles पाए जाते हैं। ये शरीर के दोनों ओर स्थित रहते हैं और भोजन प्राप्त करने में अत्यंत महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं।

Tentacles काफी लचीले (Flexible) होते हैं। आवश्यकता पड़ने पर ये पूरी तरह फैल जाते हैं और आवश्यकता न होने पर शरीर के भीतर समा जाते हैं।

इनकी सतह पर हजारों Colloblast Cells मौजूद रहती हैं, जो छोटे जलीय जीवों को पकड़ने का कार्य करती हैं। इस प्रकार Tentacles केवल स्पर्श करने वाले अंग नहीं हैं, बल्कि Feeding Mechanism का मुख्य भाग भी हैं।

Structure Main Function
Tentacles Capture of Food
Colloblast Cells Sticky Attachment of Prey
Comb Plates Swimming and Movement

Tentacular Sheath

Tentacles के आधार (Base) पर एक विशेष थैलीनुमा संरचना पाई जाती है, जिसे Tentacular Sheath कहा जाता है।

जब Tentacles की आवश्यकता नहीं होती, तब वे इसी Sheath के भीतर सुरक्षित रूप से समा जाते हैं। इससे वे किसी प्रकार की क्षति से बचे रहते हैं।

शिकार दिखाई देने पर Tentacles तुरंत Sheath से बाहर निकल आते हैं और भोजन पकड़ने का कार्य शुरू कर देते हैं। इस प्रकार Tentacular Sheath सुरक्षा (Protection) तथा नियंत्रण (Control) दोनों का कार्य करती है।

Remember This

Tentacular Sheath का मुख्य कार्य Tentacles को सुरक्षित रखना तथा आवश्यकता के अनुसार उन्हें बाहर निकालने और वापस समेटने में सहायता करना है।

Body Wall

Hormiphora की Body Wall देखने में पतली होती है, लेकिन इसकी संरचना सुव्यवस्थित रहती है। यह मुख्य रूप से बाहरी Epidermis, भीतरी Gastrodermis तथा इनके बीच स्थित Mesoglea से मिलकर बनी होती है।

Epidermis शरीर को बाहरी वातावरण से सुरक्षा प्रदान करती है, जबकि Gastrodermis भोजन के पाचन तथा पोषक तत्वों के अवशोषण में भाग लेती है।

इन दोनों परतों के बीच स्थित Mesoglea शरीर को लचीलापन, मजबूती तथा Jelly जैसी बनावट प्रदान करती है। इसी कारण Hormiphora का शरीर हल्का होने के बावजूद अपना आकार बनाए रखता है।

Mesoglea

Hormiphora के शरीर की सबसे महत्वपूर्ण आंतरिक संरचनाओं में से एक Mesoglea है। यह Epidermis और Gastrodermis के बीच स्थित एक मोटी, पारदर्शी तथा Jelly जैसी परत होती है। पहली नज़र में यह केवल एक भराव (Filling Material) जैसी लग सकती है, लेकिन वास्तव में इसके कई महत्वपूर्ण कार्य होते हैं।

Mesoglea शरीर को हल्का बनाए रखती है, जिससे Hormiphora समुद्री जल में आसानी से तैर सकता है। यदि यह परत विकसित न हो, तो शरीर अपना संतुलन और प्राकृतिक आकार बनाए रखने में कठिनाई महसूस करेगा।

इस परत के भीतर महीन कोशिकाएँ (Cells) और रेशेदार संरचनाएँ (Fibres) भी पाई जाती हैं, जो शरीर को आवश्यक लचीलापन (Flexibility) और मजबूती (Support) प्रदान करती हैं।

Functions of Mesoglea

  • शरीर को हल्का और Jelly-like बनाती है।
  • Swimming के समय संतुलन बनाए रखने में सहायता करती है।
  • Body Shape को बनाए रखती है।
  • शरीर को लचीलापन और आंतरिक सहारा (Support) प्रदान करती है।

Canal System

Hormiphora में भोजन के वितरण के लिए एक सुव्यवस्थित Canal System पाया जाता है। यही प्रणाली भोजन को शरीर के विभिन्न भागों तक पहुँचाने का कार्य करती है।

भोजन Mouth से प्रवेश करके Pharynx में पहुँचता है। इसके बाद यह Stomach तथा विभिन्न Canals के माध्यम से पूरे शरीर में फैल जाता है। इसी कारण अलग से Blood Circulatory System की आवश्यकता नहीं होती।

Canal System केवल भोजन पहुँचाने का ही कार्य नहीं करता, बल्कि पाचन के बाद प्राप्त पोषक तत्वों को भी शरीर की कोशिकाओं तक पहुँचाने में सहायता करता है।

Part Main Function
Mouth Food Intake
Pharynx Passage of Food
Stomach Digestion
Canals Distribution of Nutrients

Important Note

Hormiphora में भोजन और पोषक तत्वों के परिवहन का मुख्य कार्य Canal System करता है। यही कारण है कि इसमें अलग से विकसित Blood Vascular System नहीं पाया जाता।

Digestive System

Hormiphora का Digestive System अपेक्षाकृत सरल होने के बावजूद काफी प्रभावी होता है। इसका मुख्य कार्य भोजन को पचाकर शरीर को आवश्यक पोषक तत्व उपलब्ध कराना है।

जब भोजन Mouth के माध्यम से अंदर प्रवेश करता है, तो वह Pharynx से होकर Stomach में पहुँचता है। यहाँ प्रारम्भिक पाचन होता है। इसके बाद भोजन के सूक्ष्म कण Canal System द्वारा शरीर के विभिन्न भागों तक पहुँच जाते हैं।

इस प्रकार Digestion और Distribution दोनों प्रक्रियाएँ एक-दूसरे से जुड़ी हुई होती हैं। यही व्यवस्था Hormiphora को कम ऊर्जा में अधिक प्रभावी ढंग से कार्य करने में सहायता देती है।

Remember

Hormiphora में Digestive System और Canal System मिलकर भोजन के पाचन तथा पूरे शरीर में पोषण पहुँचाने का कार्य करते हैं।

Respiration

Hormiphora में श्वसन (Respiration) के लिए कोई विशेष Respiratory Organ नहीं पाया जाता। इसका कारण यह है कि इसका शरीर बहुत पतला, मुलायम तथा अधिकांश भाग पानी से बना होता है।

समुद्री जल में घुली हुई Oxygen सीधे शरीर की बाहरी सतह से कोशिकाओं तक पहुँच जाती है। इसी प्रकार Carbon Dioxide भी शरीर से बाहर निकल जाती है। इस प्रक्रिया को Simple Diffusion कहा जाता है।

चूँकि शरीर की लगभग सभी कोशिकाएँ बाहरी वातावरण के काफी निकट होती हैं, इसलिए गैसों का आदान-प्रदान बिना किसी विशेष अंग के आसानी से हो जाता है।

Exam Point

Hormiphora में Gills, Lungs या Trachea जैसे कोई विशेष Respiratory Organs नहीं होते। Respiration केवल Diffusion द्वारा सम्पन्न होता है।

Excretion

Hormiphora में अलग से विकसित Excretory Organs भी नहीं पाए जाते। शरीर में बनने वाले Nitrogenous Waste तथा अन्य अपशिष्ट पदार्थ सरल प्रसार (Diffusion) द्वारा बाहर निकल जाते हैं।

शरीर की कोशिकाओं से निकलने वाले अपशिष्ट पदार्थ पहले आसपास के द्रव (Body Fluid) में पहुँचते हैं और फिर शरीर की बाहरी सतह के माध्यम से समुद्री जल में चले जाते हैं।

इस प्रकार Respiration और Excretion दोनों प्रक्रियाएँ मुख्य रूप से Diffusion पर आधारित होती हैं, जो इस छोटे और मुलायम शरीर वाले जीव के लिए पर्याप्त होती हैं।

Nervous System

Hormiphora का Nervous System सरल होने के बावजूद काफी प्रभावी होता है। इसमें Vertebrates की तरह विकसित Brain नहीं पाया जाता, फिर भी यह अपने शरीर की विभिन्न गतिविधियों का सफलतापूर्वक नियंत्रण करता है।

शरीर की बाहरी परत के नीचे Nerve Net अर्थात तंत्रिका कोशिकाओं का एक जाल फैला रहता है। यही Nerve Net शरीर के विभिन्न भागों तक संदेश पहुँचाने का कार्य करता है।

जब कोई बाहरी उत्तेजना (Stimulus), जैसे पानी की हलचल, शिकार का स्पर्श या प्रकाश में परिवर्तन होता है, तब Nerve Net तुरंत सक्रिय होकर आवश्यक प्रतिक्रिया उत्पन्न करता है। इसी कारण Hormiphora समय पर अपने Tentacles को फैला सकता है, Comb Plates की गति बदल सकता है तथा बाहरी परिस्थितियों के अनुसार स्वयं को अनुकूलित कर सकता है।

Important Concept

Hormiphora में Central Brain नहीं होता, बल्कि पूरे शरीर में फैला हुआ Nerve Net ही विभिन्न अंगों के बीच समन्वय (Coordination) स्थापित करता है।

Sense Organs

समुद्री वातावरण में सही दिशा में तैरना और शरीर का संतुलन बनाए रखना किसी भी Swimming Animal के लिए आवश्यक होता है। Hormiphora में यह कार्य विशेष Sense Organ द्वारा सम्पन्न होता है।

इसके Aboral End पर Statocyst नामक संतुलन अंग (Balance Organ) उपस्थित रहता है। यह लगातार शरीर की स्थिति का पता लगाता रहता है और आवश्यकता पड़ने पर Comb Plates की गति को नियंत्रित करने में सहायता करता है।

यदि समुद्र की लहरों या जलधाराओं के कारण शरीर का संतुलन बिगड़ता है, तो Statocyst तुरंत संकेत भेजता है, जिससे शरीर दोबारा संतुलित अवस्था में आ जाता है।

Sense Organ Function
Statocyst Maintains Body Balance
Nerve Net Coordinates Body Activities

Remember

Statocyst = Organ of Balance
यह Hormiphora को तैरते समय सही दिशा और संतुलन बनाए रखने में सहायता करता है।

Reproduction

Hormiphora में प्रजनन (Reproduction) मुख्य रूप से Sexual Method द्वारा होता है। अधिकांश Individuals Hermaphrodite होते हैं, अर्थात एक ही जीव में Male तथा Female दोनों प्रकार के Gonads उपस्थित रहते हैं।

परिपक्व होने पर Sperms और Eggs समुद्री जल में छोड़ दिए जाते हैं। सामान्यतः Fertilization शरीर के बाहर अर्थात समुद्री जल में सम्पन्न होती है। इस प्रकार की Fertilization को External Fertilization कहा जाता है।

Fertilization के बाद बनने वाला Zygote लगातार विभाजित होकर Embryo में परिवर्तित होता है और आगे चलकर Larval Stage का निर्माण करता है।

Key Points

  • Sexual Reproduction
  • Hermaphrodite Animal
  • External Fertilization
  • Marine Water में Development

Development

Fertilization के बाद बनने वाला Zygote कई बार Cell Division करता है और धीरे-धीरे एक विकसित Embryo का रूप ले लेता है। इसके बाद एक विशेष Larval Stage बनती है, जिसे Cydippid Larva कहा जाता है।

यह Larva आकार में छोटा होता है, लेकिन इसकी मूल संरचना Adult Hormiphora से काफी मिलती-जुलती होती है। विकास के दौरान इसके Tentacles, Comb Plates तथा अन्य अंग पूर्ण रूप से विकसित हो जाते हैं।

कुछ समय बाद यही Larva पूर्ण विकसित Adult Hormiphora में परिवर्तित हो जाता है और स्वतंत्र रूप से समुद्री जल में जीवन व्यतीत करने लगता है।

Study Point

Hormiphora का Development अपेक्षाकृत सरल होता है। इसमें बनने वाला Cydippid Larva आगे चलकर सीधे Adult में विकसित हो जाता है।

Important Characteristics of Hormiphora

Hormiphora की कुछ विशेषताएँ इसे Ctenophora का एक आदर्श प्रतिनिधि (Representative Animal) बनाती हैं। यही कारण है कि Zoology में इसका अध्ययन विशेष महत्व रखता है।

  • पूरी तरह Marine Animal है।
  • शरीर पारदर्शी तथा Jelly-like होता है।
  • आठ स्पष्ट Comb Rows उपस्थित रहती हैं।
  • दो लम्बे Tentacles पाए जाते हैं।
  • Tentacles पर Colloblast Cells होती हैं।
  • Body में Biradial Symmetry पाई जाती है।
  • Statocyst संतुलन बनाए रखता है।
  • Sexual Reproduction द्वारा नई संतानों का निर्माण होता है।

Concept Builder

यदि किसी विद्यार्थी को Hormiphora की Comb Plates, Tentacles, Colloblast Cells, Statocyst और Cydippid Larva अच्छी तरह समझ आ जाएँ, तो Ctenophora के अधिकांश महत्वपूर्ण Concepts स्वतः स्पष्ट हो जाते हैं।

Semester 2

Zoology (MJC)

Unit 3 - Cnidaria and Ctenophora

इस Unit के Detailed Notes, Objective Questions और Subjective Questions आपको Zoology Study Material Website पर बिल्कुल Free में उपलब्ध कराए जाते हैं।

Objective Questions, Short Questions, Long Questions और Complete Notes के लिए अलग-अलग Dedicated Sections बनाए गए हैं, जहाँ से विद्यार्थी अपनी आवश्यकता के अनुसार Study Material प्राप्त कर सकते हैं।

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यह Unit अभी पूरी तरह समाप्त नहीं हुआ है। Unit 3 बड़ा होने के कारण इसे दो अलग-अलग Articles में Divide किया गया है।

आपने अभी तक इस Unit का पहला Part Successfully Complete कर लिया है। Unit 3 की Complete Information प्राप्त करने के लिए इसका दूसरा Part पढ़ना आवश्यक है।

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