CO1: Develop an understanding about the thallus organization, nutrition, economic importance and life cycle of various fungi
CO2: Understand the terms, scope and importance of plant pathology
CO3: Describe the etiology, symptoms and control measures of plant diseases
CO4: Learn about various associations: Lichens and Mycorrhizae
MJC-3(T) Mycology and Phytopathology
| Unit | Topics to be covered |
|---|---|
| 1 | Fungi: General characteristics; Thallus organization; Nutrition, Cell wall composition; Reproduction and Classification |
| 2 | Structure and life history of the following genera: Synchytrium, Albugo, Peziza, Puccinia and Alternaria |
| 3 | Phytopathology: Terms and concepts; General symptoms, Host-Pathogen relationships; disease cycle; control of plant diseases |
| 4 |
Etiology, symptoms and control of the following diseases:
Citrus canker, Little leaf of brinjal, Early and Late blight of potato, Black stem rust of wheat and White rust of crucifers, Red rot of sugarcane, General account of Lichens, types & economic importance; Mycorrhiza- Ectomycorrhiza, Endomycorrhiza and their significance |
Fungi (कवक) का परिचय
Fungi ऐसे जीव हैं जो Chlorophyll की अनुपस्थिति के कारण अपना भोजन स्वयं नहीं बना सकते हैं।
Fungi की सामान्य विशेषताएं
| विशेषता | विवरण |
|---|---|
| आवास (Habitat) | Fungi अधिकतर नम स्थानों, मिट्टी, मृत एवं सड़े-गले कार्बनिक पदार्थों पर पाए जाते हैं। |
| पोषण (Nutrition) | Fungi Saprophytic, Parasitic तथा Symbiotic प्रकार से भोजन प्राप्त करते हैं। |
| शरीर संरचना (Body Structure) | इनका शरीर Hyphae से बना होता है, जिनके समूह को Mycelium कहते हैं। |
| प्रजनन (Reproduction) | Fungi में Vegetative, Asexual और Sexual reproduction पाया जाता है। |
Fungi में Cell Wall Composition (कोशिका भित्ति की संरचना)
Fungi की कोशिका के बाहर एक मजबूत Cell Wall पाई जाती है। यह Cell Wall कोशिका को सुरक्षा और निश्चित आकार प्रदान करती है।
| घटक | विवरण |
|---|---|
| Chitin | अधिकांश Fungi की Cell Wall का मुख्य घटक Chitin होता है। |
| Glucans | कुछ Fungi में Glucans भी Cell Wall में पाए जाते हैं। |
| Proteins और अन्य पदार्थ | Cell Wall में कुछ मात्रा में Proteins तथा अन्य पदार्थ भी पाए जाते हैं। |
Fungi में Reproduction (प्रजनन)
Fungi में प्रजनन तीन मुख्य प्रकार से होता है: Vegetative, Asexual और Sexual reproduction
| प्रजनन का प्रकार | विवरण |
|---|---|
| Vegetative Reproduction | इसमें Fungi का नया शरीर Hyphae के टूटने, Budding आदि द्वारा बनता है। |
| Asexual Reproduction | इसमें बिना लैंगिक प्रक्रिया के Spores द्वारा नए Fungi का निर्माण होता है। |
| Sexual Reproduction | इसमें दो लैंगिक कोशिकाओं के संलयन से नए Fungi का निर्माण होता है। |
Fungi का Classification (वर्गीकरण)
Classification का अर्थ है Fungi को उनकी संरचना, प्रजनन और अन्य विशेषताओं के आधार पर अलग-अलग समूहों में बांटना।
| Fungi का समूह | मुख्य विशेषता |
|---|---|
| Phycomycetes | सरल संरचना वाले Fungi, जिनमें सामान्यतः Mycelium पाया जाता है। |
| Ascomycetes | इनमें Ascospores बनते हैं। उदाहरण: Peziza |
| Basidiomycetes | इनमें Basidiospores पाए जाते हैं। उदाहरण: Puccinia |
| Deuteromycetes | इनमें केवल Asexual reproduction ज्ञात होता है। |
Unit-1 Revision Points
| Topic | याद रखने योग्य बातें |
|---|---|
| Cell Wall | मुख्य रूप से Chitin से बनी होती है। |
| Reproduction | Vegetative, Asexual और Sexual तीन प्रकार। |
| Classification | Fungi को उनकी संरचना और प्रजनन के आधार पर वर्गीकृत किया जाता है। |
Unit - 2 : Structure and Life History of Important Fungal Genera
इस Unit में कुछ महत्वपूर्ण Fungal Genera जैसे Synchytrium, Albugo, Peziza, Puccinia और Alternaria की संरचना (Structure) और जीवन चक्र (Life History) का अध्ययन किया जाता है।
1. Synchytrium
Synchytrium एक परजीवी (Parasitic) कवक है जो मुख्य रूप से पौधों में रोग उत्पन्न करता है। यह सरल संरचना वाला कवक है और इसका शरीर एक कोशिका वाला हो सकता है।
Structure (संरचना)
Synchytrium का शरीर मेजबान पौधे की कोशिकाओं के अंदर विकसित होता है। इसमें विशेष प्रकार की संरचनाएं बनती हैं जिन्हें Spore Sori कहते हैं।
Life Cycle (जीवन चक्र)
इसके जीवन चक्र में Zoospore का निर्माण होता है। Zoospore पौधे की कोशिका में प्रवेश करके नई संरचना बनाता है और बाद में नए Spores बनते हैं।
2. Albugo
Albugo एक परजीवी कवक है जो Crucifer परिवार के पौधों में White Rust रोग उत्पन्न करता है।
Structure (संरचना)
इसका Mycelium पौधे के ऊतकों के अंदर विकसित होता है। इसमें Asexual reproduction द्वारा Zoospores और Sexual reproduction द्वारा Oospores बनते हैं।
Life Cycle (जीवन चक्र)
Albugo के जीवन चक्र में Mycelium, Sporangia और Oospores मुख्य भूमिका निभाते हैं। अनुकूल परिस्थितियों में Spores अंकुरित होकर नए संक्रमण को जन्म देते हैं।
3. Peziza
Peziza एक Ascomycetes कवक है। यह सामान्यतः मृत और सड़े हुए कार्बनिक पदार्थों पर पाया जाता है।
Structure (संरचना)
Peziza का शरीर Cup-shaped होता है। इसके फलन शरीर (Fruiting body) को Apothecium कहते हैं। इसमें Ascus पाए जाते हैं जिनमें Ascospores बनते हैं।
Life Cycle (जीवन चक्र)
Peziza में Sexual reproduction द्वारा Ascospores बनते हैं। ये Spores अनुकूल परिस्थितियों में अंकुरित होकर नया Mycelium बनाते हैं।
4. Puccinia
Puccinia एक महत्वपूर्ण Basidiomycetes कवक है। यह गेहूं में Black Rust रोग उत्पन्न करता है।
Structure (संरचना)
Puccinia का Mycelium पौधे के अंदर विकसित होता है। इसमें कई प्रकार के Spores पाए जाते हैं जैसे: Uredospores, Teleutospores और Basidiospores।
Life Cycle (जीवन चक्र)
Puccinia का जीवन चक्र जटिल होता है। इसमें कई प्रकार के Spores बनते हैं और यह अक्सर दो अलग-अलग पौधों पर अपना जीवन चक्र पूरा करता है।
5. Alternaria
Alternaria एक Deuteromycetes कवक है। यह कई पौधों में रोग उत्पन्न करता है।
Structure (संरचना)
Alternaria का शरीर Septate Mycelium से बना होता है। इसमें विशेष प्रकार के Spores बनते हैं जिन्हें Conidia कहते हैं।
Life Cycle (जीवन चक्र)
Alternaria में मुख्य रूप से Asexual reproduction पाया जाता है। Conidia हवा द्वारा फैलकर नए पौधों को संक्रमित करते हैं।
Unit - 2 Important Questions
1. Synchytrium की संरचना एवं जीवन चक्र का वर्णन कीजिए।
2. Albugo के जीवन चक्र और White Rust रोग को समझाइए।
3. Peziza की संरचना और प्रजनन का वर्णन कीजिए।
4. Puccinia के जीवन चक्र का विस्तार से वर्णन कीजिए।
5. Alternaria की संरचना एवं जीवन चक्र समझाइए।
Unit - 3 : Phytopathology (पादप रोग विज्ञान)
Phytopathology Botany की वह शाखा है जिसमें पौधों में होने वाले रोगों, उनके कारण, लक्षण और नियंत्रण का अध्ययन किया जाता है।
पौधों में रोग उत्पन्न करने वाले जीवों को Pathogens कहते हैं। इनमें Fungi, Bacteria, Virus और Nematodes प्रमुख हैं।
1. Terms and Concepts of Phytopathology
Disease (रोग): जब किसी पौधे की सामान्य क्रियाओं में बाधा उत्पन्न होती है और उसकी वृद्धि प्रभावित होती है, तो उसे Plant Disease कहते हैं।
Host (मेजबान): वह पौधा जिस पर रोग उत्पन्न करने वाला जीव रहता है, Host कहलाता है।
Pathogen (रोगजनक): वह जीव जो पौधों में रोग उत्पन्न करता है, Pathogen कहलाता है।
2. General Symptoms of Plant Diseases
पौधों में रोग होने पर कुछ सामान्य लक्षण दिखाई देते हैं। इन लक्षणों की सहायता से रोग की पहचान की जाती है।
मुख्य Symptoms:
• पौधों की वृद्धि रुक जाना।
• पत्तियों का पीला पड़ना (Chlorosis)।
• पत्तियों पर धब्बे बनना।
• पौधे का मुरझाना (Wilting)।
• तनों और जड़ों में सड़न उत्पन्न होना।
3. Host-Pathogen Relationship
Host-Pathogen Relationship का अर्थ है मेजबान पौधे और रोग उत्पन्न करने वाले जीव के बीच संबंध।
जब कोई Pathogen पौधे में प्रवेश करता है तो वह पौधे से पोषक पदार्थ प्राप्त करता है और पौधे की सामान्य क्रियाओं को प्रभावित करता है।
रोग का विकास Host की प्रतिरोधक क्षमता और Pathogen की क्षमता पर निर्भर करता है।
4. Disease Cycle (रोग चक्र)
Disease Cycle उन सभी घटनाओं का क्रम है जिनके द्वारा रोगजनक का विकास, फैलाव और संक्रमण होता है।
Disease Cycle में मुख्य चरण होते हैं:
1. Inoculation: Pathogen का पौधे के संपर्क में आना।
2. Penetration: Pathogen का पौधे के अंदर प्रवेश करना।
3. Infection: पौधे में रोग का विकास होना।
4. Spread: रोग का दूसरे पौधों तक फैलना।
5. Control of Plant Diseases (पौध रोग नियंत्रण)
Plant diseases को नियंत्रित करने के लिए विभिन्न उपाय अपनाए जाते हैं।
मुख्य नियंत्रण उपाय:
1. Cultural Method:
फसल चक्र, उचित सिंचाई और खेत की सफाई द्वारा रोग नियंत्रण।
2. Chemical Method:
Fungicides और अन्य रसायनों का उपयोग करके रोग नियंत्रण।
3. Biological Method:
लाभकारी सूक्ष्मजीवों द्वारा रोगजनकों को नियंत्रित करना।
4. Resistant Varieties:
रोग प्रतिरोधी पौधों की किस्मों का उपयोग।
Unit - 3 Important Questions
1. Phytopathology की परिभाषा एवं महत्व समझाइए।
2. Host-Pathogen Relationship का वर्णन कीजिए।
3. Plant Disease Cycle को विस्तार से समझाइए।
4. Plant diseases के नियंत्रण के विभिन्न उपायों का वर्णन कीजिए।
5. Plant diseases के सामान्य लक्षणों का वर्णन कीजिए।
Unit - 4 : Plant Diseases, Lichens and Mycorrhiza
इस Unit में विभिन्न पौधों के रोगों के कारण (Cause), लक्षण (Symptoms) और नियंत्रण (Control Measures) का अध्ययन किया जाता है। इसके साथ ही Lichens और Mycorrhiza का भी अध्ययन किया जाता है।
1. Citrus Canker (नींबू का कैंकर रोग)
Citrus Canker एक महत्वपूर्ण पौध रोग है जो Citrus पौधों में पाया जाता है। यह रोग मुख्य रूप से Bacteria द्वारा उत्पन्न होता है।
Symptoms (लक्षण)
• पत्तियों, तनों और फलों पर भूरे रंग के धब्बे बन जाते हैं।
• प्रभावित भाग उभरे हुए दिखाई देते हैं।
• पौधे की वृद्धि प्रभावित होती है।
Control (नियंत्रण)
रोगग्रस्त भागों को हटाकर नष्ट करना चाहिए तथा उचित रासायनिक नियंत्रण उपाय अपनाने चाहिए।
2. Little Leaf of Brinjal (बैंगन का छोटा पत्ता रोग)
यह रोग बैंगन के पौधों में पाया जाता है और इसके कारण पौधे की सामान्य वृद्धि रुक जाती है।
Symptoms
• पत्तियां छोटी हो जाती हैं।
• पौधे की वृद्धि कम हो जाती है।
• फूल और फल का विकास प्रभावित होता है।
Control
रोग फैलाने वाले कीटों का नियंत्रण करना और स्वस्थ पौधों का उपयोग करना चाहिए।
3. Early and Late Blight of Potato
आलू का Blight रोग एक महत्वपूर्ण रोग है जो मुख्य रूप से कवक द्वारा उत्पन्न होता है।
Early Blight
इस रोग में पत्तियों पर भूरे रंग के धब्बे बनते हैं और धीरे-धीरे पत्तियां सूखने लगती हैं।
Late Blight
इस रोग में पत्तियों पर बड़े भूरे धब्बे बनते हैं और अधिक संक्रमण होने पर पूरी फसल नष्ट हो सकती है।
Control
उचित Fungicides का प्रयोग, रोग मुक्त बीजों का उपयोग और खेत की सफाई द्वारा नियंत्रण किया जा सकता है।
4. Black Stem Rust of Wheat (गेहूं का काला तना रतुआ)
यह रोग Puccinia graminis नामक कवक द्वारा उत्पन्न होता है।
Symptoms
• तने पर काले रंग के धब्बे दिखाई देते हैं।
• पौधे कमजोर हो जाते हैं।
• उत्पादन में कमी आती है।
Control
रोग प्रतिरोधी किस्मों का उपयोग और उचित कृषि विधियों द्वारा इसका नियंत्रण किया जाता है।
5. White Rust of Crucifers
White Rust रोग Crucifer परिवार के पौधों में पाया जाता है। इसका कारण Albugo नामक कवक है।
Symptoms
पत्तियों और तनों पर सफेद रंग के धब्बे दिखाई देते हैं।
Control
स्वस्थ बीजों का उपयोग और उचित Fungicide द्वारा रोग को नियंत्रित किया जा सकता है।
6. Red Rot of Sugarcane (गन्ने का लाल सड़न रोग)
यह रोग गन्ने का एक गंभीर रोग है जो कवक द्वारा उत्पन्न होता है।
Symptoms
• तने के अंदर लाल रंग दिखाई देता है।
• पत्तियां पीली पड़ने लगती हैं।
• गन्ने की गुणवत्ता और उत्पादन कम हो जाता है।
Control
रोग मुक्त बीजों का प्रयोग और रोगग्रस्त पौधों को हटाना आवश्यक है।
Lichens (लाइकेन)
Lichen एक Symbiotic association है जिसमें Fungus और Algae साथ मिलकर रहते हैं।
Fungus पानी और खनिज पदार्थ उपलब्ध कराता है जबकि Algae भोजन का निर्माण करता है।
Types of Lichens
1. Crustose Lichen
2. Foliose Lichen
3. Fruticose Lichen
Economic Importance
• Lichens वायु प्रदूषण के सूचक होते हैं।
• इनसे कुछ औषधीय पदार्थ प्राप्त होते हैं।
• ये चट्टानों के निर्माण में सहायता करते हैं।
Mycorrhiza
Mycorrhiza Fungus और पौधों की जड़ों के बीच पाया जाने वाला लाभकारी संबंध है।
Types of Mycorrhiza
Ectomycorrhiza:
इसमें Fungus जड़ की बाहरी सतह पर पाया जाता है।
Endomycorrhiza:
इसमें Fungus जड़ की कोशिकाओं के अंदर प्रवेश करता है।
Significance of Mycorrhiza
• पौधों में जल और खनिजों का अवशोषण बढ़ाता है।
• पौधों की वृद्धि में सहायता करता है।
• रोगों से सुरक्षा प्रदान करता है।
Final Important Questions for Examination
1. Citrus Canker के कारण, लक्षण एवं नियंत्रण लिखिए।
2. Potato Blight रोग का वर्णन कीजिए।
3. Wheat Rust रोग का जीवन चक्र एवं नियंत्रण समझाइए।
4. Lichen की संरचना एवं आर्थिक महत्व बताइए।
5. Mycorrhiza के प्रकार एवं महत्व समझाइए।
🌿 BRABU Semester 2 Botany (MJC)
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